मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) शहर में बढ़ते जाम और अतिक्रमण की समस्या को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने शनिवार को सख्त रुख अख्तियार किया। नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मेरठ अतिक्रमण हटाओ अभियान (Anti-encroachment drive) की शुरुआत की। यह अभियान शहर के बेहद व्यस्त इलाके हापुड़ अड्डे से शुरू होकर गोला कुआं तक चलाया गया। इस दौरान टीम ने सड़कों और नालों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया और सामान जब्त कर लिया, जिसके चलते व्यापारियों और निगम की टीम के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।READ ALSO:-मेरठ का शर्मनाक 'शव शिफ्टिंग' कांड: वर्दी हुई दागदार, दरोगा-सिपाही और होमगार्ड तो नप गए, लेकिन 'थानेदार साहब' पर आंच क्यों नहीं?
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हापुड़ अड्डे से शुरू हुआ एक्शन
\r\n\r\nशनिवार दोपहर नगर निगम का दस्ता, प्रवर्तन दल और स्थानीय पुलिस की टीम हापुड़ अड्डे चौराहे पर पहुंची। टीम को देखते ही अवैध रूप से रेहड़ी-पटरी लगाने वाले और दुकान के बाहर सामान फैलाने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया। नगर निगम के अधिकारियों के नेतृत्व में टीम ने हापुड़ अड्डे से लेकर गोला कुआं तक सड़क के दोनों ओर अभियान चलाया।
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अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण रास्ता संकरा हो गया था, जिससे आम जनता को निकलने में भारी परेशानी हो रही थी। (Internal link to related article: मेरठ में जाम की समस्या पर विशेष रिपोर्ट) अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी कई बार मुनादी कराकर और नोटिस देकर दुकानदारों को चेतावनी दी गई थी कि वे अपना अतिक्रमण स्वयं हटा लें, लेकिन जब चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ, तो निगम को मजबूरन यह कार्रवाई करनी पड़ी।
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सामान जब्त, नहीं काम आई सिफारिश
\r\n\r\nकार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम पूरी तैयारी के साथ आई थी। टीम के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली भी मौजूद थे। सड़क किनारे और नालों के ऊपर पक्का अतिक्रमण कर रखे गए सामान को टीम ने जब्त कर ट्रैक्टरों में भरवाना शुरू कर दिया।
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जब टीम ने सामान जब्त करना शुरू किया, तो कई व्यापारी इसका विरोध करने लगे। कुछ व्यापारियों ने टीम के साथ बहस की और अपना सामान वापस मांगने की कोशिश की। माहौल तनावपूर्ण हो गया और व्यापारियों व टीम के बीच नोकझोंक हुई। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को संभाला। निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि जब्त किया गया सामान अब मौके पर वापस नहीं मिलेगा, इसे छुड़ाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत नगर निगम कार्यालय आना होगा।
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जाम और मारपीट बनी कार्रवाई की वजह
\r\n\r\nइस अचानक हुई कार्रवाई के पीछे दो मुख्य कारण माने जा रहे हैं। पहला कारण हापुड़ अड्डे से गोला कुआं तक लगने वाला भीषण जाम है। यह रास्ता शहर का मुख्य मार्ग है और यहां अतिक्रमण के कारण दिनभर वाहनों की कतारें लगी रहती हैं।
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दूसरा और अहम कारण एक हालिया घटना है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में एक व्यापारी द्वारा नगर निगम के एक सफाई कर्मचारी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। इस घटना से निगम कर्मियों में भारी रोष था। (External link: UP Municipal Corporation Act on Encroachment) माना जा रहा है कि सफाई कर्मचारी के साथ हुई बदसलूकी के बाद निगम प्रशासन ने सख्त संदेश देने के लिए यह मेरठ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया है।
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प्रशासन की सख्त चेतावनी
\r\n\r\nअभियान के अंत में अधिकारियों ने व्यापारियों को सख्त हिदायत दी है कि यदि दोबारा सड़क या नाले पर अतिक्रमण किया गया, तो इससे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना वसूला जाएगा। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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मेरठ नगर निगम की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सार्वजनिक संपत्ति को अपनी जागीर समझते हैं। यद्यपि व्यापारियों का नुकसान हुआ है, लेकिन शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए मेरठ अतिक्रमण हटाओ अभियान जैसी कार्रवाई आवश्यक है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की यह सख्ती कितने दिन तक कायम रहती है और क्या वाकई इस इलाके को जाम से मुक्ति मिल पाती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.