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उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर सख्ती से काम कर रही है। इसी कड़ी में मेरठ पुलिस इन दिनों अपराधियों और विशेषकर हथियारों के तस्करों के लिए साक्षात काल बनी हुई है। शहर से लेकर देहात तक, अपराधियों के सुरक्षित ठिकानों को पुलिस चुन-चुन कर नेस्तनाबूद कर रही है। अभी दो दिन पहले ही मेरठ के लोहिया नगर में एक घर के बेडरूम के भीतर तहखाना बनाकर चल रही पिस्टल फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ था। इस बड़े खुलासे की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब मवाना पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मवाना इलाके में चेकिंग के दौरान एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से मेरठ में अवैध हथियार का कारोबार करने वाले अपराधियों में खौफ का माहौल है।READ ALSO:-PAN Card New Rules: 1 मई से पैन कार्ड के नियमों में होने जा रहा है बड़ा बदलाव; लापरवाही बरती तो अटक जाएंगे सारे काम, लगेगा भारी जुर्माना
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लोहिया नगर के बाद मवाना में बड़ी स्ट्राइक

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मेरठ पुलिस की ये बैक-टू-बैक कार्रवाइयां इस बात का प्रमाण हैं कि खुफिया तंत्र (Intelligence Network) पूरी तरह से सक्रिय है। आपको बता दें कि मात्र 48 घंटे पहले पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम ने अल्लीपुर कब्रिस्तान के पास लोहिया नगर में एक किराए के मकान में छापा मारा था। वहां अपराधियों ने डबल-बेड के नीचे एक खुफिया तहखाना बना रखा था, जहां पूरी की पूरी हथियार बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। उस मामले में 11 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था और भारी मात्रा में अधबनी और तैयार पिस्टल बरामद हुई थीं।
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लोहिया नगर की घटना के तुरंत बाद, ग्रामीण क्षेत्रों में भी चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया। इसी सतर्कता का नतीजा है कि मवाना पुलिस ने हथियारों की तस्करी के एक और बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है और यह साबित कर दिया है कि मेरठ में अवैध हथियार की सप्लाई चेन को पूरी तरह से तोड़ा जाएगा।
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संदिग्ध बाइक सवार ने उगले हथियारों के गहरे राज

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इस पूरे सफल ऑपरेशन की जानकारी देते हुए एसपी देहात (SP Rural) अभिजीत कुमार ने पुलिस लाइन में एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि मवाना पुलिस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए बस स्टैंड और अन्य प्रमुख चौराहों के पास चेकिंग अभियान चला रही थी।
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इसी दौरान पुलिस टीम को एक बाइक सवार युवक तेजी से आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो वह घबरा गया और पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे तुरंत दबोच लिया। पकड़े गए युवक के कंधे पर एक भारी बैग था।
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शुरुआती पूछताछ में इस युवक (जिसकी पहचान मुजम्मिल पुत्र मूसा, निवासी ग्राम बिसैला, थाना इंचोली के रूप में हुई) ने पुलिस को गुमराह करने की बहुत कोशिश की। लेकिन जब बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से हथियार बरामद हुए। इसके बाद जब पुलिस उसे थाने ले गई और कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने ऐसे राज उगले जिसे सुनकर जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
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'द ड्रीम जिम' के पास झाड़ियों में मिला हथियारों का जखीरा

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मुजम्मिल की निशानदेही और उसके द्वारा किए गए कबूलनामे के आधार पर, पुलिस टीम ने मवाना स्थित 'द ड्रीम जिम' (The Dream Gym) के पास और बिसैला गांव के एक सुनसान खेत में दबिश दी। मुजम्मिल ने पुलिस को बताया कि उसने हथियारों की एक बड़ी खेप को मिट्टी के गड्ढे और झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा हुआ था, ताकि किसी की नजर न पड़े।
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पुलिस ने जब वहां खुदाई और तलाशी की, तो वहां से अवैध असलहों का एक पूरा जखीरा बरामद हुआ। मौके से पुलिस ने निम्नलिखित अवैध सामग्री अपने कब्जे में ली है:
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    एक चमचमाती .32 बोर की पिस्टल * 6 अवैध देसी तमंचे (Country-made pistols) (जिनमें .315 बोर और .32 बोर के तमंचे शामिल हैं)
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    37 जिंदा कारतूस (Live Cartridges) का बड़ा जखीरा
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    तस्करी की वारदातों में इस्तेमाल होने वाली एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल
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    नेटवर्क और ग्राहकों से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक मोबाइल फोन
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इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों का मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि मेरठ में अवैध हथियार का बाजार अभी भी कुछ हद तक सक्रिय है, जिसे खत्म करने के लिए पुलिस दिन-रात काम कर रही है।
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6 हजार में खरीदकर 15 हजार में करता था सप्लाई: तस्करी का अर्थशास्त्र

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पुलिस की विस्तृत जांच और पूछताछ में हथियारों की इस तस्करी के अर्थशास्त्र (Economics) का भी बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी मुजम्मिल केवल 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और दिखावे के लिए मोबाइल फोन रिचार्ज करने की एक छोटी सी दुकान चलाता था। लेकिन पर्दे के पीछे वह हथियारों का एक शातिर तस्कर था।
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मुजम्मिल ने पुलिस को बताया कि वह इन अवैध हथियारों को बाहर के जनपदों या स्थानीय अवैध फैक्ट्रियों से बेहद सस्ते दामों पर खरीद कर लाता था। एक तमंचे की कीमत उसे लगभग 6 से 7 हजार रुपये पड़ती थी। इसके बाद वह मेरठ, मवाना और आस-पास के देहात क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों, बदमाशों और हथियार रखने का शौक पालने वाले युवाओं को यही हथियार 15 हजार रुपये या उससे भी अधिक ऊंचे रेट पर बेचता था।
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लोहिया नगर की फैक्ट्री की तरह ही मुजम्मिल का मुख्य लक्ष्य भी आगामी समय में आपराधिक वारदातों के लिए शहर में अवैध हथियारों की खेप को बढ़ाना और रातों-रात अमीर बनना था। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक किन-किन लोगों को हथियार बेचे हैं और उसे यह कच्चा माल कौन सप्लाई कर रहा था।
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पुलिस की पैनी नजर: 'बेडरूम हो या झाड़ियां, बच नहीं सकते अपराधी'

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इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने और तस्कर को सलाखों के पीछे पहुंचाने में मवाना थाने की टीम की अहम भूमिका रही। इस विशेष पुलिस टीम में इंस्पेक्टर पूनम जादौन और दरोगा प्रशांत मिश्रा मुख्य रूप से शामिल रहे, जिन्होंने अपनी सतर्कता से एक बड़े आपराधिक नेटवर्क को शहर में फैलने से रोक दिया।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में एसपी देहात अभिजीत कुमार ने अपराधियों को स्पष्ट और सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि "अपराधी चाहे अपने घर के बेडरूम में तहखाना बनाकर हथियार बनाएं, या फिर किसी सुनसान खेत और झाड़ियों में हथियार छिपाएं, पुलिस की पैनी नजर से उनका बचना अब नामुमकिन है।" पुलिस का साफ संदेश है कि मेरठ में अवैध हथियार रखने, बनाने या बेचने वालों के खिलाफ 'आर्म्स एक्ट' और 'गैंगस्टर एक्ट' (Gangster Act) के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनकी संपत्तियों को भी कुर्क किया जाएगा।
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लगातार हो रहे इन पुलिसिया एनकाउंटर और गिरफ्तारियों से यह स्पष्ट है कि मेरठ पुलिस अब रक्षात्मक (Defensive) नहीं, बल्कि पूरी तरह से आक्रामक (Offensive) मोड में आ चुकी है। मुजम्मिल जैसे तस्करों की गिरफ्तारी और लोहिया नगर में फैक्ट्री का पर्दाफाश होना, कानून व्यवस्था की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर है। आम जनता से भी यह अपील की गई है कि यदि उनके आस-पास कोई भी व्यक्ति हथियारों की खरीद-फरोख्त या किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचना दें। अपराध मुक्त समाज की स्थापना के लिए पुलिस और जनता का आपसी सहयोग बेहद आवश्यक है।
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मेरठ में अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस का महा-अभियान जारी है। लोहिया नगर में भूमिगत पिस्टल फैक्ट्री पकड़े जाने के महज दो दिन बाद, मवाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान मुजम्मिल नाम के एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर 'द ड्रीम जिम' के पास झाड़ियों से .32 बोर की एक पिस्टल, 6 तमंचे और 37 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपी 6 हजार रुपये में हथियार खरीदकर उन्हें 15 हजार रुपये से अधिक में बेचता था। एसपी देहात ने सख्त चेतावनी दी है कि मेरठ में अवैध हथियार का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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