ग्रेटर नोएडा: सोमवार की सुबह जब मजदूर नारायण लाल अपनी पत्नी के साथ रोजी-रोटी के लिए घर से निकले थे, तो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि यह उनके हँसते-खेलते परिवार का आखिरी दिन होगा। वह शाम को जब काम से लौटे, तो घर का मंजर देख उनकी दुनिया ही उजड़ गई। अंदर उनकी जवान बेटी और 6 साल के मासूम बेटे की लाश पड़ी थी, और उनका दामाद फांसी के फंदे पर झूल रहा था।READ ALSO:-गाजियाबाद: 'शराबी' M.Tech छात्र ने 50 लोगों की भीड़ को चीरकर भगाई कार, रामलीला में सो रहे 3 दुकानदारों को रौंदा
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ग्रेटर नोएडा के रोजा जलालपुर गांव में हुई इस triple tragedy ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
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एक पिता का बिखरा संसार
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नारायण लाल जब शाम को घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। किसी अनहोनी की आशंका से जब दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का खूनी मंजर देख उनकी चीख निकल गई। एक कमरे में उनकी बेटी जसवंती (21) और 6 साल का बेटा तेज प्रकाश खून से लथपथ पड़े थे। दोनों को किसी धारदार हथियार से बेरहमी से काटा गया था। दूसरे कमरे में उनका दामाद पप्पू लाल पंखे से लटका हुआ था। एक ही पल में नारायण लाल की पूरी दुनिया उनकी आंखों के सामने खत्म हो गई।
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10 दिन का मेहमान बना 3 मौतों का शैतान
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पुलिस की पूछताछ में नारायण लाल ने रोते हुए बताया कि उनका दामाद पप्पू, जो पीलीभीत का ही रहने वाला है, करीब 10 दिन पहले ही उनके पास रहने आया था। सब कुछ सामान्य लग रहा था। उन्होंने बताया, "उसकी (पप्पू की) दिमागी हालत ठीक नहीं थी। मुझे क्या पता था कि वह मेरे बच्चों का ही काल बन जाएगा।" माना जा रहा है कि जब नारायण लाल और उनकी पत्नी काम पर थे, तभी किसी बात को लेकर पप्पू का अपनी पत्नी जसवंती से विवाद हुआ, जिसके बाद उसने आपा खोकर यह खौफनाक कदम उठा लिया।
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मासूम ने क्या बिगाड़ा था?
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इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दर्दनाक मौत 6 साल के मासूम तेज प्रकाश की हुई, जिसका किसी भी विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। अपनी बहन और जीजा के झगड़े में वह बेवजह मारा गया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और इस हृदय-विदारक घटना की जांच शुरू कर दी है, जिसने एक गरीब मजदूर परिवार को हमेशा के लिए तबाह कर दिया।
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