टेक्नोलॉजी डेस्क
नई दिल्ली: डिजिटल बैंकिंग के दौर में जहां लेन-देन आसान हुआ है, वहीं साइबर अपराधियों (Cyber Criminals) ने ठगी के नए-नए तरीके खोज लिए हैं। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India - SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। अगर आपके पास भी एसएमएस (SMS) या व्हाट्सएप पर कोई ऐसा मैसेज आया है जिसमें दावा किया गया है कि आपके 'SBI Reward Points' एक्सपायर होने वाले हैं, तो सावधान हो जाइए। यह आपकी मेहनत की कमाई पर डाका डालने की एक नई साजिश है।READ ALSO:-READ ALSO:-अंधेरे से उजाले की ओर यूपी: 8 सालों में 15 लाख ट्रांसफार्मर और 765 नए सब-स्टेशन; योगी सरकार ने तैयार किया 'मैन्युफैक्चरिंग हब' का पावर-मैप
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SBI ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक करते हुए बताया है कि कैसे शातिर ठग पढ़े-लिखे लोगों को भी अपने जाल में फंसा रहे हैं। इस SBI Reward Points Scam का शिकार होकर कई लोग अपनी जमा पूंजी गंवा चुके हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह ठगी कैसे काम करती है, आप इसकी पहचान कैसे कर सकते हैं और अगर गलती से आप इसके शिकार हो जाएं, तो तत्काल क्या कदम उठाने चाहिए।
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क्या है SBI Reward Points Scam?

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आजकल हैकर्स और साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए 'लालच' और 'डर' (Urgency) का मनोविज्ञान इस्तेमाल कर रहे हैं। SBI Reward Points Scam इसी का एक क्लासिक उदाहरण है।
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दरअसल, बैंक अपने ग्राहकों को ट्रांजैक्शन करने पर कुछ लॉयल्टी या रिवॉर्ड पॉइंट्स देता है, जिन्हें रिडीम करके सामान खरीदा जा सकता है या रिचार्ज किया जा सकता है। ठग इसी बात का फायदा उठाते हैं।
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ठगी का तरीका (Modus Operandi):

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    फर्जी मैसेज: ठग सबसे पहले यूजर के मोबाइल पर एक एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं।
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    लुभावना दावा: मैसेज में लिखा होता है- "प्रिय ग्राहक, आपके SBI खाते में 5000 (या कोई भी बड़ी संख्या) रिवॉर्ड पॉइंट्स जमा हैं। ये पॉइंट्स आज रात एक्सपायर हो रहे हैं। इन्हें कैश में बदलने या रिडीम करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर अभी क्लिक करें।"
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    फर्जी लिंक: मैसेज के साथ एक लिंक (Link) दिया जाता है। यह लिंक देखने में बिल्कुल एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट जैसा लगता है (जैसे https://www.google.com/search?q=sbi-rewards.com या sbi-update-kyc.net), लेकिन असल में यह एक फिशिंग (Phishing) साइट होती है।
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    डेटा चोरी: जैसे ही ग्राहक उस लिंक पर क्लिक करता है, एक फर्जी वेबसाइट खुलती है जो हूबहू SBI के ऐप या वेबसाइट जैसी दिखती है। वहां यूजर से 'पॉइंट्स रिडीम' करने के नाम पर कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी (CVV) और अंत में ओटीपी (OTP) मांगा जाता है।
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    खाता खाली: जैसे ही यूजर ओटीपी डालता है, पॉइंट्स रिडीम होने के बजाय उसके खाते से पैसे कट जाते हैं और ठग चंपत हो जाते हैं।
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SBI ने क्या चेतावनी दी है?

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भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट शेयर करते हुए साफ कहा है कि बैंक कभी भी रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करने के लिए एसएमएस के जरिए कोई लिंक नहीं भेजता है। बैंक ने कहा है कि जालसाज इतनी सफाई से मैसेज ड्राफ्ट करते हैं कि पढ़े-लिखे लोग भी धोखा खा जाते हैं।
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SBI की सलाह:

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"अनजान लिंक पर क्लिक न करें। बैंक कभी भी एसएमएस या व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर निजी जानकारी (KYC, कार्ड डिटेल) अपडेट करने या रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करने के लिए नहीं कहता। अपनी बैंकिंग डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें।"
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असली और फर्जी मैसेज की पहचान कैसे करें?

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साइबर अपराधी कितने भी शातिर क्यों न हों, वे कुछ न कुछ निशान जरूर छोड़ जाते हैं। SBI और साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आप इन तरीकों से फर्जी मैसेज (Fake Messages) की पहचान कर सकते हैं:
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1. स्पेलिंग और व्याकरण की गलतियां

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ज्यादातर फ्रॉड मैसेज में स्पेलिंग की गलतियां (Spelling Mistakes) होती हैं। भाषा अजीब होती है या व्याकरण (Grammar) गलत होता है। बैंक के आधिकारिक मैसेज पेशेवर तरीके से लिखे होते हैं और उनमें कोई गलती नहीं होती।
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2. लिंक (URL) की जांच

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सबसे महत्वपूर्ण पहचान लिंक है।
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    असली: SBI की आधिकारिक वेबसाइट हमेशा https://www.sbi.co.in या https://www.onlinesbi.com से शुरू होती है।
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    नकली: फ्रॉड लिंक में अजीब शब्द होते हैं, जैसे sbi-reward-points.apk, kaza-sbi.com, bit.ly (शॉर्ट लिंक) आदि। अगर लिंक .apk फाइल डाउनलोड करने को कहे, तो समझ जाएं कि यह वायरस या मैलवेयर है।
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3. मोबाइल नंबर vs सेंडर आईडी

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    बैंकों के मैसेज हमेशा एक विशेष 'सेंडर आईडी' (Sender ID) से आते हैं, जैसे BX-SBIINB, AX-SBIPAY आदि।
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    अगर आपको किसी सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से मैसेज आया है, तो वह 100% फ्रॉड है।
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4. 'तत्काल' (Urgency) का दबाव

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ठग हमेशा जल्दबाजी कराते हैं। "आज ही एक्सपायर हो रहा है", "तुरंत क्लिक करें", "अभी नहीं किया तो खाता बंद हो जाएगा" - ऐसी भाषा का इस्तेमाल सिर्फ आपको पैनिक (Panic) में डालने के लिए किया जाता है ताकि आप बिना सोचे-समझे क्लिक कर दें।
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5. कॉल का नंबर (1600/1800 सीरीज)

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एसबीआई ने अपनी पोस्ट में जानकारी दी है कि बैंक की ओर से अगर कोई कॉल आता है, तो वह आधिकारिक टोल-फ्री नंबरों (जैसे 1800 या 1600 सीरीज) से होगा। किसी निजी मोबाइल नंबर से आया कॉल बैंक का नहीं हो सकता। हालांकि, यह ध्यान रखें कि बैंक अधिकारी कभी भी आपसे फोन पर पासवर्ड या ओटीपी नहीं मांगते, चाहे वे किसी भी नंबर से कॉल करें।
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झांसे में आ गए तो क्या करें? (Immediate Actions)

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अगर दुर्भाग्यवश आप या आपका कोई परिचित SBI Reward Points Scam या किसी अन्य बैंकिंग फ्रॉड का शिकार हो गया है, तो घबराएं नहीं। तुरंत उठाए गए कदम आपके पैसे वापस दिला सकते हैं।
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1. 1930 पर कॉल करें (Golden Hour)

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भारत सरकार ने साइबर अपराधों को रोकने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है।
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    फ्रॉड होते ही जितनी जल्दी हो सके (विशेषकर पहले 1 घंटे के भीतर, जिसे 'गोल्डन ऑवर' कहते हैं), 1930 पर कॉल करें।
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    यह नंबर 'सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम' (CFCFRMS) से जुड़ा है।
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    आपकी शिकायत दर्ज होते ही यह सिस्टम उस बैंक/वॉलेट को अलर्ट भेजता है जहां पैसा ट्रांसफर हुआ है, जिससे पैसे को होल्ड (Freeze) कराया जा सकता है।
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2. Cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

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कॉल करने के साथ ही गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) - www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराएं। यहां आपको ट्रांजेक्शन आईडी, मैसेज के स्क्रीनशॉट और अन्य सबूत अपलोड करने होंगे।
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3. बैंक को सूचित करें

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अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके तुरंत अपना डेबिट/क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवाएं। इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड बदल दें। बैंक को लिखित में शिकायत दें ताकि बीमा क्लेम या रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो सके।
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SBI रिवॉर्ड पॉइंट्स चेक करने का सही तरीका

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अगर आप वाकई यह जानना चाहते हैं कि आपके खाते में कितने रिवॉर्ड पॉइंट्स हैं और उन्हें सुरक्षित तरीके से कैसे रिडीम किया जाए, तो नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
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    YONO SBI App: अपने फोन में केवल आधिकारिक 'YONO SBI' ऐप खोलें।
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    लॉगिन करें: अपना MPIN या यूजर आईडी डालकर लॉगिन करें।
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  5. \r\n
    Rewards सेक्शन: होम पेज पर नीचे स्क्रॉल करें या मेनू में जाएं, वहां 'Rewards' का विकल्प मिलेगा।
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    Redeem: यहां आपको आपके असली पॉइंट्स दिखेंगे। आप यहीं से सुरक्षित रूप से उन्हें रिडीम कर सकते हैं।
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  9. \r\n
    वेबसाइट: आप www.rewardz.sbi पर जाकर भी लॉगिन कर सकते हैं, लेकिन यूआरएल (URL) टाइप करते समय सावधानी बरतें।
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याद रखें, बैंक कभी भी आपको पॉइंट्स रिडीम करने के लिए खुद सामने से लिंक नहीं भेजता। यह काम आपको खुद ऐप में जाकर करना होता है।
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बैंकिंग सुरक्षा के 5 महामंत्र

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SBI और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने सुरक्षित बैंकिंग के लिए कुछ नियम बताए हैं, जिनका पालन हर नागरिक को करना चाहिए:
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    नियम 1: OTP किसी को न बताएं चाहे कोई खुद को बैंक मैनेजर, आरबीआई अधिकारी या पुलिस वाला बताए, अपना 'वन टाइम पासवर्ड' (OTP) कभी किसी के साथ शेयर न करें।
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    नियम 2: CVV और पिन गुप्त रखें डेबिट/क्रेडिट कार्ड के पीछे लिखा 3 अंकों का CVV नंबर और आपका एटीएम/यूपीआई पिन (UPI PIN) आपके पैसे की चाबी है। इसे किसी वेबसाइट या कॉल पर साझा न करें।
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    नियम 3: अंजान लिंक से दूरी एसएमएस, ईमेल या सोशल मीडिया पर आए किसी भी अनजान लिंक (खासकर जो लॉटरी, कैशबैक, रिवॉर्ड या केवाईसी का दावा करे) पर क्लिक न करें।
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    नियम 4: स्क्रीन शेयरिंग ऐप से बचें अगर कोई आपको TeamViewer, AnyDesk या QuickSupport जैसा ऐप डाउनलोड करने को कहे, तो तुरंत मना कर दें। इन ऐप्स से ठग आपके मोबाइल का पूरा कंट्रोल ले लेते हैं।
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    नियम 5: सॉफ्टवेयर अपडेट रखें अपने मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें और एंटी-वायरस का इस्तेमाल करें।
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SBI Reward Points Scam तकनीक और मानवीय भूल का फायदा उठाने वाला अपराध है। तकनीक जितनी आगे बढ़ रही है, ठग उतने ही शातिर होते जा रहे हैं। लेकिन आपकी सतर्कता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। SBI द्वारा दी गई चेतावनी को गंभीरता से लें। याद रखें, मुफ्त में कुछ नहीं मिलता और बैंक कभी भी जल्दबाजी में काम नहीं कराता।
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अगर आपको कोई ऐसा संदिग्ध मैसेज मिले, तो उसे तुरंत डिलीट करें और उस नंबर को ब्लॉक करें। इस जानकारी को अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें, क्योंकि जागरूकता ही बचाव है।