मेरठ (Meerut News): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में आज एक शादी समारोह सियासी और सामाजिक अखाड़े में तब्दील हो गया है। जहां एक ओर दो परिवार निकाह और विवाह की रस्में निभाने की तैयारी कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर 'लव जिहाद' (Love Jihad) के आरोपों ने पूरे शहर का माहौल गरमा दिया है। बैंककर्मी आकांक्षा और शाहवेज की शादी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया है कि हिंदू संगठनों ने महापंचायत का ऐलान कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने एहतियातन कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।READ ALSO:-बिजनौर: मंडावर चौराहे पर 'रफ्तार का कहर', ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी को कार ने हवा में उछाला; अस्पताल पहुंचे SP अभिषेक झा
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मामला तब और पेचीदा हो गया जब युवती के चाचा ने इसे धर्मांतरण और संपत्ति हड़पने की साजिश बताते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं, गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी (Pinky Chaudhary) को मेरठ कूच करने से रोकने के लिए पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया है। यह पूरा मामला अब दो वयस्कों की निजी पसंद बनाम सामाजिक दबाव और कानूनी पचड़ों के बीच उलझकर रह गया है।
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शादी के मंडप से थाने की चौखट तक पहुंचा मामला
\r\n\r\nमेरठ में आज जिस बैंक्वेट हॉल में शहनाइयां बजनी थीं, वहां पुलिस के सायरन और भारी बूटों की आवाजें गूंज रही हैं। यह विवाद एक अंतर-धार्मिक विवाह (Interfaith Marriage) से जुड़ा है। बैंक में कार्यरत आकांक्षा और शाहवेज (जिसे परिवार साहिल के नाम से जानता था) एक-दूसरे से विवाह करना चाहते हैं। लेकिन शादी के दिन ही हिंदू संगठनों और युवती के परिजनों के एक हिस्से ने इसे 'लव जिहाद' (Meerut Love Jihad Case) का नाम देकर भारी विरोध शुरू कर दिया।
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विरोध की आग इतनी तेज है कि हिंदू संगठनों ने विवाह स्थल के पास ही महापंचायत की घोषणा कर दी है। उनका आरोप है कि युवक ने अपनी पहचान छिपाकर युवती को प्रेम जाल में फंसाया है। हालांकि, युवती और उसकी मां ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक साजिश करार दिया है।
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चाचा का आरोप: "यह प्यार नहीं, धर्मांतरण और संपत्ति का खेल है"
\r\n\r\nइस पूरे प्रकरण में नया मोड़ तब आया जब आकांक्षा के चाचा, प्रेमचंद ने गंगानगर थाने में लिखित शिकायत दी। उन्होंने पुलिस और डीएम कार्यालय में दी गई अपनी तहरीर में गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेमचंद का कहना है कि उनकी भतीजी को एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया है।
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चाचा के अनुसार, "लड़के ने अपना असली नाम और धर्म छिपाकर आकांक्षा से नजदीकी बढ़ाई। यह मामला सिर्फ शादी का नहीं, बल्कि धर्मांतरण (Religious Conversion) का है। उनका मुख्य उद्देश्य मेरी भतीजी का धर्म परिवर्तन कराना और बाद में उसकी संपत्ति पर कब्जा करना है।" चाचा की तहरीर को आधार मानते हुए पुलिस ने धर्मांतरण निषेध कानून की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शादी के कार्ड में छपे नाम और असली दस्तावेजों में नामों की भिन्नता जांच का मुख्य विषय है।
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आकांक्षा का पलटवार: "मैं सनातनी नहीं, अंबेडकरवादी हूं"
\r\n\r\nविवादों के बीच बैंककर्मी आकांक्षा ने निडरता से अपना पक्ष रखा है। उन्होंने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि वह बालिग हैं और अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं। आकांक्षा ने जो तर्क दिया है, उसने 'लव जिहाद' के नैरेटिव को एक नई दिशा दे दी है।
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आकांक्षा ने कहा, "मुझ पर लव जिहाद के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। मैं सनातनी नहीं, बल्कि अंबेडकरवादी (Ambedkarite) हूं और बौद्ध धर्म को मानती हूं। हमारी शादी भी बौद्ध रीति-रिवाजों से हो रही है, न कि किसी दबाव में। मैं शाहवेज को जानती हूं और हम अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं।"
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युवती ने अपने चाचा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर (FIR) को झूठा बताते हुए कहा कि वह इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगी। उनका कहना है कि कुछ बाहरी तत्व और परिवार के कुछ सदस्य उनकी खुशियों में जबरन खलल डाल रहे हैं।
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"साहिल" नाम का रहस्य: मां ने खोला राज
\r\n\r\nलव जिहाद के मामलों में अक्सर पहचान छिपाने का आरोप लगता है। इस मामले में भी आरोप था कि शाहवेज ने खुद को "साहिल" बताकर युवती से दोस्ती की। लेकिन आकांक्षा की मां, लता गौतम ने इन आरोपों की हवा निकाल दी।
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लता गौतम ने बताया, "हम लड़के और उसके परिवार को पिछले 6 साल से जानते हैं। कोई धोखे वाली बात नहीं है। लड़के का असली नाम शाहवेज है, लेकिन प्यार से मैंने ही उसे 'साहिल' निकनेम दिया था। यही नाम शादी के कार्ड पर भी छपवाया गया क्योंकि हम उसे इसी नाम से बुलाते हैं।"
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मां का यह बयान पुलिस की जांच में अहम साबित हो सकता है, क्योंकि यह साबित करता है कि परिवार को लड़के की पहचान के बारे में पहले से जानकारी थी और यह कोई "पहचान छिपाने" (Impersonation) का मामला नहीं है।
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हिंदू संगठनों की महापंचायत और पुलिस का एक्शन
\r\n\r\nशादी की खबर फैलते ही मेरठ और आसपास के जिलों में हिंदू संगठन सक्रिय हो गए। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य स्थानीय संगठनों ने इसे 'हिंदू बेटियों की सुरक्षा' का मुद्दा बना लिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने ऐलान किया कि वे मौके पर महापंचायत करेंगे।
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सचिन सिरोही ने कहा, "यह पंचायत हिंदू समाज की बहन-बेटियों को लव जिहाद (Meerut Love Jihad Case) के षड्यंत्र से बचाने के लिए बुलाई गई है। हम चुप नहीं बैठ सकते जब हमारी बेटियों को नाम बदलकर फंसाया जा रहा हो।"
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उधर, गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल (Hindu Raksha Dal) के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने भी मेरठ कूच करने का ऐलान कर दिया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने पिंकी चौधरी को उनके आवास पर ही नजरबंद (House Arrest) कर दिया है। पुलिस का मानना है कि उनके मेरठ पहुंचने से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी।
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पुलिस का चक्रव्यूह: बैंक्वेट हॉल बना छावनी
\r\n\r\nमहापंचायत की घोषणा के बाद मेरठ पुलिस (Meerut Police) हाई अलर्ट मोड पर है। जिस बैंक्वेट हॉल में शादी होनी है, उसे पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। एसपी सिटी और अन्य आला अधिकारी मौके पर मुस्तैद हैं।
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पुलिस की प्राथमिकता है कि किसी भी तरह की हिंसा न हो। पुलिस अधिकारियों ने बताया, "हमें एक पक्ष से धर्मांतरण की शिकायत मिली है जिस पर एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, युवती बालिग है और अपनी मर्जी से शादी की बात कह रही है। कानून के मुताबिक जो सही होगा, वही कार्रवाई की जाएगी, लेकिन शहर की शांति भंग करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।"
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आरोप है कि कुछ संगठन बैंक्वेट हॉल मालिक पर बुकिंग रद्द करने का दबाव बना रहे हैं। बारातियों और मेहमानों को भी डराने-धमकाने की खबरें सामने आ रही हैं। पुलिस ने साफ किया है कि यदि किसी ने कानून हाथ में लेने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई होगी।
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कानून क्या कहता है?
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश में "उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम" (UP Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act) लागू है। इस कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति धोखे से, जबरदस्ती, या विवाह के उद्देश्य से किसी का धर्म परिवर्तन कराता है, तो यह गैर-जमानती अपराध है।
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हालांकि, इस मामले में पेंच यह है कि युवती खुद को बौद्ध बता रही है और अपनी सहमति जता रही है। भारतीय संविधान (Indian Constitution) के अनुच्छेद 21 के तहत दो बालिगों को अपनी पसंद के साथी के साथ विवाह करने का मौलिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कई मामलों में बालिग जोड़ों के 'लिव-इन' या विवाह के अधिकार को संरक्षण दिया है।
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अब पुलिस को यह साबित करना होगा कि क्या वाकई शाहवेज ने अपनी पहचान छिपाई थी, या जैसा कि मां और बेटी कह रही हैं, सब कुछ आपसी सहमति और जानकारी में हो रहा था।
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लव जिहाद: एक ज्वलंत मुद्दा
\r\n\r\nमेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 'लव जिहाद' एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा रहा है। अक्सर ऐसे मामलों में भारी हंगामा देखने को मिलता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बालिगों के निजी फैसलों में खाप पंचायतों या संगठनों का दखल संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। वहीं, हिंदू संगठनों का तर्क है कि सुनियोजित तरीके से हिंदू लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है, और समाज को जगाना उनका कर्तव्य है।
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आकांक्षा का अंबेडकरवादी होना इस मामले को एक नया सामाजिक आयाम देता है। यह मामला सिर्फ हिंदू-मुस्लिम का न रहकर, अब दलित-अंबेडकरवादी विमर्श और हिंदुत्व की राजनीति के बीच भी उलझता दिख रहा है।
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मेरठ में आकांक्षा और शाहवेज (Meerut Love Jihad Case) की शादी अब महज दो दिलों का मिलन नहीं, बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई बन गई है। एक तरफ संविधान द्वारा दिए गए निजी स्वतंत्रता के अधिकार हैं, तो दूसरी तरफ सामाजिक और धार्मिक संगठनों का दबाव। पुलिस के लिए यह स्थिति किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। अब देखना यह होगा कि पुलिस की जांच में क्या निकलकर सामने आता है और क्या यह जोड़ा भारी पुलिस सुरक्षा और सामाजिक विरोध के बीच एक हो पाता है या नहीं। फिलहाल, मेरठ में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
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मेरठ में बैंककर्मी आकांक्षा और शाहवेज की शादी पर 'लव जिहाद' के आरोपों के बाद भारी बवाल मचा हुआ है। युवती के चाचा ने धर्मांतरण और साजिश का मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि युवती और उसकी मां ने शादी को रजामंदी से और पारदर्शी बताया है। हिंदू संगठनों की महापंचायत के ऐलान के बाद पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं और हिंदू नेता पिंकी चौधरी को हाउस अरेस्ट किया गया है।