नई दिल्ली (Business & Auto Desk): अगर आप भी दिल्ली-एनसीआर में कार, ऑटो, टैक्सी या कैब चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीएनजी की खुदरा कीमतों में बड़ा संशोधन किया गया है।
\r\n\r\nकीमतों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी के बाद, दिल्ली में CNG की कीमत 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर सीधे 86.98 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। प्रति किलो 3.89 रुपये की इस वृद्धि का सीधा असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों, कमर्शियल वाहन चालकों और माल ढोने वाले ट्रांसपोर्टर्स के मासिक बजट पर पड़ेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि अचानक सीएनजी के दामों में यह भारी उछाल क्यों आया है।
\r\n\r\nसीएनजी अचानक महंगी क्यों हुई है? (Reasons for Price Hike)
\r\n\r\nइंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने कीमतों में इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेचुरल गैस की सप्लाई में आई रुकावट और भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) को बताया है। कंपनी के अनुसार, इसके पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण जिम्मेदार हैं:
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- \r\n वेस्ट एशिया का संकट और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की अनिश्चितता: जुलाई के महीने से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं। मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में चल रहे युद्ध और तनाव के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी रूट—'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz)—से होने वाले गैस शिपमेंट को लेकर भारी अनिश्चितता पैदा हो गई है।\r\n \r\n
- \r\n इम्पोर्टेड स्पॉट LNG पर निर्भरता: भारत अपनी जरूरत की गैस का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। CNG सेगमेंट को सप्लाई की जाने वाली गैस का एक बड़ा हिस्सा 'इम्पोर्टेड स्पॉट LNG' (Imported Spot LNG) के जरिए आता है। वैश्विक बाजार में कीमतें बढ़ने से इनपुट कॉस्ट (लागत) पर भारी दबाव पड़ा है।\r\n \r\n
\r\n\r\nइंटरनेशनल LNG मार्केट में कितना आया उछाल?
\r\n\r\nIGL ने बेंचमार्क गैस की कीमतों में आए भूचाल का आंकड़ेवार ब्योरा भी साझा किया है, जिससे स्थिति की गंभीरता समझी जा सकती है:
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- \r\n यूरोपियन TTF कीमतें: फरवरी के आखिर में जो कीमतें लगभग 11.36 अमेरिकी डॉलर (USD) प्रति MMBTU थीं, वे 27 अगस्त तक बढ़कर 23.35 USD प्रति MMBTU तक पहुंच गईं। यानी इसमें करीब 105% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।\r\n \r\n
- \r\n एशियन JKM LNG कीमतें: एशियाई बाजार में बेंचमार्क मानी जाने वाली JKM LNG की कीमतें लगभग 10.99 USD से उछलकर 23.41 USD प्रति MMBTU हो गईं। यह लगभग 113% की रिकॉर्ड वृद्धि है।\r\n \r\n
\r\n\r\n'कैलिब्रेटेड' बढ़ोतरी: कंपनी ने क्या कहा?
\r\n\r\nइतनी भारी-भरकम लागत बढ़ने के बावजूद IGL का कहना है कि उन्होंने कीमतों में पूरी बढ़ोतरी ग्राहकों पर नहीं डाली है। कंपनी ने इसे एक ‘कैलिब्रेटेड’ (सोच-समझकर की गई) बढ़ोतरी बताया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस की बढ़ी हुई लागत का एक बड़ा हिस्सा कंपनी खुद वहन करे, ताकि उपभोक्ताओं पर एकदम से भारी बोझ न पड़े। साथ ही, इसका मकसद दिल्ली-एनसीआर में बिना किसी रुकावट और भरोसेमंद गैस सप्लाई (Uninterrupted Supply) को बनाए रखना है।
\r\n\r\nपेट्रोल-डीजल के मुकाबले क्या अभी भी किफायती है सीएनजी?
\r\n\r\nकीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद IGL का तर्क है कि अन्य पारंपरिक ईंधन (जैसे पेट्रोल और डीजल) की तुलना में दिल्ली में सीएनजी की कीमत अभी भी किफायती बनी हुई है। हालांकि, कमर्शियल चालकों (जैसे ऑटो और कैब ड्राइवर्स) का कहना है कि लगातार बढ़ रहे ईंधन के दाम उनके मुनाफे को कम कर रहे हैं।
\r\n\r\nविशाल नेटवर्क का दायरा:
\r\n\r\nइंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड दिल्ली-एनसीआर और आसपास के अन्य शहरों में देश का एक बहुत बड़ा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क चलाती है। यह नेटवर्क हजारों किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइनों और देश भर में फैले 1,000 से ज्यादा आधुनिक सीएनजी स्टेशनों के माध्यम से प्रतिदिन लाखों गाड़ियों, कमर्शियल वाहनों और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपभोक्ताओं तक ईंधन पहुंचाता है।
\r\n\r\nआम जनता और वाहन चालकों पर असर
\r\n\r\nदिल्ली में सीएनजी के दाम बढ़ने से ऑटो, टैक्सी और कैब किराए में हल्का असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, डिलीवरी वैन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यवसायों की लागत भी बढ़ेगी। यदि आप रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं, तो अपने यात्रा बजट को अब नए रेट्स (₹86.98 प्रति किलो) के हिसाब से प्लान करना होगा।
\r\n\r\nवैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर अब घरेलू बाजार पर दिखने लगा है। खाड़ी देशों के संकट ने एक बार फिर ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) और वैकल्पिक ईंधनों की कीमतों पर बहस छेड़ दी है। फिलहाल, दिल्ली के वाहन चालकों को अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार रहना होगा।
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