गाजियाबाद (खबरीलाल क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत और खून के रिश्तों को तार-तार कर दिया है। यहां क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भीमनगर मोहल्ले में दो सगे बेटों ने अपने ही जन्मदाता माता-पिता की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी। सोमवार रात को शराब के नशे में धुत होकर घर लौटे इन कलयुगी बेटों ने पहले माता-पिता को लात-घूंसों से अधमरा किया और फिर क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए हथौड़े से उनका सिर कूच दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और हर कोई इस खौफनाक कृत्य को सुनकर सन्न है।READ ALSO:-मेरठ में किसानों का महासंग्राम: हाथों में गन्ना लिए हजारों अन्नदाताओं ने किया कमिश्नरी का घेराव, 10 मिनट के अल्टीमेटम से हिला प्रशासन
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बर्थडे की खुशियां कैसे बदलीं मातम में: खौफनाक रात की पूरी कहानी प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को बड़े बेटे ललित (27 वर्ष) का जन्मदिन था। दिन के समय घर में खुशी का माहौल था और माता-पिता ने बड़े अरमानों से बेटे की लंबी उम्र के लिए घर में कीर्तन भी कराया था। रात के समय ललित अपने छोटे भाई दीपक (25 वर्ष) के साथ दोस्तों के बीच पार्टी करने के लिए बाहर गया हुआ था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि रात करीब 11 बजे दोनों भाई शराब के भारी नशे में घर लौटे। घर लौटते समय दोनों भाइयों के बीच पैसों को लेकर किसी बात पर तीखी बहस और झगड़ा हो रहा था।
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इनका शोर-शराबा सुनकर मां विमलेश (50 वर्ष) कमरे से बाहर आईं और इतनी रात गए शराब पीकर हंगामा करने पर दोनों को डांटने लगीं। पत्नी की आवाज सुनकर पिता गंगाशरण (55 वर्ष) भी बाहर आ गए और उन्होंने भी बेटों की इस हरकत पर उन्हें खरी-खोटी सुनाई। माता-पिता की यह जायज डांट नशे में धुत बेटों को नागवार गुजरी। दोनों भाइयों ने अपना आपा खो दिया और पिता गंगाशरण को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। जब मां उन्हें बचाने दौड़ीं, तो इन दरिंदों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। दोनों ने मिलकर माता-पिता को बेरहमी से पीटा, फर्श पर उनके सिर पटके और पास ही रखे हथौड़े से उनके सिर पर कई वार किए, जिससे अत्यधिक खून बह गया।
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किराएदार की सूझबूझ से पकड़े गए हत्यारे: 10 मिनट में पहुंची पुलिस इस दो मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर यह खूनी खेल चल रहा था, जबकि पहली मंजिल पर एक किराएदार जगबीर रहते हैं। किराएदार जगबीर ने बताया कि वह अक्टूबर 2025 से यहां रह रहे हैं। रात में जब उन्होंने नीचे से भयानक चीख-पुकार और मारपीट की आवाजें सुनीं, तो उन्होंने सीढ़ियों से झांककर देखा, लेकिन गेट बंद था। हालात की गंभीरता को समझते हुए जगबीर ने बिना समय गंवाए डायल-112 पर पुलिस को सूचना दे दी।
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गाजियाबाद पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई की और महज 10 मिनट के भीतर क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जब अंदर का नजारा देखा तो वह भी सन्न रह गई। गंगाशरण और विमलेश खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे और दोनों बेटे वहीं पास खड़े थे। पुलिस ने बिना कोई मौका दिए दोनों हत्यारे भाइयों को तुरंत हिरासत में ले लिया और गंभीर रूप से घायल माता-पिता को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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शराब और बेरोजगारी ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार मृतक गंगाशरण मूल रूप से बुलंदशहर जिले के बीबीनगर थाना क्षेत्र के सठला गांव के रहने वाले थे और पिछले 20 सालों से गाजियाबाद के भीमनगर में अपना मकान बनाकर रह रहे थे। परिवार में दो बेटियां भी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। गंगाशरण एक डेयरी चलाकर मेहनत-मजदूरी से अपने परिवार का पेट पालते थे।
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इसके विपरीत, उनके दोनों बेटे ललित और दीपक कोई काम-धंधा नहीं करते थे और पूरी तरह से शराब के आदी हो चुके थे। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के अनुसार, दोनों बेटे अक्सर नशे में अपनी पत्नियों के साथ भी बुरी तरह मारपीट करते थे। उनकी इसी प्रताड़ना और हिंसक व्यवहार के कारण दोनों की पत्नियां काफी समय पहले ही उन्हें छोड़कर अपने-अपने मायके जा चुकी थीं। इसके बावजूद इन दोनों भाइयों ने अपनी हरकतें नहीं सुधारीं और आए दिन माता-पिता से भी झगड़ा करते रहते थे।
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मामा का छलका दर्द: "दिन में दीदी ने कीर्तन कराया था" इस दोहरे हत्याकांड की सूचना पाकर गाजियाबाद के विजय नगर में रहने वाले मृतका विमलेश के भाई (आरोपियों के मामा) लेखराज बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। उन्होंने रोते हुए बताया, "सोमवार को दिन में ही दीदी ने ललित के जन्मदिन पर कीर्तन कराया था। दीदी और जीजाजी बहुत ही सीधे और सज्जन इंसान थे। वे जीवन भर अपने इन शराबी बेटों से परेशान रहे। रात 12 बजे जब पुलिस का फोन आया और मैं यहां पहुंचा, तो उनकी हालत देखकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। ऐसा लग रहा था जैसे उनके सिरों को बेरहमी से फर्श पर पटका गया हो।"
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पुलिस की आगे की कार्रवाई इस सनसनीखेज मामले पर डीसीपी (DCP) सुरेंद्र नाथ तिवारी ने आधिकारिक बयान देते हुए बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटा लिए हैं और दोनों आरोपियों (ललित और दीपक) को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल दोनों भाइयों से अलग-अलग कमरों में बिठाकर पूछताछ कर रही है। बाद में दोनों के बयानों को क्रॉसचेक (Crosscheck) किया जाएगा ताकि वारदात के दौरान हुए विवाद की असली और सटीक वजह सामने आ सके। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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गाजियाबाद की यह घटना समाज के टूटते ताने-बाने, नशे की बढ़ती लत और खत्म होते पारिवारिक मूल्यों का एक बेहद डरावना उदाहरण है। जिन माता-पिता ने खुद भूखे रहकर बच्चों को पाल-पोस कर बड़ा किया, उन्हीं बच्चों ने चंद रुपयों और नशे की खातिर उनकी जान ले ली। यह घटना सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है।
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