खबरीलाल डेस्क
देश भर में मॉनसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र बनने और मानसूनी हवाओं के तीव्र होने से देश के पूर्वी, उत्तरी और मध्य भागों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया दौर शुरू हो रहा है।READ ALSO:-बिजनौर: रावली बांध पहुंचे प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल, बाढ़ तैयारियों का लिया जायजा; प्रभावितों को बांटी राहत सामग्री
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तटीय इलाकों में समुद्र के भीतर 40 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है, जिससे मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
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तटीय और पूर्वी भारत: बंगाल और ओडिशा में रेड अलर्ट

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पूर्वी भारत के तटीय क्षेत्रों में मौसम सबसे ज्यादा विकराल रूप दिखा सकता है।
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    गांगेय पश्चिम बंगाल और ओडिशा: मौसम विभाग ने 16 से 18 अगस्त के बीच अत्यंत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इन इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। तटीय क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज हो सकती हैं।
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    बिहार और झारखंड: झारखंड में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं बिहार में 17 से 20 अगस्त के दौरान कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है।
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    सिक्किम व उप-हिमालयी बंगाल: यहाँ 17 अगस्त को भारी और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
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पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बादल फटने का खतरा

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पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं और भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ गया है।
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    हिमाचल प्रदेश: राज्य में 17 से 22 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। विशेष रूप से 17 और 18 अगस्त को कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) होने का अलर्ट जारी किया गया है।
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    उत्तराखंड: 17 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है। इसके बाद 18 से 22 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
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    जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद: इन इलाकों में 17 से 19 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे पर्वतीय इलाकों में यात्रा करना खतरनाक हो सकता है।
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मैदानी इलाके: दिल्ली, यूपी, पंजाब और राजस्थान का हाल

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उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मॉनसून मेहरबान रहेगा और कई जगहों पर जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।
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    उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 17 अगस्त को तेज गरज-चमक के साथ बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 18 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्वी यूपी में 16 से 22 अगस्त तक रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश जारी रहेगी, जहां 17 व 18 अगस्त को वज्रपात (Lightning) का बड़ा खतरा है।
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    दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब: इन राज्यों में 17 और 18 अगस्त को कई स्थानों पर भारी बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। 18 अगस्त को अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
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    पूर्वी राजस्थान: राजस्थान के पूर्वी भागों में 19 से 21 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
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राज्यवार मौसम अलर्ट और मुख्य तिथियां

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क्षेत्र / राज्य
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अलर्ट की प्रकृति
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प्रभावित तिथियां
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गांगेय पश्चिम बंगाल व ओडिशा
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रेड अलर्ट (अत्यंत भारी बारिश + तूफानी हवाएं)
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16 से 18 अगस्त
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हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड
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ऑरेंज अलर्ट (बहुत भारी बारिश व भूस्खलन जोखिम)
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17 से 19 अगस्त
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उत्तर प्रदेश (पूर्व व पश्चिम)
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भारी से बहुत भारी बारिश व आकाशीय बिजली
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16 से 19 अगस्त
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मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़
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भारी से बहुत भारी बारिश का दौर
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16 से 21 अगस्त
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असम, मेघालय व अरुणाचल
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मूसलाधार बारिश व बिजली कड़कना
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16 से 22 अगस्त
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कोंकण, गोवा व महाराष्ट्र
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तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश
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16 से 17 अगस्त
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मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में झमाझम

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    मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 19 से 21 अगस्त के बीच मूसलाधार बारिश होगी, जिसमें 20 और 21 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
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    छत्तीसगढ़ व विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 16 से 18 अगस्त के बीच भारी से बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है। विदर्भ में भी 18 अगस्त तक बारिश का अच्छा प्रभाव दिखेगा।
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    महाराष्ट्र और गुजरात: कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के पर्वतीय इलाकों में 17 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। गुजरात रीजन में 16 और 17 अगस्त को भारी बारिश के बाद 18 से 22 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश बनी रहेगी।
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पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत का मौसम

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    पूर्वोत्तर राज्य: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 से 22 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का सिलसिला चलेगा। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है।
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    दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में 20 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर व्यापक बारिश होगी। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।
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समुद्र तटों और मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

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मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों जगह समुद्री गतिविधि को लेकर अलर्ट जारी किया है।
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    अरब सागर: गुजरात, ओमान और सोमालिया तट के पास 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंकों में 65 किमी/घंटा) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।
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    बंगाल की खाड़ी: ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और 65 किमी/घंटा तक की गति से हवाएं चलने की आशंका है।
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मौसम विभाग ने सलाह दी है कि 17 से 20 अगस्त के दौरान मछुआरे और तटीय इलाकों के निवासी समुद्र के पास जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें।