मेरठ (नगर निगम डेस्क/स्पेशल रिपोर्ट):
\r\n\r\nसाल 2025 की विदाई और नए साल 2026 का आगाज मेरठ नगर निगम (Meerut Nagar Nigam) के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। जिस खजाने को भरने के लिए नगर निगम के अधिकारी साल भर पसीना बहाते रहे, वह साल के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को अचानक छलक उठा। मेरठ की जनता ने अंतिम दिन कर (Tax) जमा करने में ऐसी दिलचस्पी दिखाई कि पिछले कई सालों का रिकॉर्ड टूट गया।READ ALSO:-UP School News: यूपी में 'कोल्ड अटैक' के बीच योगी सरकार का बड़ा फैसला; 2 जनवरी से बदल जाएगा आपके बच्चे के स्कूल का टाइम, प्राइमरी में 14 तक तालाबंदी
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बुधवार को नगर निगम के खजाने में एक ही दिन में 1.10 करोड़ रुपये से ज्यादा का गृहकर (House Tax) जमा हुआ। यह आंकड़ा इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि सामान्य दिनों में यह वसूली महज 10 से 15 लाख रुपये के बीच सिमटी रहती थी।
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इस रिकॉर्ड तोड़ वसूली के बीच नगर निगम प्रशासन ने शहरवासियों को 'न्यू ईयर गिफ्ट' देते हुए हाउस टैक्स पर मिलने वाली 20% छूट की समय सीमा को 31 जनवरी तक बढ़ा दिया है। वहीं, राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने टैक्स को लेकर चल रहे विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और आंकड़ों के साथ स्थिति स्पष्ट की है।
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आइये, इस विस्तृत रिपोर्ट में समझते हैं कि आखिर टैक्स का गणित क्या है, छूट कैसे मिलेगी और सांसद जी ने विरोधियों को क्या नसीहत दी है।
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रिकॉर्ड तोड़ वसूली: आखिरी दिन उमड़ी भीड़
\r\n\r\nनगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी (Chief Tax Assessment Officer) एस.के. गौतम ने बताया कि साल 2025 के आखिरी दिन भवन स्वामियों में टैक्स जमा करने की होड़ सी मच गई थी।
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- \r\n एक दिन का कलेक्शन: 31 दिसंबर को कैश काउंटर और ऑनलाइन माध्यम से कुल 1.10 करोड़ रुपये जमा हुए।\r\n \r\n
- \r\n कितने लोगों ने दिया टैक्स: एक ही दिन में 2450 भवन स्वामियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।\r\n \r\n
- \r\n कुल आंकड़ा: इस बंपर कलेक्शन के बाद, चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में अब तक कुल गृहकर वसूली का आंकड़ा 50 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।\r\n \r\n
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नगर आयुक्त सौरभ गंगवार (Saurabh Gangwar) ने बताया कि यह उत्साह जनक है, लेकिन मंजिल अभी दूर है। निगम ने इस वर्ष के लिए 133 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है, जिसमें से अभी भी 83 करोड़ रुपये वसूलने बाकी हैं और समय महज 3 महीने (जनवरी, फरवरी, मार्च) का बचा है।
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डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी का बड़ा बयान: "मेरठ में टैक्स सबसे कम, फिर शोर क्यों?"
\r\n\r\nनगर निगम में गृहकर की नई दरों और बिलों को लेकर पिछले कुछ समय से शहर में काफी हल्ला मचा हुआ था। इस बीच, राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उनकी यह विजिट प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों लिहाज से अहम मानी जा रही है।
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सांसद के बयान के मुख्य बिंदु:
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- \r\n सबसे सस्ती दरें: डॉ. बाजपेयी ने अधिकारियों और जनता के सामने स्पष्ट किया कि पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे कम गृहकर की दरें मेरठ नगर निगम की हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2003 के बाद से मेरठ में गृहकर की दरों (Tax Rates) में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।\r\n \r\n
- \r\n विरोध की असल वजह: उन्होंने कहा कि, "कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए नगर निगम और भाजपा के विरुद्ध माहौल बना रहे हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने पहले साठ-गांठ करके अपने बड़े-बड़े मकानों का टैक्स कम करवा रखा था। अब जब कंप्यूटर और जीआईएस (GIS) सर्वे से उनकी पोल खुल रही है, तो वे हल्ला मचा रहे हैं।"\r\n \r\n
- \r\n जीआईएस (GIS) की ताकत: सांसद ने कहा कि जीआईएस ऐप में मकान, दुकान और कवर्ड एरिया की सही जानकारी सामने आ रही है। जो लोग टैक्स चोरी कर रहे थे, अब वे पकड़ में आ रहे हैं, इसलिए विरोध कर रहे हैं।\r\n \r\n
- \r\n अधिकारियों को नसीहत: उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कहा कि यदि व्यवस्था में कोई तकनीकी कमी है तो उसे सुधारा जाए। अगर किसी को गलती से दो बिल जारी हो गए हैं, तो दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई हो। लेकिन सही टैक्स वसूली से पीछे न हटें।\r\n \r\n
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31 जनवरी तक बढ़ी 20% छूट: ऐसे उठाएं लाभ
\r\n\r\nमेयर हरिकांत अहलूवालिया (Harikant Ahluwalia) और नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने जनता की सुविधा को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। जो लोग 31 दिसंबर तक टैक्स जमा नहीं कर पाए थे, उन्हें अब निराश होने की जरूरत नहीं है।
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- \r\n नई डेडलाइन: गृहकर जमा करने पर मिलने वाली 20% की छूट अब 31 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी।\r\n \r\n
- \r\n लाभ: यानी अगर आपका बिल 10,000 रुपये का है, तो 31 जनवरी तक जमा करने पर आपको केवल 8,000 रुपये देने होंगे।\r\n \r\n
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नगर आयुक्त का एक्शन प्लान:
\r\n\r\nबुधवार शाम को कंकरखेड़ा जोनल कार्यालय का निरीक्षण करने के बाद नगर आयुक्त ने अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को परेशान न किया जाए और उनकी आपत्तियों का मौके पर ही निस्तारण हो।
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'वार्ड वार' शिविर: आपके द्वार पहुंचेगा नगर निगम
\r\n\r\nअगले तीन महीनों में 83 करोड़ रुपये का लक्ष्य हासिल करना निगम के लिए एवरेस्ट चढ़ने जैसा है। इस चुनौती से निपटने के लिए निगम ने 'कैंप रणनीति' (Camp Strategy) बनाई है।
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- \r\n समाधान शिविर: अब हर वार्ड में शिविर लगाए जाएंगे।\r\n \r\n
- \r\n मौके पर निस्तारण: अपर नगर आयुक्त और कर अधीक्षक स्तर के अधिकारी इन शिविरों में मौजूद रहेंगे। बिल में गड़बड़ी, नाम में सुधार या एरिया को लेकर कोई भी आपत्ति हो, उसे वहीं ठीक किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n स्वकर (Self-Assessment) फॉर्म: शिविरों में 'स्वकर फॉर्म' भरवाए जाएंगे। यानी जनता खुद बताएगी कि उनका मकान कितना बड़ा है और नियमानुसार टैक्स कितना बनता है। सत्यापन के बाद बिल संशोधित कर दिया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n सार्वजनिक जानकारी: मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि शिविर कब और कहाँ लगेगा, इसकी जानकारी पहले से अखबारों और सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक की जाए।\r\n \r\n
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टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: GIS ऐप और पारदर्शिता
\r\n\r\nडॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने पारदर्शिता लाने के लिए जीआईएस आईडी ऐप (GIS ID App) को सार्वजनिक करने का सुझाव दिया है।
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- \r\n फायदा: इससे कोई भी नागरिक ऐप पर जाकर अपनी प्रॉपर्टी आईडी डालकर देख सकेगा कि निगम के रिकॉर्ड में उसके मकान का फोटो, एरिया और टैक्स कितना है।\r\n \r\n
- \r\n रेट लिस्ट: गृहकर की दरों की सूची भी सार्वजनिक की जाएगी और स्वकर फॉर्म के साथ लोगों को दी जाएगी, ताकि उन्हें पता हो कि उनसे किस दर से पैसा लिया जा रहा है।\r\n \r\n
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आंकड़ों का खेल: अभी भी 2 लाख लोग रडार पर
\r\n\r\nनगर निगम के कर अनुभाग द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि अभी भी बड़ी संख्या में लोगों ने टैक्स नहीं दिया है।
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| \r\n विवरण \r\n | \r\n \r\n संख्या/राशि \r\n | \r\n
| \r\n कुल संपत्तियां (GIS सर्वे) \r\n | \r\n \r\n 3.05 लाख (आवासीय + व्यावसायिक) \r\n | \r\n
| \r\n अब तक टैक्स जमा करने वाले \r\n | \r\n \r\n लगभग 1.00 लाख \r\n | \r\n
| \r\n बकायादार (Defaulters) \r\n | \r\n \r\n लगभग 2.05 लाख \r\n | \r\n
| \r\n बिल वितरित किए गए \r\n | \r\n \r\n 2.35 लाख \r\n | \r\n
| \r\n वार्षिक लक्ष्य \r\n | \r\n \r\n ₹133 करोड़ \r\n | \r\n
| \r\n अब तक वसूली \r\n | \r\n \r\n ₹50 करोड़+ \r\n | \r\n
| \r\n शेष लक्ष्य (3 महीने में) \r\n | \r\n \r\n ₹83 करोड़ \r\n | \r\n
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टैक्स जमा करने के लिए 10 नए काउंटर
\r\n\r\nभीड़ को देखते हुए नगर निगम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में 5 नए कैश काउंटर खोले हैं। अब कुल 10 काउंटरों पर बिल जमा किए जा सकते हैं।
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नए काउंटर यहाँ खुले:
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- \r\n सरस्वती लोक, दिल्ली वाहन डिपो\r\n \r\n
- \r\n सूरजकुंड वाहन डिपो\r\n \r\n
- \r\n गगोल रोड रैन बसेरा\r\n \r\n
- \r\n पल्लवपुरम फेज-2 रैन बसेरा\r\n \r\n
- \r\n कंकरखेड़ा जोनल कार्यालय\r\n \r\n
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जनता और निगम दोनों की जिम्मेदारी
\r\n\r\nमेरठ नगर निगम का यह प्रयास सराहनीय है कि वह जनता को छूट दे रहा है और शिकायतों के निवारण के लिए उनके घर तक जा रहा है। वहीं, शहर के विकास के लिए करदाताओं का भी यह फर्ज बनता है कि वे समय पर टैक्स जमा करें। राज्यसभा सांसद की बातों से यह साफ है कि अब 'जुगाड़' और 'सिफारिश' का दौर खत्म हो रहा है और टेक्नोलॉजी आधारित पारदर्शी व्यवस्था लागू हो रही है।
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यदि आपको भी अपने हाउस टैक्स बिल में कोई गड़बड़ी लगती है, तो विरोध करने के बजाय अपने वार्ड में लगने वाले शिविर में जाएं, स्वकर फॉर्म भरें और 31 जनवरी से पहले टैक्स जमा कर 20% की छूट का लाभ उठाएं।
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FAQ: हाउस टैक्स से जुड़े जरूरी सवाल
\r\n\r\nQ1: क्या हाउस टैक्स पर छूट की तारीख आगे बढ़ेगी?
\r\n\r\nAns: फिलहाल नगर निगम ने छूट की तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 कर दी है। इसके बाद तारीख बढ़ने की संभावना कम है।
\r\n\r\nQ2: अगर मेरे बिल में मकान का एरिया ज्यादा दिखाया गया है, तो क्या करें?
\r\n\r\nAns: आप अपने जोनल कार्यालय या वार्ड में लगने वाले शिविर में जाकर आपत्ति दर्ज कराएं। वहां 'स्वकर फॉर्म' भरकर सही जानकारी दें। निगम की टीम सत्यापन करेगी और बिल ठीक कर दिया जाएगा।
\r\n\r\nQ3: क्या मैं ऑनलाइन टैक्स जमा कर सकता हूँ?
\r\n\r\nAns: जी हाँ, आप मेरठ नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी प्रॉपर्टी आईडी डालकर ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।
\r\n\r\nQ4: जीआईएस सर्वे क्या है?
\r\n\r\nAns: यह सैटेलाइट और ड्रोन मैपिंग आधारित सर्वे है, जो प्रॉपर्टी का सही एरिया और निर्माण की स्थिति बताता है। इससे टैक्स चोरी पकड़ना आसान हो गया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.