दिल्ली से सटे गाजियाबाद और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चाइनीज मांझे (Chinese Manjha) का जानलेवा आतंक एक बार फिर खौफ का सबब बन गया है। प्रशासन की लाख सख्ती और प्रतिबंधों के बावजूद बाजार में चोरी-छिपे बिक रहा यह 'मौत का धागा' लगातार बेगुनाहों की जान ले रहा है। शनिवार शाम गाजियाबाद के नेशनल हाईवे-9 पर एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ, जहां एक हंसते-खेलते युवक को इस अदृश्य फंदे ने मौत के घाट उतार दिया।READ ALSO:-मौसम का महा-अलर्ट: बंगाल और ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट', दिल्ली-यूपी समेत 15 राज्यों में मूसलाधार आफत
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सपनों को कुचल गया चाइनीज मांझा: कौन था रविराज?
\r\n\r\nमूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला 25 वर्षीय रविराज अपने और अपने परिवार के बेहतर भविष्य के सपने लेकर यूपी आया था। वह नोएडा के सेक्टर-63 स्थित बहलमपुर गांव में किराए के कमरे में रहता था और एक ई-कॉमर्स कंपनी में ऑनलाइन डिलीवरी का काम करके अपनी आजीविका चलाता था।
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शनिवार शाम 6 बजे का वह खौफनाक मंजर: शनिवार को छुट्टी के दिन रविराज अपने करीबी दोस्त नरेश के साथ बाइक से घूमने निकला था। वे दोनों दिल्ली के गाजीपुर जाने वाले थे। बाइक रविराज ही चला रहा था। यातायात नियमों का पालन करते हुए उसने सिर पर हेलमेट भी पहन रखा था, लेकिन उसे क्या पता था कि मौत सड़क पर नहीं, बल्कि हवा में एक अदृश्य धागे के रूप में उसका इंतजार कर रही है।
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रविराज और नरेश नोएडा के सेक्टर-43 कट से जैसे ही नेशनल हाईवे-9 (NH-9) पर कौशांबी थाना क्षेत्र के पास पहुंचे, तभी अचानक हवा में लटकता हुआ एक चाइनीज मांझा रविराज के गले में आकर उलझ गया।
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बाइक की रफ्तार और मांझे की धार ने किया काम तमाम
\r\n\r\nहाईवे होने के कारण बाइक की रफ्तार सामान्य से थोड़ी तेज थी। गले में मांझा फंसते ही रविराज ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन बाइक की गति और नायलॉन के मांझे की खतरनाक धार ने एक झटके में आरी (ब्लेड) का काम किया।
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मांझा इतना धारदार था कि उसने हेलमेट के नीचे से रविराज की गर्दन को चीर दिया। घाव इतना गहरा था कि गर्दन की नसें और हड्डी तक कट गई। सड़क पर फव्वारे की तरह खून बहने लगा और रविराज वहीं बाइक से गिरकर तड़पने लगा।
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दोस्त की चीख-पुकार और बेबसी: पीछे बैठे दोस्त नरेश ने किसी तरह गिरती हुई बाइक को संभाला। उसने बीच सड़क पर चीख-पुकार मचाकर राहगीरों से मदद की गुहार लगाई। खून से लथपथ रविराज की जान बचाने के लिए नरेश ने अपने गले का गमछा निकालकर तुरंत उसकी गर्दन पर कसकर बांध दिया ताकि खून का बहाव रुक सके।
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राहगीरों की सूचना पर कौशांबी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल रविराज को तुरंत वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया गया। लेकिन घाव इतना गहरा था और शरीर से इतना ज्यादा खून बह चुका था कि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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पोस्टमॉर्टम से परिजनों का इनकार, पुलिस महकमे में हड़कंप
\r\n\r\nइस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही गाजियाबाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य तुरंत अस्पताल पहुंचे और घटना की विस्तृत जानकारी ली।
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डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि रविराज की गर्दन पर लगभग 5 सेंटीमीटर गहरा और लंबा घाव था, जिसने श्वास नली और हड्डी दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचाया था। हालांकि, दुख में डूबे परिजनों ने पुलिस कार्यवाही और शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और बिना पोस्टमॉर्टम कराए शव को अपने साथ नोएडा ले गए।
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लगातार हो रही मौतें: चाइनीज मांझे से हुईं 5 हालिया बड़ी और दर्दनाक घटनाएं
\r\n\r\nयूपी में चाइनीज मांझे से यह कोई पहली मौत नहीं है। पिछले कुछ महीनों में इस खूनी धागे ने कई परिवारों के चिराग बुझाए हैं:
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- \r\n लखनऊ (11 दिसंबर 2025): बाइक से अपने घर जा रहे एक युवक की गर्दन इस मांझे से कट गई थी। गनीमत रही कि रफ्तार कम थी। डॉक्टरों ने गले में सात टांके लगाकर बड़ी मुश्किल से युवक की जान बचाई।\r\n \r\n
- \r\n शाहजहांपुर (23 अक्टूबर 2025): थाना कांट क्षेत्र के नगला जाजू निवासी 26 वर्षीय रवि शर्मा अपनी पत्नी के साथ ससुराल जा रहे थे। रास्ते में चाइनीज मांझा गर्दन में फंसने से उनकी गर्दन बुरी तरह कट गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।\r\n \r\n
- \r\n अलीगढ़ (30 सितंबर 2025): 28 वर्षीय सलमान स्कूटर से अपनी दुकान जा रहे थे। जमालपुर पुल के पास चाइनीज मांझा गर्दन में उलझा। गहरा कट लगने के कारण अत्यधिक खून बह गया, जिससे अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया।\r\n \r\n
- \r\n गोरखपुर (29 जुलाई 2025): अमित गुप्ता अपनी मां के साथ बाइक से धर्मशाला जा रहे थे। सूरजकुंड पुल पर अचानक मांझा फंसा, जिससे उनके गले की 4 नसें कट गईं। हेलमेट पहनने के बावजूद उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें लंबे समय तक आईसीयू में रहना पड़ा।\r\n \r\n
- \r\n शाहजहांपुर (11 जनवरी 2025): अपनी ड्यूटी पर जा रहे यूपी पुलिस के कांस्टेबल शाहरुख हसन चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए थे। गर्दन की नस कटने से इलाज के दौरान इस होनहार जवान की मौत हो गई थी।\r\n \r\n
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क्यों है चाइनीज मांझा इतना खतरनाक और आखिर यह बनता कैसे है?
\r\n\r\nलोगों में एक बड़ा भ्रम है कि 'चाइनीज मांझा' चीन (China) से बनकर आता है। हकीकत में इसे भारत में ही अवैध रूप से तैयार किया जाता है। इसे बाजार में 'प्लास्टिक मांझा' या 'नायलॉन धागा' भी कहा जाता है।
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सामान्य सूती (Cotton) मांझे के विपरीत, इसे नायलॉन और सिंथेटिक धागों से बनाया जाता है, जिसे कभी तोड़ा नहीं जा सकता। इसे और ज्यादा धारदार बनाने के लिए धागे के ऊपर मेटेलिक पाउडर, कांच के चूरे और लोहे के डस्ट (Metal/Glass coating) का लेप चढ़ाया जाता है। यह इतना मजबूत होता है कि पक्षियों के पंख काट देता है और इंसान के गले में फंसने पर सर्जिकल ब्लेड से भी ज्यादा खतरनाक साबित होता है।
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कानून और सजा: बनाने, बेचने और उड़ाने पर क्या है प्रावधान?
\r\n\r\nभारत की शीर्ष पर्यावरण अदालत, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने साल 2017 में ही देश भर में नायलॉन या चाइनीज मांझे की खरीद, बिक्री, स्टोरेज और इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इसे पूरी तरह से बैन किया हुआ है।
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सजा का प्रावधान:
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- \r\n पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986: इस अधिनियम की धारा 15 के तहत चाइनीज मांझा बनाने, बेचने या इससे पतंग उड़ाने पर 5 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है।\r\n \r\n
- \r\n दुकान सील: पकड़े जाने पर प्रशासन तुरंत दुकान सील कर देता है और कई बार जमानत मिलने में भी मुश्किलें आती हैं।\r\n \r\n
- \r\n गैर-इरादतन हत्या: यदि इस मांझे की चपेट में आने से किसी इंसान की मौत हो जाती है, तो पतंग उड़ाने वाले या मांझा बेचने वाले पर धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) जैसी गंभीर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।\r\n \r\n
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देश के किन-किन राज्यों में चाइनीज मांझे पर लगा है पूर्ण प्रतिबंध?
\r\n\r\nमानव जीवन, पशु-पक्षियों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए देश के अधिकांश राज्यों ने इस पर सख्त बैन लगा रखा है:
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- \r\n दिल्ली: 2017 से ही नायलॉन और कांच-कोटेड मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है।\r\n \r\n
- \r\n हरियाणा (गुरुग्राम): वर्ष 2025 में स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले जिला प्रशासन ने सिंथेटिक धागों की बिक्री पर धारा 144 के तहत रोक लगाई थी।\r\n \r\n
- \r\n कर्नाटक: पशु अधिकार संस्था PETA इंडिया की अपील के बाद राज्य सरकार ने सभी प्रकार के कांच या धातु-कोटेड खतरनाक धागों पर रोक लगा दी है।\r\n \r\n
- \r\n महाराष्ट्र: पक्षियों और इंसानों को कटने से बचाने के लिए राज्य सरकार ने सिंथेटिक और कांच लगे मांझे को अवैध घोषित किया है।\r\n \r\n
- \r\n पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़: सिंथेटिक, नायलॉन और खतरनाक रसायनों से बने धागों की बिक्री और उपयोग पर सख्त पाबंदी है।\r\n \r\n
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इसके अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, पंजाब, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम जैसे राज्यों में भी सरकारें हर साल मकर संक्रांति, 15 अगस्त और बसंत पंचमी जैसे त्योहारों से पहले विशेष अभियान चलाकर इस पर नकेल कसती हैं।
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\r\nअपील: प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण संस्थाओं की आम जनता से अपील है कि पतंगबाजी के लिए केवल पारंपरिक 'सूती मांझे' (Cotton String) का ही इस्तेमाल करें। चंद रुपयों के सस्ते और मजबूत चाइनीज मांझे की जिद किसी बेगुनाह के घर का चिराग बुझा सकती है। यदि आपको कहीं भी इसकी बिक्री होती दिखे, तो तुरंत पुलिस (112) को सूचना दें।\r\n