मेरठ/क्राइम डेस्क:
\r\n\r\n
क्रोध और पारिवारिक कलह इंसान को किस हद तक अंधा कर सकती है, इसका एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला उदाहरण उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले से सामने आया है। यहां पति-पत्नी के बीच हुए एक मामूली विवाद ने इतने भयंकर रूप ले लिया कि एक पिता अपने ही 4 साल के मासूम बेटे का कातिल बन गया। शुक्रवार रात को गुस्से में अंधे हुए पिता ने पहले अपने जिगर के टुकड़े को कोल्ड्रिंक में जहर मिलाकर पिलाया और जब बच्चे ने दम तोड़ दिया, तो खुद भी उसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​शनिवार (11 जुलाई 2026) की अलसुबह अस्पताल में इलाज के दौरान पिता की भी मौत हो गई। इस दोहरी मौत की खबर ने पूरे गोविंदपुर शकरपुर (Govindpur Shakarpur) गांव को झकझोर कर रख दिया है। हर तरफ मातम पसरा है और लोगों की आंखें नम हैं। आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने एक पिता को हैवान बनने पर मजबूर कर दिया।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
\r\n\r\n

​5 साल पहले हुई थी शादी: खुशी से चल रहा था परिवार

\r\n\r\n
​पुलिस और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, मेरठ के थाना परीक्षितगढ़ क्षेत्र के रहदरा गांव के रहने वाले चरण सिंह के बेटे कपिल की शादी करीब 5 वर्ष पूर्व किठौर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर शकरपुर निवासी हरिकिशन की बेटी काजल के साथ बड़े ही धूमधाम से हुई थी।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था। कपिल और काजल का वैवाहिक जीवन खुशी से बीत रहा था। इस दंपती के आंगन में दो बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं— एक चार वर्षीय बेटा कृष्णा और एक छोटी बेटी परी। कपिल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था और बाहर से देखने पर किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि इस परिवार के भाग्य में इतनी भयानक त्रासदी लिखी है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​विवाद की जड़: बहन की शादी और मायके में रुकने की जिद

\r\n\r\n
​इस पूरी खौफनाक घटना की पटकथा जुलाई के पहले सप्ताह में लिखी गई। दरअसल, काजल के मायके में उसकी बहन भुरौ की 3 जुलाई को शादी तय थी।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​काजल पर जिम्मेदारियां: चूंकि काजल की मां का पहले ही निधन हो चुका था, इसलिए बहन की शादी की अधिकांश जिम्मेदारियां काजल के ही कंधों पर थीं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​शादी का कार्यक्रम: इस शादी समारोह में शामिल होने के लिए काजल अपने पति कपिल और बच्चों के साथ गोविंदपुर शकरपुर आई हुई थी। कपिल ने भी शादी के सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 3 जुलाई को शादी का कार्यक्रम बहुत ही शांतिपूर्वक और खुशी-खुशी संपन्न हो गया।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
​
\r\n\r\n
शादी बीत जाने के बाद, 4 जुलाई को कपिल ने अपनी पत्नी काजल से वापस अपने घर (रहदरा) चलने को कहा। लेकिन काजल ने पारिवारिक जिम्मेदारियों और थकावट का हवाला देते हुए कुछ दिन और मायके में रुकने की इच्छा जताई। पत्नी का मायके में ज्यादा दिन रुकना कपिल को नागवार गुजरा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस और विवाद हो गया। उस दिन कपिल बिना पत्नी के ही वापस लौट गया।
\r\n\r\n
​
\r\n\r\n

शुक्रवार का वो 'काला दिन' और खौफनाक कदम

\r\n\r\n
​4 जुलाई के बाद से ही पति-पत्नी के बीच तनाव बना हुआ था। शुक्रवार (10 जुलाई) को कपिल एक बार फिर अपनी पत्नी काजल को विदा कराने के इरादे से अपने ससुराल गोविंदपुर शकरपुर पहुंचा।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​फिर हुई बहस: घर पहुंचते ही काजल के वापस जाने को लेकर दोनों के बीच फिर से कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि कपिल गुस्से में वहां से निकल गया।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​फूफा का घर और सुलह की कोशिश: ससुराल से निकलकर कपिल शाहजहांपुर स्थित काजल के फूफा के घर पहुंच गया। वहां रिश्तेदारों ने कपिल को समझाया-बुझाया और मामले को शांत करने की कोशिश कर उसे वापस भेज दिया। रिश्तेदारों को लगा कि मामला शांत हो गया है, लेकिन कपिल के दिमाग में क्रोध का ज्वालामुखी उबल रहा था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​मासूम के साथ की दरिंदगी: शाहजहांपुर से लौटने के बाद कपिल ने जो किया, उसकी कल्पना किसी ने सपने में भी नहीं की थी। उसने अपने 4 साल के मासूम बेटे कृष्णा को अपने पास बुलाया। आरोप है कि कपिल ने एक कोल्ड्रिंक में कोई तेज जहरीला पदार्थ (विषाक्त) मिलाया और उसे अपने ही बेटे को पिला दिया।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

तड़पता रहा मासूम, फिर पिता ने भी खा लिया जहर

\r\n\r\n
​जहर पीते ही 4 साल के कृष्णा की हालत बिगड़ने लगी। मासूम दर्द से तड़पने लगा और उसके मुंह से झाग आने लगे। बच्चे की यह हालत देखकर पूरे घर में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में स्वजन बच्चे को लेकर अस्पताल की तरफ भागे, लेकिन जहर इतना तेज था कि रास्ते में ही मासूम कृष्णा ने हमेशा के लिए अपनी आंखें मूंद लीं। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​पिता का खौफनाक अंत:

\r\n\r\n
अपने ही हाथों अपने बेटे की जान लेने के बाद कपिल को शायद अपनी गलती और उस अपराध की गंभीरता का अहसास हुआ, या फिर वह पुलिस के खौफ और पारिवारिक तनाव से पूरी तरह टूट चुका था। बेटे की मौत के कुछ ही देर बाद कपिल ने भी उसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
​जहर खाने के बाद कपिल जमीन पर गिर पड़ा और उसकी भी हालत गंभीर हो गई। बदहवास परिजन उसे तुरंत मेरठ के मेडिकल कॉलेज लेकर दौड़े, जहां उसे गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन शनिवार सुबह (11 जुलाई) करीब 4 बजे इलाज के दौरान कपिल ने भी दम तोड़ दिया।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​पुलिस की कार्रवाई: क्या कह रहे हैं अधिकारी?

\r\n\r\n
​इस दोहरी मौत की सूचना मिलते ही किठौर और परीक्षितगढ़ थाना पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​इंस्पेक्टर का बयान:

\r\n\r\n
किठौर थाना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सक्सेना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला प्रथम दृष्टया पारिवारिक कलह और गुस्से का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, "घटना के वास्तविक कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल दोनों (पति और पत्नी) पक्षों के स्वजनों से पूछताछ और वार्ता की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​एक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सवाल

\r\n\r\n
​यह घटना केवल एक क्राइम न्यूज़ नहीं है, बल्कि हमारे समाज के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक सवाल भी छोड़ जाती है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    ​क्रोध प्रबंधन (Anger Management): पति-पत्नी के छोटे-मोटे झगड़े किस तरह ईगो (Ego) और क्रोध का रूप ले लेते हैं कि इंसान सही और गलत की पहचान भूल जाता है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    ​बच्चों का क्या कसूर? इस पूरे विवाद में उस 4 साल के मासूम कृष्णा और पीछे छूट गई छोटी बेटी परी का क्या कसूर था? माता-पिता के झगड़े में अक्सर बच्चे सबसे बड़े और मासूम शिकार बनते हैं।
    \r\n
  4. \r\n
\r\n\r\n
​
\r\n\r\n
आज काजल के पास न तो उसका सुहाग बचा है और न ही उसका बेटा। गोविंदपुर शकरपुर और रहदरा गांव के लोग इस घटना से सन्न हैं। इस दर्दनाक घटना ने यह साबित कर दिया है कि रिश्ते में संवाद की कमी और क्रोध इंसान से कुछ भी करवा सकता है, जिसका पछतावा मौत के अलावा और कुछ नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन