शकील अहमद
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में लगातार बढ़ती यातायात समस्या और अतिक्रमण से आम जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए नगर पालिका परिषद ने सख्त कदम उठाया है। शहर की प्रमुख सड़कों और बाजारों में दुकानदारों व स्थानीय लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन ने एक व्यापक 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' की शुरुआत की है। रविवार को नगर पालिका की टीम जेसीबी (JCB) मशीनों और भारी पुलिस बल के साथ सड़कों पर उतरी। इस दौरान सड़कों के किनारे और जल निकासी के लिए बनाई गई नालियों के ऊपर किए गए पक्के और अस्थाई निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।READ ALSO:-NH-9 पर मौत का तांडव: नई बाइक की खुशी पल भर में मातम में बदली, बेलगाम ट्रक ने बागपत के दंपती को 50 मीटर तक घसीटा
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बाबा प्लाजा से शुरू हुई कार्रवाई, टूटे टिन शेड और पक्के निर्माण प्रशासनिक अमले ने अपने इस सघन अभियान की शुरुआत शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक, बाबा प्लाजा के सामने से की। नगर पालिका की टीम ने पाया कि कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर सड़क तक अतिक्रमण कर रखा था। इसके अलावा जल निकासी वाली नालियों के ऊपर पक्के स्लैब डालकर उन्हें पूरी तरह से बंद कर दिया गया था, जिससे शहर में अक्सर जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती थी। टीम ने बिना किसी रियायत के जेसीबी मशीन से दुकानों के बाहर लगे टिन शेड, अवैध होर्डिंग्स और नालियों के ऊपर बनाए गए पक्के चबूतरों को तोड़ना शुरू कर दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदारों ने आनन-फानन में अपना सामान खुद ही समेटना शुरू कर दिया, ताकि मशीन से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
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बुल्ला चौराहे पर तनाव: 'एकतरफा कार्रवाई' का आरोप और भारी हंगामा अतिक्रमण हटाओ दस्ता जब बाबा प्लाजा और आसपास के इलाकों को साफ करते हुए बिजनौर के प्रमुख बुल्ला चौराहे पर पहुंचा, तो वहां स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। चौराहे पर कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, व्यापारी और राहगीर इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते भीड़ ने नगर पालिका की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया।
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प्रदर्शन कर रहे लोगों का सीधा आरोप था कि नगर पालिका की यह कार्रवाई पारदर्शी नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने हंगामा करते हुए कहा कि प्रशासन जानबूझकर केवल सड़क के एक तरफ के अतिक्रमण को निशाना बना रहा है और गरीबों के छप्पर व अस्थाई निर्माण तोड़ रहा है, जबकि नाले के दूसरी तरफ रसूखदार लोगों द्वारा किए गए पक्के निर्माण और कब्जों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। लोगों का कहना था कि नियम सबके लिए समान होने चाहिए। इस तीखी बहस ने जल्द ही एक बड़े हंगामे का रूप ले लिया और सरकारी काम में बाधा उत्पन्न होने लगी।
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भारी पुलिस बल की एंट्री और 3 युवकों की हिरासत बुल्ला चौराहे पर हालात बेकाबू होते देख और नगर पालिका टीम के साथ हो रही तीखी नोकझोंक की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली प्रभारी (एसएचओ) अवनीत मान सिंह रवि भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने आते ही मोर्चा संभाला और हंगामा कर रही भीड़ को पीछे धकेलना शुरू किया।
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पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया कि यह एक सरकारी कार्य है और शहर के विकास तथा सुचारू यातायात के लिए बेहद जरूरी है। इसके बावजूद कुछ युवक लगातार उत्तेजक नारेबाजी कर रहे थे और बुलडोजर के आगे आकर काम को रोकने की कोशिश कर रहे थे। स्थिति को नियंत्रण में लेने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए हंगामा कर रहे तीन युवकों को मौके से हिरासत में ले लिया। तीनों युवकों को पुलिस जीप में बैठाकर सीधे शहर कोतवाली भेज दिया गया। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद वहां मौजूद भीड़ तितर-बितर हो गई और अतिक्रमण हटाने का काम फिर से शुरू हो सका।
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'लगातार जारी रहेगा अभियान': नगर पालिका की सख्त चेतावनी इस पूरे घटनाक्रम और चलाए गए अभियान के संबंध में नगर पालिका परिषद बिजनौर के अधिशासी अधिकारी (EO) रामपाल सिंह ने स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने बताया कि शहर में अतिक्रमण एक गंभीर रूप ले चुका है, जिसकी वजह से आए दिन जाम लगता है और पैदल चलने वालों के लिए सड़क पर कोई जगह नहीं बचती। नालियों पर अवैध कब्जों के कारण सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।
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अधिशासी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि, "शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अवैध रूप से किए गए सभी निर्माणों को चिन्हित कर हटाया जा रहा है। बुल्ला चौराहे पर कुछ लोगों ने गलतफहमी और अपने निजी स्वार्थ के चलते काम में बाधा डालने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस के सहयोग से स्थिति को संभाल लिया गया है। यह अभियान किसी एक व्यक्ति या वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरे शहर की भलाई के लिए है।" उन्होंने शहर के सभी नागरिकों और व्यापारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे स्वेच्छा से अपना अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा नगर पालिका का यह बुलडोजर अभियान आने वाले दिनों में भी बिना किसी भेदभाव के लगातार जारी रहेगा और नुकसान की पूरी जिम्मेदारी अतिक्रमणकारियों की होगी।