नए साल 2026 के आगाज के साथ ही उत्तर प्रदेश में ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। घने कोहरे (Dense Fog) और बर्फीली हवाओं के चलते जनजीवन प्रभावित है। इसी बीच, स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव (Time Change) किया है।READ ALSO:-Meerut News: मेरठ के 'कप्तान' का बढ़ा कद, SSP डॉ. विपिन ताडा बने DIG; शासन ने नए साल पर दिया ईमानदारी और सख्त मिजाज का इनाम
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शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 से प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों का संचालन नए समय पर किया जाएगा। वहीं, छोटे बच्चों (प्राइमरी स्कूलों) के लिए छुट्टियों की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
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2 जनवरी से 10 बजे खुलेंगे माध्यमिक स्कूल (New Timing for Secondary Schools)

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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों के लिए नया टाइम टेबल जारी कर दिया गया है।
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    पुराना समय: अब तक स्कूल सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक चलते थे।
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    नया समय: शुक्रवार (2 जनवरी) से स्कूल सुबह 10:00 बजे खुलेंगे और दोपहर 03:00 बजे बंद होंगे।
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इस प्रकार, स्कूल के कुल समय में एक घंटे की कटौती की गई है। सुबह का आधा घंटा और छुट्टी के समय का आधा घंटा कम किया गया है ताकि बच्चे दिन के सबसे ठंडे पहर में घर पर या सुरक्षित वातावरण में रह सकें। यह आदेश कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से राहत देने वाला है, क्योंकि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के चलते उनकी क्लासेस जारी रखना अनिवार्य है।
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प्राइमरी स्कूलों में 'विंटर वैकेशन' (Winter Vacation for Primary Schools)

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जहां बड़े बच्चों के लिए समय बदला गया है, वहीं नन्हे-मुन्नों के लिए सरकार ने पूरी तरह से अवकाश घोषित कर रखा है।
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    परिषदीय विद्यालय: बेसिक शिक्षा परिषद (Basic Education Department) के अंतर्गत आने वाले कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में 1 जनवरी से 14 जनवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) रहेगा।
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    शैक्षणिक कैलेंडर: यह अवकाश विभाग के पूर्व निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार दिया गया है। यानी, प्राइमरी स्कूल अब सीधे मकर संक्रांति के बाद ही खुलेंगे।
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अभिभावकों के लिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह 14 दिन की छुट्टी केवल बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के लिए है। माध्यमिक स्कूलों के छात्रों को 2 जनवरी से नए समय पर स्कूल जाना होगा।
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3 जनवरी को भी रहेगी छुट्टी (Holiday on Jan 3)

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स्कूल खुलने के ठीक अगले दिन यानी 3 जनवरी 2026 (शनिवार) को भी स्कूलों में अवकाश रहेगा।
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    कारण: 3 जनवरी को हजरत अली का जन्म दिवस (Hazrat Ali Birthday) है, जो कि एक सार्वजनिक अवकाश है।
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    लागू: यह अवकाश माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रभावी रहेगा।
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    रविवार: इसके अगले दिन 4 जनवरी को रविवार है। यानी, माध्यमिक स्कूल के छात्रों को शुक्रवार को स्कूल जाना होगा, उसके बाद फिर से दो दिन (शनिवार और रविवार) की छुट्टी मिलेगी। नियमित कक्षाएं सोमवार, 5 जनवरी से सुचारू रूप से नए समय पर चलेंगी।
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मौसम का हाल: क्यों लिया गया यह फैसला?

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उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया है। मौसम विभाग (IMD) ने लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और आगरा समेत कई जिलों में 'कोल्ड डे' (Cold Day) का अलर्ट जारी किया है।
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    विजिबिलिटी की समस्या: सुबह 8 बजे तक कोहरा इतना घना होता है कि विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह जाती है। ऐसे में स्कूल बसों और वैन का संचालन जोखिम भरा हो जाता है।
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    स्वास्थ्य चिंताएं: सुबह की सर्द हवाओं से बच्चों में सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ रही थीं। अस्पतालों की ओपीडी में बीमार बच्चों की संख्या में इजाफा देखा गया है।
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    अभिभावकों का दबाव: पिछले कई दिनों से अभिभावक संघ (Parents Association) लगातार स्कूलों का समय बदलने या ऑनलाइन क्लास चलाने की मांग कर रहे थे।
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बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पर फोकस

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फरवरी-मार्च में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे में माध्यमिक स्कूलों (कक्षा 10 और 12) को पूरी तरह बंद करना छात्रों की पढ़ाई के लिहाज से सही नहीं था। एक वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी ने बताया, "बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं। सिलेबस पूरा करना और रिविजन कराना जरूरी है। इसलिए स्कूलों को बंद करने के बजाय समय में बदलाव किया गया है ताकि पढ़ाई का नुकसान न हो और बच्चे ठंड से भी बच सकें।"
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क्या प्राइवेट स्कूलों पर भी लागू होगा नियम?

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अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या यह आदेश सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) बोर्ड के प्राइवेट स्कूलों पर भी लागू होगा?
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    सरकारी आदेश: आमतौर पर डीएम (DM) द्वारा जारी शीतकालीन आदेश जिले के सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होते हैं।
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    जिलाधिकारी का अधिकार: शासन ने जिलाधिकारियों को यह अधिकार दिया है कि वे अपने जिले के स्थानीय मौसम (तापमान और कोहरे) को देखते हुए स्कूल बंद करने या समय बदलने का निर्णय ले सकते हैं।
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    मौजूदा स्थिति: कई जिलों (जैसे गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ) में डीएम ने पहले ही नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल बंद कर दिए हैं। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जिले के डीएम के आदेश और स्कूल प्रशासन के मैसेज पर नजर रखें।
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अभिभावकों और छात्रों की प्रतिक्रिया

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इस फैसले का प्रदेश भर में स्वागत किया गया है।
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    संगीता शर्मा (अभिभावक, लखनऊ): "सुबह 8 बजे स्कूल भेजना बहुत मुश्किल हो रहा था। 10 बजे का समय बिल्कुल सही है। धूप निकल आती है और कोहरा भी छंट जाता है।"
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    राजेश यादव (छात्र, कक्षा 12): "हमारी प्रैक्टिकल परीक्षाएं आने वाली हैं। स्कूल बंद होते तो प्रैक्टिकल छूट जाते। समय बदलने से हमें पढ़ाई का मौका भी मिलेगा और ठंड से भी बचाव होगा।"
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स्कूल बस चालकों के लिए निर्देश

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परिवहन विभाग ने स्कूल वाहनों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है:
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    कोहरे में फॉग लाइट्स (Fog Lights) का इस्तेमाल अनिवार्य है।
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    बसों की रफ्तार धीमी रखी जाए।
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    बसों में फर्स्ट एड किट और हीटिंग की व्यवस्था (यदि संभव हो) दुरुस्त रखी जाए।
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सावधानी हटी, दुर्घटना घटी

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'खबरीलाल' अपने सभी नन्हे पाठकों और उनके माता-पिता से अपील करता है कि भले ही स्कूलों का समय बदल गया है, लेकिन ठंड को हल्के में न लें। स्कूल जाते समय गर्म कपड़े (इनर, स्वेटर, मफलर, टोपी) अच्छी तरह पहनें। खाली पेट स्कूल न जाएं और पानी पीते रहें।
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शिक्षा विभाग का यह फैसला पढ़ाई और सेहत के बीच संतुलन बनाने की एक अच्छी कोशिश है। अब देखना होगा कि मौसम का मिजाज आगे कैसा रहता है और क्या प्रशासन को आने वाले दिनों में और सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।
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