Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली और उत्तराखंड के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। जिस प्रोजेक्ट का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था, वह अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और 1 दिसंबर 2025 से इसका ट्रायल रन भी शुरू हो गया है।READ ALSO:-संचार साथी एप अब फोन में जरूरी नहीं: सरकार ने वापस लिया फैसला; सिंधिया बोले- इससे जासूसी संभव नहीं, विपक्ष ने बताया था निजता पर हमला
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नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के ताजा अपडेट के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे को फरवरी 2026 में आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर, जिसमें अभी 6 घंटे लगते हैं, सिमटकर मात्र ढाई घंटे का रह जाएगा।
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ट्रायल रन शुरू: फर्राटे भर रहीं गाड़ियां
\r\n\r\n1 दिसंबर 2025 को दिल्ली के अक्षरधाम से लेकर बागपत और आगे के हिस्सों तक बैरिकेड्स हटा दिए गए, जिसके साथ ही वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। ट्रायल रन के दौरान यात्रियों ने अनुभव किया कि जिस दूरी को तय करने में उन्हें घंटों लगते थे, वह अब मिनटों में पूरी हो रही है।
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NHAI अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल रन का मकसद इंटरचेंज, टोल सिस्टम, लाइटिंग और सुरक्षा मानकों की जांच करना है। उद्घाटन से पहले सभी तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका औपचारिक उद्घाटन किए जाने की संभावना है।
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खासियतें
\r\n\r\nयह एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग का एक नायाब नमूना है। 210 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को बनाने में केंद्र सरकार ने लगभग 13,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
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- \r\n एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर: इस एक्सप्रेसवे का सबसे प्रमुख आकर्षण 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर से गुजरता है। यह एशिया में अपनी तरह का सबसे लंबा गलियारा है, जिसे जंगली जानवरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।\r\n \r\n
- \r\n इको-फ्रेंडली निर्माण: सड़क निर्माण में पर्यावरण के अनुकूल सामग्री और सोलर लाइटिंग का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, बारिश के पानी को बचाने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाए गए हैं।\r\n \r\n
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इन 16 कट (Cuts) से मिलेगी एंट्री और एग्जिट
\r\n\r\nइस एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के लिए कुल 16 प्रमुख कट (Entry/Exit Points) बनाए गए हैं, जिससे दिल्ली, पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के कई शहरों को फायदा होगा।
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- \r\n अक्षरधाम (दिल्ली): एक्सप्रेसवे की शुरुआत।\r\n \r\n
- \r\n गीता कॉलोनी: पहला कट।\r\n \r\n
- \r\n शास्त्री पार्क: दूसरा कट।\r\n \r\n
- \r\n मंडोली विहार (लोनी): तीसरा कट।\r\n \r\n
- \r\n ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE), खेकड़ा: चौथा और सबसे अहम जंक्शन।\r\n \r\n
- \r\n मंडोला (बागपत): पांचवां कट।\r\n \r\n
- \r\n लोहड्डा (बड़ौत ईस्ट बाईपास): छठा कट।\r\n \r\n
- \r\n करौंदा महाजन: सातवां कट।\r\n \r\n
- \r\n बाबरी: आठवां कट।\r\n \r\n
- \r\n थानाभवन (गोगवान जलालपुर): नौवां कट।\r\n \r\n
- \r\n शामली साउथ: दसवां कट।\r\n \r\n
- \r\n सहारनपुर साउथ बाईपास: ग्यारहवां कट।\r\n \r\n
- \r\n सहारनपुर ईस्ट: बारहवां कट।\r\n \r\n
- \r\n गणेशपुर: तेरहवां कट।\r\n \r\n
- \r\n आशारोड़ी (देहरादून): चौदहवां कट।\r\n \r\n
- \r\n हर्रावाला (देहरादून): सोलहवां और आखिरी कट (डाट काली टनल के पास)।\r\n \r\n
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चार चरणों में गेमचेंजर बनेगा एक्सप्रेसवे
\r\n\r\nदिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को चार मुख्य चरणों (Phases) में बांटा गया है, जो इसे उत्तर भारत का सबसे महत्वपूर्ण इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाते हैं।
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- \r\n फेज 1 (दिल्ली से EPE): अक्षरधाम से शुरू होकर यह हिस्सा 32 किमी लंबा है। इसमें 6.4 किमी का एलिवेटेड सेक्शन भी है, जो पूर्वी दिल्ली के जाम से मुक्ति दिलाएगा।\r\n \r\n
- \r\n फेज 2 (EPE से सहारनपुर): यह 118 किमी लंबा सबसे बड़ा हिस्सा है, जो बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों को कनेक्टिविटी देगा। इसमें 7 इंटरचेंज बनाए गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n फेज 3 (सहारनपुर से गणेशपुर): 40 किमी लंबे इस हिस्से में NH-307 को अपग्रेड किया गया है।\r\n \r\n
- \r\n फेज 4 (गणेशपुर से देहरादून): यह हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क से गुजरता है। इसमें 2 किमी लंबी डाट काली टनल शामिल है, जो पहाड़ी रास्ते को सुरक्षित और सुगम बनाती है।\r\n \r\n
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जानवरों की सुरक्षा का पूरा ख्याल
\r\n\r\nराजाजी नेशनल पार्क के इको-सेंसिटिव जोन में जानवरों की बेधड़क आवाजाही के लिए 6 बड़े अंडरपास बनाए गए हैं। वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) की सलाह पर पूरे 12 किमी हिस्से को पिलर पर उठाकर (Elevated) बनाया गया है ताकि नीचे हाथी और बाघ जैसे जानवर सुरक्षित घूम सकें।
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) न केवल यात्रा का समय घटाएगा, बल्कि रियल एस्टेट और पर्यटन के क्षेत्र में भी क्रांति लाएगा। फरवरी 2026 में इसके पूरी तरह खुलने के बाद दिल्ली से मसूरी और हरिद्वार जाना बेहद आसान हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट आधुनिक भारत की बदलती तस्वीर और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती का प्रतीक है।