किठौर (मेरठ):
\r\n\r\n
"सोमवार की रात थी... लगभग 12 बजे हम मोबाइल चलाकर सोए थे। अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई और इससे पहले कि हम कुछ समझ पाते, पानी और मिट्टी का सैलाब हमारे कमरे की दीवारों को तोड़ता हुआ अंदर आ गया। भाई (कैफ) सोफे में फंसा और मेरी आंखों के सामने डूब गया... मैं भी लगभग हिम्मत हार चुका था..."READ ALSO:-मेरठ की रामलीला में पहली बार लेजर और ड्रोन शो, अयोध्या की तर्ज पर बन रहा भगवान श्रीराम का महल
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यह कहते-कहते देहरादून की प्रलयंकारी आपदा से बचकर लौटे घायल गुड्डू की आंखें छलक पड़ती हैं। हर शब्द में उस रात का खौफ और अपने चचेरे भाई मुहम्मद कैफ को खोने का असहनीय दर्द झलकता है। किठौर के मोहल्ला मौसमखानी निवासी कैफ (22) की इस आपदा में दर्दनाक मौत हो गई, जबकि हापुड़ के सरावनी निवासी गुड्डू इस तबाही के चश्मदीद गवाह हैं।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
तबाही की वो रात, गुड्डू की जुबानी...
\r\n\r\n
कैफ के दफीने (अंतिम संस्कार) के बाद घर पर सांत्वना देने पहुंचे लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों को घायल गुड्डू ने जो बताया, उसे सुनकर हर किसी का दिल दहल गया। गुड्डू ने बताया:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
"हम सहस्त्रधारा की ग्रीनवैली कॉलोनी में एक चार मंजिला बिल्डिंग के बेसमेंट में रहते थे, जो सड़क से करीब 40 फीट ऊंचाई पर बनी थी। रात में अचानक हुए धमाके के बाद मिट्टी की ढांग (पहाड़ी का हिस्सा) कमरे में आ गिरी। मैं घबराकर बाहर की तरफ भागा, लेकिन दरवाजे तक पहुंचते-पहुंचते आधे से ज्यादा मलबे में धंस गया। तभी ऊपर से एक पत्थर मेरे सिर पर लगा। कैफ मेरे पास ही सोफे के नीचे सो रहा था, वह उसी सोफे में फंस गया और सैलाब उसे बहा ले गया।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मौत से जंग और सुबह का इंतजार
\r\n\r\n
गुड्डू ने बताया कि किसी तरह हिम्मत जुटाकर और एक अन्य मजदूर की मदद से वह मलबे से बाहर निकले। पूरी रात खौफ के साये में गुजारने के बाद सुबह 6:15 बजे उन्होंने देहरादून में रहने वाले अपने रिश्तेदारों को फोन पर सूचना दी। 20 मिनट के भीतर रिश्तेदार मौके पर पहुंचे, जिसके बाद गुड्डू को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। सूचना पर पहुंची SDRF और NDRF की टीमों ने बचाव कार्य शुरू किया और कुछ देर बाद कैफ का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सरकार ने बढ़ाया मदद का हाथ
\r\n\r\n
इस हृदय-विदारक घटना के बाद प्रशासन ने मृतक के परिवार की सुध ली है। बुधवार को मवाना तहसील से नायब तहसीलदार राहुल मलिक और लेखपाल धर्मेंद्र मृतक कैफ के घर पहुंचे और परिवार से जरूरी दस्तावेज लिए। उन्होंने बताया कि स्थानीय राजस्व प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखंड सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। वहीं, घायल गुड्डू को भी मुआवजा मिल सके, इसके लिए हापुड़ राजस्व विभाग द्वारा रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
\r\n\r\n
इस आपदा से कुछ दिन पहले ही कैफ का एक और भाई खालिद घर लौट आया था, वर्ना शायद यह त्रासदी और भी बड़ी हो सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन