मेरठ: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) की महत्वाकांक्षी 'नमो भारत' और मेट्रो सेवा का इंतजार कर रहे मेरठ शहरवासियों की उम्मीदें और असमंजस दोनों बढ़ गए हैं। एक ओर जहां मेरठ साउथ स्टेशन पर अब यात्रियों को यह घोषणा सुनाई देने लगी है कि "मेरठ मेट्रो प्लेटफॉर्म संख्या दो पर मिलेगी", वहीं दूसरी ओर इसके आधिकारिक संचालन की तिथि अभी तक तय नहीं हो पाई है।READ ALSO:-Meerut Illegal Complexes: हाईकोर्ट में 15 मिनट की बहस के बाद फैसला सुरक्षित, 70 से ज्यादा अवैध निर्माण पर लटकी कार्रवाई की तलवार
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महीनों से जारी लगातार ट्रायल रन और प्लेटफॉर्म पर सुनाई देने वाली घोषणाओं के बीच मेरठ मेट्रो संचालन तिथि पर सस्पेंस बरकरार रहना शहर के लोगों में बेचैनी पैदा कर रहा है। यह विरोधाभासी स्थिति दिखाती है कि इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है, लेकिन अंतिम 'गो-सिग्नल' का इंतजार है।
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प्लेटफार्म पर मेट्रो की आवाज, मगर तारीख पर सस्पेंस

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मेरठ साउथ स्टेशन पर हो रही यह घोषणा एक तरह से सेवा के शुरू होने का अंतिम संकेत है, लेकिन जनता अभी तक प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुंच पाई है। स्थानीय निवासी, जिनमें रिंटू विकल, दीपक महले, सचिन शर्मा और विकास प्रजापति शामिल हैं, ने इस देरी पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं।
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निवासी दीपक महले का कहना है कि, "जब महीनों से लगातार ट्रायल रन चल रहा है, ट्रेनें रात में पटरी पर दौड़ती दिख रही हैं, तो आम जनता के लिए सेवा शुरू करने में इतनी देर क्यों की जा रही है?" रात के समय ट्रेनों को पटरी पर दौड़ते देखने के बाद भी संचालन शुरू न होने से लोगों में निराशा और असमंजस बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि यह स्थिति केवल और केवल अधीरता बढ़ा रही है कि यह महत्वपूर्ण कॉरिडोर कब खुलेगा।
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30 सितंबर की तारीख टली, अनिश्चितता कायम

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इस मेट्रो कॉरिडोर को शुरू करने की तारीख कई बार टाली जा चुकी है, जिससे लोगों का विश्वास डगमगा रहा है।
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    मूल लक्ष्य: इस कॉरिडोर को मूल रूप से मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था, जिसे बाद में बढ़ाकर जून 2025 कर दिया गया।
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    देरी: जून 2025 की समय सीमा बीतने के बाद भी पाँच महीने बीत चुके हैं, लेकिन मेरठ मेट्रो संचालन तिथि को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।
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    टला उद्घाटन: सूत्रों के अनुसार, पहले 30 सितंबर को संचालन शुरू करने की योजना थी। जिला प्रशासन ने उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियाँ भी पूरी कर ली थीं, लेकिन अंतिम समय पर इसे टाल दिया गया। इसके बाद भी कई संभावित तारीखें सामने आईं, पर किसी पर भी आधिकारिक मुहर नहीं लग पाई।
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दक्षिण मेरठ से मोदीपुरम तक जारी है 'रात का ट्रायल'

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तकनीकी रूप से देखें तो कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से तैयार है। दक्षिण मेरठ से मोदीपुरम तक रात के समय लगातार ट्रायल रन जारी है। इन ट्रायल रन में ट्रेनें निर्धारित गति और सुरक्षा मानकों पर परखी जाती हैं। ये ट्रायल रन सिग्नलिंग, संचार प्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को सत्यापित करने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
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हालांकि, आम जनता के लिए सेवा शुरू करने से पहले रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) से अंतिम मंजूरी और प्रमाण पत्र प्राप्त करना आवश्यक होता है। यह प्रक्रिया अक्सर लंबी होती है। 
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देरी का क्या कारण? उद्घाटन की प्रतीक्षा

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इस देरी का मुख्य कारण तकनीकी जांच पूरी होने के बावजूद हाई-प्रोफाइल उद्घाटन समारोह के लिए उपलब्धता का इंतजार हो सकता है। क्योंकि नमो भारत (RRTS) और मेट्रो एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए माना जा रहा है कि इसका उद्घाटन किसी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री या प्रधानमंत्री द्वारा किया जाना है, जिनकी उपलब्धता के कारण अंतिम तारीख पर निर्णय नहीं हो पा रहा है।
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मेरठ मेट्रो संचालन तिथि की घोषणा उद्घाटन समारोह की तारीख से जुड़ी हुई है। शहरवासी अब राजनीतिक कैलेंडर से पहले अपनी दैनिक यात्रा की सुविधा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। 
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मेरठ मेट्रो सेवा के संचालन पर बना सस्पेंस शहरवासियों की अधीरता को बढ़ा रहा है। प्लेटफॉर्म पर सुनाई देने वाली मेट्रो की घोषणाओं के बीच, मेरठ मेट्रो संचालन तिथि की आधिकारिक घोषणा जल्द से जल्द होना आवश्यक है ताकि जनता को यह पता चल सके कि वे इस बहुप्रतीक्षित सेवा का लाभ कब उठा पाएंगे। प्रशासन को चाहिए कि वह तकनीकी औपचारिकताओं के साथ-साथ उद्घाटन की तारीख को भी तुरंत अंतिम रूप दे।
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