मेरठ/मुजफ्फरनगर (विशेष समाचार डेस्क)। भगवान शिव के सबसे प्रिय मास 'सावन' में इस समय उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत का माहौल शिवमय हो चुका है। हरिद्वार, ऋषिकेश और गोमुख से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ते कांवड़ियों का रेला यूपी की सड़कों पर उमड़ पड़ा है। वातावरण में गूंजते 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारे हर किसी को भक्ति रस में सराबोर कर रहे हैं। दिल्ली-देहरादून हाईवे समेत सभी प्रमुख मार्गों पर शिवभक्तों की अटूट कतारें नजर आ रही हैं। शनिवार, 8 अगस्त 2026 को इस महाकुंभ में उस वक्त और अधिक उत्साह भर गया, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं शिवभक्तों का अभिनंदन किया।READ ALSO:-सावन की पावन बेला में शिवभक्तों की सेवा का महाकुंभ: गढ़ रोड पर मोहन बाबा समिति का भव्य कांवड़ शिविर, जानें क्या हैं विशेष इंतजाम
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 सीएम योगी ने मेरठ में हेलीकॉप्टर से कांवड़ रूट का जायजा लिया।

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिवभक्तों पर बरसाए फूल: 18 मिनट तक चला भव्य नजारा

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कांवड़ियों की सेवा और सुरक्षा के लिए यूपी सरकार ने इस बार अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ और मुजफ्फरनगर के शिव चौक सहित प्रमुख मार्गों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मंच और हेलीकॉप्टर के माध्यम से लगातार 18 मिनट तक कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। जैसे ही आसमान से गुलाब की पंखुड़ियां शिवभक्तों पर गिरीं, पूरा हाइवे 'हर-हर महादेव' और 'योगी-योगी' के नारों से गूंज उठा। इस अलौकिक दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए कांवड़ियों में होड़ सी मच गई।
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इस भव्य अवसर पर मंच से शिवभक्तों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, "पूरे उत्साह के साथ इस पावन कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनने वाले सभी शिवभक्तों का मैं प्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता हूं। सावन के मास में पावन कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर आगे बढ़ रही है। देवाधिदेव महादेव के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा के चलते पैदल ही यात्रा कर रहे ये शिवभक्त, समर्पण के साथ-साथ सामाजिक समता और राष्ट्रीय एकता के सबसे बड़े परिचायक हैं।"
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मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि इस वर्ष सावन की शिवरात्रि के अवसर पर गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार के बीच लगभग 4 से 4.5 करोड़ शिवभक्तों द्वारा शिवालयों में गंगाजल से जलाभिषेक करने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आए लाखों श्रद्धालु प्रांतीय सीमाओं से ऊपर उठकर इस यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं।
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सुरक्षा में सेंध का प्रयास? मेरठ में मंच के पास संदिग्ध ड्रोन मिलने से मचा हड़कंप

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जहां एक ओर पुष्पवर्षा का उल्लास था, वहीं दूसरी ओर मेरठ में एक बड़ी सुरक्षा चूक का मामला सामने आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान मंच के बेहद करीब एक संदिग्ध ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई दिया। आसमान में पहले से ही प्रशासन का एक सरकारी ड्रोन निगरानी कर रहा था, लेकिन यह दूसरा अज्ञात ड्रोन देखते ही सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए।
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पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत एक्शन मोड में आते हुए उस ड्रोन की लोकेशन ट्रेस की और कुछ ही मिनटों में ड्रोन को कब्जे में लेकर उसे उड़ाने वाले युवक को धर दबोचा। मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, "मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान एक अज्ञात ड्रोन उड़ता पाया गया। हमने तुरंत उसे उड़ा रहे व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है। वह मेडिकल थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है।"
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पूछताछ के दौरान युवक ने दावा किया कि उसे वीआईपी सुरक्षा और ड्रोन उड़ाने के नियमों (No Fly Zone) की जानकारी नहीं थी। हालांकि, पुलिस इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है। पकड़े गए युवक के सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल्स, बैंक डिटेल्स और कॉल रिकॉर्ड्स को बारीकी से खंगाला जा रहा है। इसके साथ ही ड्रोन के अंदर मौजूद चिप और कैमरे की फुटेज को फोरेंसिक जांच (Forensic Probe) के लिए भेज दिया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका उद्देश्य केवल वीडियोग्राफी था या कोई गहरी साजिश।
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छावनी में तब्दील हुआ प्रसिद्ध बाबा औघड़नाथ मंदिर, ATS ने संभाला मोर्चा

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भक्तों की भारी भीड़ और खुफिया इनपुट्स को देखते हुए मेरठ के ऐतिहासिक बाबा औघड़नाथ मंदिर (काली पलटन मंदिर) की सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की कमान अब सीधे उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS - Anti Terrorist Squad) ने अपने हाथों में ले ली है। पूरे मंदिर परिसर और आसपास के 2 किलोमीटर के दायरे में लगभग 1,000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों और कमांडोज को तैनात किया गया है। जगह-जगह सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं और सादे कपड़ों में खुफिया विभाग के अधिकारी भी चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं।
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आस्था के अनोखे और अद्भुत रंग: 70 वर्षीय बुजुर्ग का जज्बा और आंखों पर पट्टी बांधकर यात्रा

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इस बार की कांवड़ यात्रा केवल भीड़ के लिए नहीं, बल्कि शिवभक्तों की अनोखी श्रद्धा के लिए भी जानी जा रही है। जहां युवा डीजे की धुनों पर नाचते-गाते आगे बढ़ रहे हैं, वहीं बुजुर्गों का जज्बा भी देखते ही बन रहा है।
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 सीएम योगी ने मेरठ में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। इस दौरान हेलीकॉप्टर से भी फूल बरसाए गए।

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दिल्ली के रहने वाले 70 वर्षीय प्रमोद कुमार अपनी साइकिल से कांवड़ यात्रा पूरी कर रहे हैं। उन्होंने अपनी साइकिल के आगे लग्जरी कार कंपनी 'BMW' का लोगो लगा रखा है, जो लोगों का ध्यान खींच रहा है। प्रमोद जी बताते हैं कि वह पिछले 10 सालों से लगातार हरिद्वार से साइकिल पर ही गंगाजल ला रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह रोजाना 100 किलोमीटर से ज्यादा साइकिल चलाते हैं। उनकी यह ऊर्जा आज के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है।
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वहीं, मुजफ्फरनगर में महादेव की भक्ति का एक ऐसा स्वरूप देखने को मिला जिसने सबको हैरान कर दिया। यहां एक शिवभक्त अपनी आंखों पर काली पट्टी बांधकर कई किलोमीटर लंबी कठिन कांवड़ यात्रा पूरी कर रहा है। वह केवल अपने साथियों की आवाज और अपने भीतर की श्रद्धा के सहारे कदम दर कदम आगे बढ़ रहा है।
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15 लाख रुपये की 'कबूतर कांवड़': केदारनाथ के शहीदों को अनोखी श्रद्धांजलि

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शामली में जब सोनीपत (हरियाणा) निवासी अंकित अपनी विशेष कांवड़ लेकर पहुंचे, तो पूरा हाईवे उन्हें देखने के लिए रुक गया। अंकित कोई साधारण कांवड़ नहीं, बल्कि एक बेहद खास 'कबूतर कांवड़' लेकर आ रहे हैं, जिसे तैयार करने में करीब 15 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत आई है। इस आलीशान और कलात्मक कांवड़ में 10 जीवित कबूतर भी उनके साथ यात्रा कर रहे हैं।
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इस अनोखी कांवड़ के पीछे एक बेहद भावुक कर देने वाली कहानी है। अंकित ने बताया, "कुछ समय पहले केदारनाथ धाम में एक दुर्घटना के दौरान एक कबूतर के जोड़े की मौत हो गई थी, जिसे मैं शहीद मानता हूं। महादेव के धाम में जान गंवाने वाले उन बेजुबानों की याद में मैंने इस बार यह खास कांवड़ उठाने का संकल्प लिया था।" यह कांवड़ इतनी सुंदर और विशाल है कि रास्ते में गुजरने वाला हर राहगीर और श्रद्धालु रुककर इसके साथ सेल्फी ले रहा है और वीडियो बना रहा है। अंकित का मानना है कि बेजुबान पक्षियों के प्रति यह प्रेम भी महादेव की ही एक विशेष आराधना है।
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वर्ष 2026 की यह कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है। प्रशासन की कड़ी मुस्तैदी, मुख्यमंत्री का सीधा जुड़ाव, सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और शिवभक्तों के अनोखे रंग— ये सभी मिलकर सावन के इस पर्व को एक महा-उत्सव में बदल रहे हैं। जैसे-जैसे शिवरात्रि का दिन करीब आ रहा है, वैसे-वैसे शिवालयों की ओर बढ़ने वाले कदमों की रफ्तार भी तेज होती जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना सुखद होगा कि आस्था का यह सैलाब बिना किसी विघ्न के अपने गंतव्य तक पहुंचे और महादेव का जलाभिषेक शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
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