नई दिल्ली/सोनीपत: भारत के नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, अग्रणी एनर्जी स्टोरेज कंपनी सनवरू ऊर्जा (Sanvaru Energy) ने अपने अत्याधुनिक MWh-लेवल कंटेनराइज़्ड बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को बाजार में उतारा है। यह सॉल्यूशन पूरी तरह से 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत तैयार किया गया है, जो देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और ग्रिड स्थिरता की चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम है।READ ALSO:-दिसंबर का 'रेड अलर्ट': 31 तारीख से पहले निपटा लें पैसों से जुड़े ये 4 काम, चूके तो जेब पर पड़ेगी भारी मार और देना होगा जुर्माना
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MWh-रेडी तकनीक: प्रोजेक्ट्स के लिए 'कस्टम-डिज़ाइन'
\r\n\r\nसनवरू ऊर्जा का नया कंटेनराइज़्ड BESS सॉल्यूशन एक 'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल है, जिसे विशेष रूप से बड़े स्तर के प्रोजेक्ट्स के लिए इंजीनियर किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम न केवल भारतीय जलवायु के अनुकूल है, बल्कि इसे ग्राहकों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार कस्टमाइज़ भी किया जा सकता है।
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इस सॉल्यूशन की सबसे बड़ी खासियत इसका लचीलापन है। यह एयर-कूल्ड (Air-Cooled) और लिक्विड-कूल्ड (Liquid-Cooled) दोनों आर्किटेक्चर में उपलब्ध है, जो इसे अत्यधिक गर्मी और कठिन परिस्थितियों में भी बेहतरीन परफॉर्मेंस देने में सक्षम बनाता है।
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प्रमुख विशेषताएं और अनुप्रयोग (Applications)
\r\n\r\nसनवरू का यह सिस्टम कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल (C&I) और यूटिलिटी सेक्टर के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इसके प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं:
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- \r\n सोलर + स्टोरेज (Solar + Storage): दिन में उत्पादित सौर ऊर्जा को स्टोर करके रात में उपयोग करने की सुविधा।\r\n \r\n
- \r\n ग्रिड स्टेबिलाइज़ेशन (Grid Stabilization): ग्रिड में वोल्टेज और फ्रीक्वेंसी को स्थिर रखना।\r\n \r\n
- \r\n ईवी चार्जिंग (EV Charging): इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशनों पर लोड मैनेजमेंट और बैकअप।\r\n \r\n
- \r\n C&I और यूटिलिटी: बड़े उद्योगों और बिजली वितरण कंपनियों के लिए भरोसेमंद पावर बैकअप।\r\n \r\n
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'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा
\r\n\r\nइस लॉन्च के साथ सनवरू ऊर्जा ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। कंपनी के अनुसार, इन BESS कंटेनरों में उच्च स्वदेशी वैल्यू एडिशन (High Domestic Value Addition) किया गया है। इसका सीधा मतलब है कि यह उत्पाद न केवल भारतीय मानकों पर खरा उतरता है, बल्कि आयात पर निर्भरता को भी कम करता है।
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सुरक्षा के लिहाज से, इसे लंबी उम्र (Long Life) और उच्च प्रदर्शन (High Performance) के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो निवेशकों और प्रोजेक्ट डेवलपर्स के लिए एक किफायती विकल्प है।
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कैसे करें संपर्क?
\r\n\r\nअगर आप बीईएसएस (BESS) प्रोजेक्ट की योजना बना रहे हैं या अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कस्टमाइज्ड सॉल्यूशन चाहते हैं, तो सनवरू ऊर्जा की टीम से संपर्क कर सकते हैं।
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- \r\n फोन: 1800 891 2923\r\n \r\n
- \r\n ईमेल: info@sanvaru.com\r\n \r\n
- \r\n वेबसाइट: www.sanvaru.com\r\n \r\n
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भारत सरकार ने 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा है, और इसमें बैटरी स्टोरेज की भूमिका रीढ़ की हड्डी जैसी होगी। सनवरू ऊर्जा का यह MWh-रेडी कंटेनराइज़्ड BESS सॉल्यूशन निश्चित रूप से इस लक्ष्य को हासिल करने में एक मील का पत्थर साबित होगा। डेवलपर्स और उद्योगों के लिए यह एक सुनहरा मौका है कि वे स्वदेशी तकनीक को अपनाकर अपने ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करें।