मेरठ: दिसंबर का दूसरा हफ्ता मेरठवासियों के लिए राहत के बजाय मुसीबत लेकर आया है। शहर की आबोहवा सुधरने के बजाय और ज्यादा जहरीली होती जा रही है। वायु प्रदूषण (Air Pollution) खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, जिसके चलते हवा की गुणवत्ता 'लाल श्रेणी' यानी बहुत खराब (Very Poor) कैटेगरी में दर्ज की गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 386 तक पहुंच गया है, जिससे लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया है।Read also:-मेरठ: हाईकोर्ट बेंच आंदोलन को मिला 'युवा ब्राह्मण समाज' का खुला समर्थन; बार एसोसिएशन को सौंपा पत्र, कहा- हक की लड़ाई में हम साथ
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प्रदूषण में मेरठ देश में चौथे स्थान पर
\r\n\r\nप्रदूषण के मामले में मेरठ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। CPCB द्वारा जारी देश के 244 शहरों की सूची में मेरठ चौथे स्थान पर है। हैरानी की बात यह है कि प्रदूषण की इस लिस्ट में टॉप-4 शहर एनसीआर (NCR) क्षेत्र के ही हैं।
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आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है:
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- \r\n पहला स्थान: मुजफ्फरनगर (AQI 407)\r\n \r\n
- \r\n दूसरा स्थान: बागपत (AQI 392)\r\n \r\n
- \r\n तीसरा स्थान: नोएडा (AQI 390)\r\n \r\n
- \r\n चौथा स्थान: मेरठ (AQI 386)\r\n \r\n
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स्मॉग की चादर और सेहत पर वार
\r\n\r\nलगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण शहर की फिजा में जहर घुल गया है। सुबह और शाम के वक्त घना स्मॉग (Smog) छाया रहता है। विशेषकर शाम चार बजे के बाद स्मॉग की परत और मोटी हो जाती है, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) कम हो रही है।
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बीते दो दिनों से एक्यूआई के स्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जहरीली हवा के चलते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। शहरवासियों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, पानी आना और गले में खराश जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर्स ने बुजुर्गों और बच्चों को सुबह की सैर (Morning Walk) से बचने की सलाह दी है।
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गिरता पारा और शुष्क मौसम
\r\n\r\nएक तरफ प्रदूषण की मार है तो दूसरी तरफ ठंड ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मेरठ में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। रातें अब पहले से ज्यादा सर्द हो गई हैं और ओस गिरने से वातावरण में नमी बनी हुई है।
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCS University) की मौसम वेधशाला के अनुसार:
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- \r\n अधिकतम तापमान: 25.2 डिग्री सेल्सियस\r\n \r\n
- \r\n न्यूनतम तापमान: 8.4 डिग्री सेल्सियस\r\n \r\n
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17 दिसंबर तक राहत के आसार नहीं
\r\n\r\nप्रदूषण के कणों के हवा में ठहरने का एक बड़ा कारण हवा की धीमी रफ्तार है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, आगामी पांच दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
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17 दिसंबर तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि, रात के तापमान में औसतन दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है, लेकिन प्रदूषण और ठंड की जुगलबंदी अभी जारी रहेगी।
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मेरठ का AQI (Air Quality Index) खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। प्रशासन द्वारा ग्रैप (GRAP) के नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात सुधरते नहीं दिख रहे। ऐसे में नागरिकों को खुद भी सावधानी बरतने और मास्क का प्रयोग करने की आवश्यकता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.