मुंबई (मनोरंजन डेस्क): बॉलीवुड में इन दिनों हॉरर-कॉमेडी (Horror-Comedy) फिल्मों का जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। 'स्त्री', 'भूल भुलैया' और 'मुंज्या' जैसी फिल्मों की बंपर सफलता के बाद, अब दर्शक इस जॉनर की ओर चुंबक की तरह खिंचे चले आ रहे हैं। इसी ट्रेंड को भुनाने और दर्शकों को एक बिल्कुल नया सिनेमाई अनुभव देने के लिए दिग्गज बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा देओल (Esha Deol) पूरी तरह तैयार हैं। ईशा अपने फिल्मी करियर में एक बेहद नया, चुनौतीपूर्ण और दिलचस्प अध्याय जोड़ने जा रही हैं। उनकी आगामी फिल्म का नाम है ‘घूंघट’ (Ghoonghat)।READ ALSO:-मसूरी की वादियों में पसरा मातम: झड़ीपानी रोड पर 500 मीटर गहरी खाई में समाई कार, ब्रेक फेल होने से दिल्ली-यूपी और हरियाणा के 4 पर्यटकों की दर्दनाक मौत
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जैसा कि नाम से ही रहस्य की बू आती है, यह फिल्म ईशा देओल के करियर की पहली हॉरर-कॉमेडी फिल्म होने जा रही है। निर्देशक राजीव रुईया (Rajeev Ruia) और निर्माता देवेश कुमार (Devesh Kumar) के निर्देशन और निर्माण में बन रही इस फिल्म में डर, हंसी, रोमांस, फैंटेसी और गहरी भावनाओं का एक ऐसा अद्भुत कॉकटेल देखने को मिलेगा, जो दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखने का वादा करता है।
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जांगीपुरा गांव का खौफनाक रहस्य और 'भूरी' का अभिशाप
\r\n\r\nहर अच्छी हॉरर-कॉमेडी फिल्म की जान उसकी पृष्ठभूमि और उसकी रहस्यमयी कहानी में बसती है। फिल्म 'घूंघट' की कहानी एक काल्पनिक और रहस्यमयी गांव 'जांगीपुरा' (Jangipura) के इर्द-गिर्द बुनी गई है। बताया जा रहा है कि इस गांव में एक ऐसा खौफनाक राज दफ्न है, जिसके बारे में बात करने से भी वहां के ग्रामीण खौफ खाते हैं।
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इस कहानी का मुख्य केंद्र 'भूरी' (Bhoori) नामक एक आत्मा है। भूरी कोई आम प्रेतात्मा नहीं है, बल्कि उसका एक बेहद दर्दनाक और त्रासदीपूर्ण अतीत है। अतीत में हुए अन्याय के कारण भूरी की आत्मा को शांति नहीं मिली और उसका यही दर्द अब एक भयावह अभिशाप में तब्दील हो चुका है। इस अभिशाप ने पूरे जांगीपुरा गांव को अपनी जकड़ में ले लिया है। अब यह अभिशाप क्या है? गांव के लोगों ने भूरी के साथ ऐसा क्या किया था? और कैसे ईशा देओल का किरदार इस रहस्य से पर्दा उठाएगा? यही इस फिल्म की मुख्य यूएसपी (USP) है।
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ईशा देओल का नया अवतार: "यह संगम बेहद खास है"
\r\n\r\nईशा देओल, जिन्होंने 'धूम', 'युवा' और 'नो एंट्री' जैसी शानदार फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया है, इस नए प्रोजेक्ट को लेकर बेहद उत्साहित नजर आ रही हैं। एक लंबे समय के बाद इस तरह की अनूठी कहानी के साथ पर्दे पर वापसी करना उनके फैंस के लिए भी किसी बड़ी ट्रीट से कम नहीं है।
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अपनी नई फिल्म के बारे में मीडिया से बात करते हुए ईशा देओल ने अपनी उत्सुकता जाहिर की। उन्होंने कहा:
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\r\n\r\n\r\n"‘घूंघट’ मेरे लिए एक बिल्कुल नया और अनछुआ जॉनर है। अपने अब तक के करियर में मैंने थ्रिलर, हॉरर और कॉमेडी जैसी अलग-अलग जॉनर की फिल्में जरूर की हैं, लेकिन एक ही फिल्म में डर और हंसी (Horror-Comedy) का यह संगम मेरे लिए पहली बार है। यह मेरे लिए एक एक्टर के तौर पर बेहद खास और रोमांचक अनुभव है। जब मुझे इसकी स्क्रिप्ट सुनाई गई, तो मैंने तुरंत इसके लिए हां कर दी क्योंकि यह कहानी आपको पल-भर में डराती है और अगले ही पल लोटपोट कर देती है।"\r\n
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मनोरंजन के साथ गहरा सामाजिक और भावनात्मक संदेश
\r\n\r\nअक्सर हॉरर-कॉमेडी फिल्मों को केवल टाइम-पास या हल्के-फुल्के मनोरंजन के तौर पर देखा जाता है, लेकिन फिल्म 'घूंघट' के मेकर्स का दावा है कि यह फिल्म रूढ़िवादी सोच को तोड़ेगी।
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ईशा देओल का मानना है कि 'घूंघट' सिर्फ हंसी-मजाक या दर्शकों को डराने तक सीमित नहीं है। इस फिल्म की कहानी के भीतर एक बहुत ही मजबूत और गहरा सामाजिक और भावनात्मक संदेश (Social and Emotional Message) भी छिपा हुआ है। फिल्म का शीर्षक 'घूंघट' भी इसी ओर इशारा करता है। भारतीय समाज में 'घूंघट' को कई बार महिलाओं के सम्मान से जोड़ा जाता है, तो कई बार यह उनकी बेबसी, उनकी छिपी हुई आवाज़ और उन पर हो रहे अत्याचारों को ढकने का एक पर्दा बन जाता है। 'भूरी' की आत्मा का दर्द इसी सामाजिक अन्याय की ओर इशारा करता है।
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ईशा कहती हैं, "इस कहानी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यह दर्शकों को हंसाती भी है, डराती भी है और सिनेमाघर से बाहर निकलते समय सोचने पर भी मजबूर करती है। भूरी का दर्द हर उस इंसान से जुड़ेगा जिसने कभी अन्याय का सामना किया हो।"
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निर्देशक राजीव रुईया और निर्माता देवेश कुमार की विजनरी सोच
\r\n\r\nइस फिल्म का निर्देशन बॉलीवुड के जाने-माने निर्देशक राजीव रुईया कर रहे हैं, जो अपनी बेहतरीन स्टोरीटेलिंग और तकनीकी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। हॉरर और कॉमेडी का संतुलन बनाना सिनेमा में सबसे कठिन काम माना जाता है। अगर कॉमेडी ज्यादा हो जाए तो डर खत्म हो जाता है, और अगर डर हावी हो जाए तो कॉमेडी का पंच फीका पड़ जाता है। राजीव रुईया ने इस फिल्म के लिए विशेष रूप से साउंड डिजाइनिंग और वीएफएक्स (VFX) पर भारी मेहनत की है।
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वहीं, फिल्म के निर्माता देवेश कुमार ने 'घूंघट' को एक ग्रैंड स्केल पर प्रोड्यूस किया है। जांगीपुरा गांव के सेट से लेकर कॉस्ट्यूम डिजाइन तक, हर छोटी-बड़ी चीज का खास ख्याल रखा गया है ताकि दर्शकों को स्क्रीन पर गांव का वो खौफनाक और रहस्यमयी माहौल बिल्कुल असली लगे।
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फिल्म 'घूंघट' की 5 प्रमुख विशेषताएं (Key Highlights)
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- \r\n नया जॉनर: ईशा देओल का हॉरर-कॉमेडी में डेब्यू, जो उनके करियर को एक नई दिशा दे सकता है।\r\n \r\n
- \r\n मजबूत कहानी: 'जांगीपुरा' गांव और 'भूरी' की आत्मा की बैकस्टोरी जो सस्पेंस से भरी है।\r\n \r\n
- \r\n मल्टी-इमोशनल पैकेज: फिल्म में सिर्फ हॉरर और कॉमेडी नहीं, बल्कि रोमांस और फैंटेसी (Fantasy) का भी बेहतरीन तड़का है।\r\n \r\n
- \r\n सामाजिक संदेश: कहानी महिलाओं से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे और समाज की रूढ़िवादी सोच पर प्रहार करती है।\r\n \r\n
- \r\n शानदार निर्देशन: राजीव रुईया का निर्देशन और बेहतरीन विजुअल इफेक्ट्स जो डराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।\r\n \r\n
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क्या 'घूंघट' बनेगी बॉक्स ऑफिस की नई ब्लॉकबस्टर?
\r\n\r\nबॉलीवुड में इन दिनों कंटेंट ड्रिवन (Content-Driven) फिल्मों का बोलबाला है। दर्शक अब थियेटर में कुछ नया और अलग देखना चाहते हैं। 'घूंघट' के जरिए ईशा देओल एक बार फिर यह साबित करने जा रही हैं कि वे हर नए किरदार और चुनौती को पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनाने में विश्वास रखती हैं। जिस तरह से फिल्म की कहानी और 'भूरी' के रहस्य को लेकर बाजार में सुगबुगाहट तेज हो गई है, उसे देखकर लगता है कि 'घूंघट' बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ा धमाका कर सकती है।
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अब फैंस को बेसब्री से फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर, टीजर और ट्रेलर का इंतजार है, ताकि वे जांगीपुरा की खौफनाक गलियों और ईशा देओल के इस नए अवतार की पहली झलक पा सकें।