खबरीलाल डेस्क
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण (Air Pollution) पर लगाम कसने और सड़कों से जर्जर व अधिक धुआं छोड़ने वाले पुराने वाहनों को हटाने के लिए प्रशासन अब बेहद सख्त और प्रभावी रुख अपना चुका है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में प्रदूषण नियंत्रण और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 'परिवर्तन योजना' (Parivartan Yojana) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।READ ALSO:-बिजनौर पुलिस का बड़ा एक्शन: चांदपुर में R15 बाइक से राहगीरों के मोबाइल लूटने वाले गैंग का पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार!
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शनिवार को मेरठ कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी (DM Meerut) डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में योजना के नियमों, पात्रता और मिलने वाले वित्तीय प्रोत्साहनों (Financial Incentives) पर विस्तार से चर्चा की गई। यह योजना वाहन मालिकों के लिए एक तरफ जहां पुराने कबाड़ हो चुके वाहनों से छुटकारा पाने का जरिया है, वहीं नए और आधुनिक वाहनों पर शिफ्ट होने के लिए आर्थिक रूप से बेहद फायदेमंद साबित होगी। आइए जानते हैं इस योजना से जुड़ी हर एक खास बात।
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परिवर्तन योजना के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

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    योजना लागू रहने की अवधि: 14 जुलाई 2026 से लेकर 13 जुलाई 2028 तक। पात्र वाहन मालिक इस अवधि (13 जुलाई 2028 तक) के भीतर इसका लाभ उठा सकेंगे।
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    मुख्य लाभार्थी: यह योजना मुख्य रूप से भारी व्यावसायिक वाहनों—विशेषकर ट्रक और बस (Truck and Bus) मालिकों के लिए लाई गई है।
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    वाहन की पात्रता: पुराना वाहन कम से कम BS-3 या उससे पुराना होना चाहिए और उसका 30 अप्रैल 2026 तक एनसीआर (NCR) क्षेत्र में पंजीकृत होना अनिवार्य है।
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    स्क्रैपिंग की प्रक्रिया: वाहन को सरकार द्वारा अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVFS - Registered Vehicle Scrapping Facility) में ही स्क्रैप कराना होगा।
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    नया वाहन: स्क्रैपिंग के बाद खरीदा जाने वाला नया वाहन BS-6 डीजल, CNG या इलेक्ट्रिक (EV) श्रेणी का होना चाहिए।
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वाहन मालिकों को मिलेंगे ये जबरदस्त वित्तीय प्रोत्साहन (Financial Incentives)

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पुराने और प्रदूषणकारी वाहनों को सड़क से हटाने के लिए सरकार ने वाहन मालिकों पर पैसों का बोझ डालने के बजाय उन्हें कई स्तर पर भारी राहत देने का प्रावधान किया है:
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    मोटर वाहन कर में 100% छूट: योजना के तहत नया वाहन खरीदने पर शुरुआती 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर (Motor Vehicle Tax) में 100% की पूर्ण छूट दी जाएगी।
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    पंजीकरण शुल्क माफ: नए वाहन के रजिस्ट्रेशन के दौरान लगने वाले पंजीकरण शुल्क (Registration Fee) पर भी 100% छूट का प्रावधान है।
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    बैंक लोन पर ब्याज सहायता (Interest Subsidy): नया वाहन खरीदने के लिए यदि वाहन मालिक बैंक से ऋण (Loan) लेते हैं, तो उन्हें 5 वर्षों तक 5% ब्याज सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
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    ऑटोमोबाइल कंपनियों की ओर से छूट: वाहन निर्माता कंपनियों (OEMs) की तरफ से नए वाहन की एक्स-शोरूम कीमत पर न्यूनतम 8% की सीधी छूट (Discount) दी जाएगी।
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    अन्य लाभ: पात्रता शर्तों के अनुसार स्क्रैपिंग वैल्यू, सीओडी (COD), ईंधन वाउचर और ईवी प्रोत्साहन (EV Incentives) का लाभ भी मिलेगा।
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किन वाहनों पर लागू नहीं होगी यह योजना? (Exclusions)

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यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि 'परिवर्तन योजना' सभी प्रकार के वाहनों के लिए नहीं है। अधिकारियों ने बैठक में यह जानकारी दी कि निम्नलिखित श्रेणियों के वाहन इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं:
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    आम जनता की कारें और दोपहिया वाहन (Cars and Two-wheelers)।
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    कृषि कार्य में प्रयुक्त होने वाले ट्रैक्टर (Tractors)।
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    सभी प्रकार के गैर-परिवहन निजी वाहन (Non-transport Private Vehicles)।
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    सरकारी स्वामित्व वाले वाहन (Government-owned Vehicles)।
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यह योजना विशुद्ध रूप से व्यावसायिक परिवहन (Commercial Transport) सेक्टर के लिए है, जहां सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले पुराने भारी वाहन संचालित होते हैं।
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प्रशासन की तैयारियां और अधिकारियों की मौजूदगी

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बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने सभी संबंधित विभागों, परिवहन व्यवसायियों (Transport Operators), वाहन डीलरों और आरवीएसएफ (RVSF) संचालकों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इसके बारे में जान सकें। साथ ही, पात्र वाहन मालिकों को आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभों की पूरी जानकारी देकर उनकी हरसंभव सहायता की जाए।
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इस महत्वपूर्ण बैठक में जनपद के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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    पुलिस अधीक्षक यातायात (SP Traffic) राजेश कुमार श्रीवास्तव
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    मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. राम प्रसाद
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    जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह
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    जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह
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    एआरटीओ प्रशासन विकास कुमार यादव
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    एआरटीओ प्रवर्तन सुधांशु रंजन
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पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद

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मेरठ प्रशासन की यह पहल एनसीआर क्षेत्र में घटती हवा की गुणवत्ता (Air Quality Index) को सुधारने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। एक तरफ जहां पुराने और कबाड़ हो चुके इंजन सड़कों से हटेंगे, वहीं दूसरी ओर ट्रांसपोर्टर्स को आधुनिक, बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों पर शिफ्ट होने के लिए बेहतरीन आर्थिक संबल मिलेगा। यदि आप भी एक पुराने बीएस-3 ट्रक या बस के मालिक हैं, तो 13 जुलाई 2028 से पहले इस योजना का लाभ उठाकर भारी टैक्स छूट का फायदा जरूर उठाएं।