मेरठ। शहर की हवा अब सांस लेने लायक नहीं रही है। जगह-जगह फैला कूड़ा, फैक्ट्रियों की चिमनियों से निकलता धुआं और सड़कों पर उड़ती धूल मेरठ की वायु गुणवत्ता को लगातार खराब कर रही है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 की रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि कर दी है, जिसमें 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों की सूची में मेरठ 33वें स्थान पर रहा। यह पिछले साल की तुलना में 8 पायदान की बड़ी गिरावट है, जबकि शहर में कचरा प्रबंधन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।READ ALSO:-मेरठ में 'मृत' मजदूर कर रहे थे काम! मनरेगा में बड़ा घोटाला, स्वर्गवासी हो चुके दो मजदूरों के नाम पर निकाली जा रही थी मजदूरी
\r\n\r\n\r\n\r\n
रैंकिंग में गिरावट और मुख्य कारण
\r\n\r\nगत वर्ष 2024 में मेरठ 25वें स्थान पर था और उसका फाइनल स्कोर 157.5 था। इस बार यह घटकर 156.5 हो गया है, जिससे रैंकिंग 33 पर पहुंच गई। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़े कारण सड़कों पर उड़ती धूल और ठोस कचरा प्रबंधन की कमी को माना जा रहा है। दिल्ली रोड और गढ़ रोड पर चल रहे अनियंत्रित निर्माण कार्यों से गर्मी के मौसम में धूल के गुबार छाए रहे, जिससे वायु प्रदूषण में भारी वृद्धि हुई। इसके अलावा, पुराने वाहनों से निकलने वाला काला धुआं और औद्योगिक इकाइयां भी हवा को प्रदूषित कर रही हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अन्य शहरों से तुलना
\r\n\r\nइस रिपोर्ट में मेरठ की स्थिति दिल्ली और गाजियाबाद जैसे पड़ोसी शहरों से भी खराब नजर आ रही है।
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n गाजियाबाद: 183 अंकों के साथ 12वें स्थान पर रहा, जबकि पिछले साल वह 18वें नंबर पर था। गाजियाबाद ने अपनी स्थिति में सुधार किया है।\r\n \r\n
- \r\n दिल्ली: 157.3 अंकों के साथ 32वें स्थान पर रहा। हालांकि, दिल्ली की रैंकिंग में भी भारी गिरावट आई है, क्योंकि पिछले साल वह 181 अंकों के साथ 7वें नंबर पर था।\r\n \r\n
\r\n\r\n
अधिकारी बोले: 'कूड़ा प्रबंधन' है बड़ी चुनौती
\r\n\r\nक्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी भुवन प्रकाश ने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की रैंकिंग में कई बिंदु शामिल होते हैं, जिनमें कूड़ा प्रबंधन, सड़कों की सफाई और साफ-सफाई जैसे पहलू प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषण के मामले में मानकों का उल्लंघन नहीं मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष मौसम की बेहतर स्थिति के कारण स्मॉग कम रहा, जिससे पिछले वर्षों की तुलना में वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार देखा गया था। लेकिन, सर्वेक्षण में शामिल होने वाले मापदंडों पर शहर का प्रदर्शन कमजोर रहा है।
\r\n\r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.