शकील अहमद
शकील अहमद विशेष संवाददाताII बिजनौर: गंगा नदी की प्रचंड लहरों के आगे प्रशासन के सारे प्रयास नाकाम हो गए हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग की दिन-रात की कड़ी मेहनत के बावजूद रावली से बैराज को जोड़ने वाला तटबंध टूट गया है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और करीब 2 दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।READ ALSO:-yodhya Deepotsav 2025: 26 लाख दीयों से जगमगाएगी रामनगरी, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
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तटबंध के ध्वस्त होते ही गंगा का पानी तेजी से खेतों और रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों ने बैराज रोड को पूरी तरह से बंद कर दिया है, जिससे सभी तरह के वाहनों की आवाजाही रुक गई है।
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लाख कोशिशों के बाद भी टूटा तटबंध
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पिछले कई दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था, जिससे तटबंध पर तेजी से कटान हो रहा था। प्रशासन ने इस कटान को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया। मिट्टी, पत्थर और जिओ बैग्स का इस्तेमाल कर तटबंध को मजबूत करने की कोशिशें लगातार जारी थीं, लेकिन गंगा की धार इतनी तेज थी कि तटबंध दबाव नहीं झेल सका और एक बड़ा हिस्सा ढह गया।
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गांवों पर बाढ़ का खतरा
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तटबंध टूटने से खादर क्षेत्र के गांवों में दहशत फैल गई है। पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है, जिससे हजारों लोगों के घरों और फसलों पर खतरा मंडरा रहा है। लोग अपने सामान और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों को तत्काल ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
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इस घटना के बाद अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती राहत और बचाव कार्य को जल्द से जल्द शुरू करने की है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।