मेरठ, 20 सितंबर, 2025: मेरठ में रविवार को आयोजित नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। जिले के 96 परीक्षा केंद्रों में से एक, प्राथमिक विद्यालय पचपेड़ा केंद्र पर 15 किन्नरों ने एक साथ साक्षरता परीक्षा देकर समाज को एक बड़ा संदेश दिया। अधिकारियों ने भी उनकी इस पहल की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया।
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यह पहली बार है जब किसी केंद्र या जिले में इतनी बड़ी संख्या में किन्नरों ने एक साथ साक्षरता परीक्षा में भाग लिया। इस समूह में 67 साल की इमराना और 62 साल की सुनीता जैसी बुजुर्ग किन्नर भी शामिल थीं। इनके अलावा, सीमा, गुड्डी, सोनिया, शकीना, महबूबा, भोली, रूबीना, सलमा, गय्यबा, तबस्सुम, राजिया और राबिया भी इस परीक्षा का हिस्सा बनीं।
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परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक था, जिसमें 15 साल से लेकर 85 साल तक के परीक्षार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा के दौरान केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचीं बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) आशा चौधरी और खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र गौड़ ने भी इन सभी परीक्षार्थियों को प्रोत्साहित किया।
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अन्य केंद्रों पर भी दिखीं मिसालें
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पचपेड़ा केंद्र के अलावा, अन्य केंद्रों पर भी अधिक आयु के परीक्षार्थियों ने मिसाल पेश की।
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    परीक्षितगढ़ के प्राथमिक विद्यालय चितमाना शेरपुर केंद्र पर 85 वर्षीय कृष्णा ने परीक्षा दी।
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    प्राथमिक विद्यालय अमरगढ़ में 72 वर्षीय हसीना ने परीक्षा में भाग लिया।
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इसके साथ ही, जिला कारागार केंद्र पर भी 60 कैदियों ने साक्षरता परीक्षा दी। जिला संयोजक और परीक्षा प्रभारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि जिले में 2500 परीक्षार्थियों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से करीब 2465 ने परीक्षा दी। इस आयोजन में जिला कारागार के जेलर हरवंश पांडे का भी सहयोग रहा।
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