मेरठ (विशेष क्राइम एवं दुर्घटना संवाददाता)। भारतवर्ष में सावन का महीना शिवभक्ति, उल्लास और आस्था का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है। इस पवित्र महीने में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों से लाखों शिवभक्त (कांवड़िए) अपने आराध्य देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक करने के लिए नंगे पैर और वाहनों से हरिद्वार, ऋषिकेश और नीलकंठ महादेव की ओर कूच करते हैं। पूरा माहौल 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान रहता है। लेकिन आस्था के इस महाकुंभ के बीच, शनिवार की सुबह मेरठ से एक ऐसी मनहूस और दर्दनाक खबर सामने आई, जिसने हाईवे पर मौजूद हर शिवभक्त और आम नागरिक के दिल को झकझोर कर रख दिया।READ ALSO:-सावन का उल्लास: सीएम योगी ने कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर और मंच से की पुष्पवर्षा, मेरठ में सुरक्षा के बीच संदिग्ध ड्रोन मिलने से हड़कंप
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दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (Delhi-Dehradun National Highway 58), जो इन दिनों कांवड़ियों के मुख्य मार्ग के रूप में कार्य कर रहा है, वहां शनिवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में बाइक पर सवार होकर हरिद्वार जा रहे दो अज्ञात शिवभक्तों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर रात के समय होने वाले हादसों और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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\r\n\r\nशनिवार की भोर और काल का प्रहार: कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
\r\n\r\nपुलिस नियंत्रण कक्ष (Control Room) से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी और घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, यह भयानक हादसा शनिवार सुबह तड़के लगभग 5:00 बजे के आसपास हुआ। यह वह समय होता है जब रात भर का सफर करने के बाद अक्सर वाहन चालकों को नींद के झोंके (Microsleep) आने लगते हैं, या फिर हाईवे पर विजिबिलिटी (दृश्यता) में कमी होती है।
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- \r\n दुर्घटना का सटीक स्थान (Location): दुर्घटना मेरठ जिले के दौराला थाना क्षेत्र (Daurala Police Station) के अंतर्गत आने वाले वलीदपुर गांव (Walidpur Village) के ठीक सामने हुई। यह इलाका दिल्ली-देहरादून हाईवे का एक व्यस्त हिस्सा है, जहां इन दिनों कांवड़ियों की भारी भीड़ चल रही है।\r\n \r\n
- \r\n घटना का घटनाक्रम: जानकारी के मुताबिक, दोनों शिवभक्त एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे। वे दिल्ली/एनसीआर की दिशा से आ रहे थे और उनका गंतव्य हरिद्वार था, जहां से उन्हें गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौटना था। वलीदपुर गांव के पास अचानक उनकी बाइक बेकाबू हो गई और बुरी तरह दुर्घटनाग्रस्त हो गई।\r\n \r\n
- \r\n हादसे का कारण अज्ञात: अभी तक यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बाइक किसी अज्ञात भारी वाहन (Hit and Run) की चपेट में आई, तेज रफ्तार के कारण स्लिप हो गई, या फिर डिवाइडर से टकरा गई। पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर हाईवे पर टायर के निशानों (Skid Marks) और क्षतिग्रस्त बाइक की स्थिति का मुआयना कर रही है।\r\n \r\n
चीख-पुकार, साथी कांवड़ियों का प्रयास और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
\r\n\r\nतड़के का समय होने के कारण हाईवे पर अन्य शिवभक्तों के जत्थे भी पैदल और वाहनों से गुजर रहे थे। जब लोगों ने जोरदार आवाज सुनी और दोनों युवकों को खून से लथपथ हाईवे की सड़क पर गिरे देखा, तो मौके पर चीख-पुकार मच गई।
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- \r\n त्वरित पुलिस कार्रवाई: साथी कांवड़ियों ने तुरंत अपनी यात्रा रोक दी और मदद के लिए दौड़ पड़े। किसी ने फौरन पुलिस हेल्पलाइन 112 डायल कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही दौराला थाने की पुलिस फोर्स और हाईवे पेट्रोलिंग वाहन बिना कोई समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंच गए।\r\n \r\n
- \r\n अस्पताल में टूटी सांसों की डोर: पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाईवे पर लगे ट्रैफिक को तुरंत डायवर्ट किया और घायलों को बिना देरी किए एंबुलेंस के जरिए नजदीकी बड़े अस्पताल पहुंचाया। दोनों युवकों के सिर और छाती पर बेहद गंभीर चोटें आई थीं। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की विशेष टीम ने उन्हें बचाने का भरपूर प्रयास किया, सीपीआर (CPR) दिया गया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने (Heavy Blood Loss) और क्रिटिकल इंजरी के कारण डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।\r\n \r\n
- \r\n पोस्टमार्टम की तैयारी: डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद, पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं (Panchnama) पूरी करते हुए दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी भेज दिया है।\r\n \r\n
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती: कौन थे वे अभागे शिवभक्त?
\r\n\r\nइस दर्दनाक हादसे के बाद दौराला पुलिस और मेरठ प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान (Identification) सुनिश्चित करने की है। यह बहुत ही हृदयविदारक स्थिति है कि जो युवक अपने घरों से भगवान शिव का जल लाने के लिए निकले थे, वे अब इस दुनिया में नहीं रहे, और उनके परिजनों को इस अनहोनी की भनक तक नहीं है।
\r\n\r\nशिनाख्त के लिए पुलिस निम्नलिखित तकनीकी और पारंपरिक कदम उठा रही है:
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- \r\n रजिस्ट्रेशन नंबर से तलाश: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों मृतकों के कपड़ों से कोई पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी) या चालू हालत में मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में पुलिस दुर्घटनाग्रस्त हुई मोटरसाइकिल के नंबर प्लेट और चेसिस/इंजन नंबर (Chassis/Engine Number) के जरिए आरटीओ (RTO) डेटाबेस से वाहन मालिक का पता लगाने की पुरजोर कोशिश कर रही है।\r\n \r\n
- \r\n कांवड़ शिविरों और ढाबों पर पड़ताल: पुलिस की अलग-अलग टीमें घटनास्थल के आसपास और हाईवे से पीछे की तरफ लगे कांवड़ सेवा शिविरों, पेट्रोल पंपों और ढाबों पर पूछताछ कर रही हैं, ताकि यह पता चल सके कि क्या वे किसी बड़े जत्थे (Group) से बिछड़ गए थे या रात में कहीं रुके थे।\r\n \r\n
- \r\n सीसीटीवी (CCTV) और टोल प्लाजा: पुलिस सिवाया टोल प्लाजा और आसपास के कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह देखा जा सके कि उनके साथ और कौन था, या क्या किसी अन्य वाहन ने उन्हें टक्कर मारी है।\r\n \r\n
- \r\n सोशल मीडिया और वायरलेस संदेश: पुलिस ने मृतकों की उम्र (अनुमानित), शारीरिक बनावट, पहने हुए कपड़ों और बाइक की तस्वीरें वायरलेस सेट व सोशल मीडिया के जरिए आसपास के सभी जिलों (गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली) के थानों के साथ साझा कर दी हैं।\r\n \r\n
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हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और दुर्घटनाओं पर चिंता
\r\n\r\nकांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-देहरादून हाईवे (NH-58) पर शिवभक्तों की भारी आवाजाही रहती है। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और मेरठ प्रशासन ने कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही काफी चाक-चौबंद कर रखी है। भारी कमर्शियल वाहनों का प्रवेश कांवड़ मार्गों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित (Route Divert) कर दिया गया है।
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इसके बावजूद, हाईवे पर होने वाले इस तरह के हादसे सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करते हैं। अधिकारियों का मानना है कि रात के समय तेज रफ्तार और नींद का आना ऐसे हादसों का सबसे बड़ा कारण बनता है। पुलिस हिट-एंड-रन के एंगल से भी जांच कर रही है, अगर किसी अन्य वाहन की गलती पाई गई, तो सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाएगी।
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शिवभक्तों से मार्मिक अपील
\r\n\r\nशनिवार की यह मनहूस सुबह हम सभी के लिए एक गहरा और दुखद सबक छोड़ जाती है। कांवड़ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और संयम का पर्व है। मेरठ प्रशासन और यूपी पुलिस लगातार सभी कांवड़ियों से हाथ जोड़कर अपील कर रही है कि:
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- \r\n रात के समय या अत्यधिक थकान होने पर सफर करने से बचें।\r\n \r\n
- \r\n नींद आने पर हाईवे किनारे लगे कांवड़ सेवा शिविरों में विश्राम अवश्य करें।\r\n \r\n
- \r\n दुपहिया वाहनों (Bike/Scooty) पर चलते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।\r\n \r\n
- \r\n ओवरस्पीडिंग और स्टंट बाजी से पूरी तरह बचें।\r\n \r\n
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दौराला पुलिस दुर्घटना के असली कारणों की तह तक जाने के लिए विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बाइक मालिक की शिनाख्त पूरी होने के बाद ही इस पूरे हादसे की सही तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल, पूरे प्रशासन की पहली प्राथमिकता उन दोनों अभागे शिवभक्तों के परिजनों को ढूंढकर उन्हें यह दुखद समाचार देना है। पूरा मेरठ शहर और साथी कांवड़िए इस घटना से स्तब्ध हैं और महादेव से प्रार्थना कर रहे हैं कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।


