दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) अब अपनी आने वाली फेज-4 परियोजना में ड्राइवरलेस यानी बिना ड्राइवर की ट्रेनों को शुरू करने की तैयारी में है। यह कदम मेट्रो संचालन को और ज्यादा तेज़, सुरक्षित और सटीक बनाने के लिए उठाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य मानवीय गलती की संभावना को कम करना है। इस विस्तार के साथ, दिल्ली दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क वाला शहर बनने की ओर अग्रसर है।Read also:-बिहार में महागठबंधन का बड़ा ऐलान! तेजस्वी यादव CM चेहरा, मुकेश सहनी होंगे डिप्टी CM; NDA से पूछा- 'आपका चेहरा कौन?
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फेज-4 भी होगा फुली ऑटोमेटेड
\r\n\r\nDMRC के सीनियर अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि आने वाला फेज-4 भी Unattended Train Operation (UTO) सिस्टम यानी ड्राइवरलेस तकनीक से लैस होगा।
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- \r\n विस्तार: DMRC के मुताबिक, जब फेज-4 पूरी तरह तैयार हो जाएगा और एरोसिटी-तुगलकाबाद गोल्डन लाइन के साथ-साथ पिंक और मैजेंटा लाइन के एक्सटेंशन पर भी ड्राइवरलेस ट्रेनें चलने लगेंगी, तब दिल्ली मेट्रो लगभग 160 किलोमीटर के पूरी तरह ऑटोमेटेड रूट के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क बन जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n उद्देश्य: इस तकनीक का मुख्य लाभ यह है कि यह ट्रेन कोच की उपलब्धता और दक्षता में काफी सुधार करती है, मेंटेनेंस को आसान बनाती है, और ऑपरेटरों का काम का बोझ कम करती है।\r\n \r\n
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ड्राइवरलेस मेट्रो की शुरुआत
\r\n\r\nदिल्ली मेट्रो देश में ड्राइवरलेस ट्रेनें चलाने वाला पहला नेटवर्क है:
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- \r\n पहली शुरुआत: देश की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो 28 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैजेंटा लाइन (जनकपुरी वेस्ट-बॉटैनिकल गार्डन) पर शुरू की थी।\r\n \r\n
- \r\n वर्तमान स्थिति: फिलहाल पिंक लाइन (लाइन-7) और मैजेंटा लाइन (लाइन-8) पर ऐसी सेवाएं चल रही हैं।\r\n \r\n
- \r\n मौजूदा ट्रेनें: DMRC अधिकारी के मुताबिक, अभी पिंक लाइन पर 43 और मैजेंटा लाइन पर 26 ड्राइवरलेस ट्रेनें सफलतापूर्वक चल रही हैं।\r\n \r\n
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फेज-4 प्रोजेक्ट: इन कॉरिडोर पर दौड़ेगी बिना ड्राइवर की मेट्रो
\r\n\r\nफेज-4 में कई महत्वपूर्ण कॉरिडोर शामिल हैं, जो दिल्ली-एनसीआर के कनेक्टिविटी को बदल देंगे:
\r\n\r\n| \r\n लाइन \r\n | \r\n \r\n कॉरिडोर \r\n | \r\n \r\n तकनीक \r\n | \r\n
| \r\n पिंक लाइन \r\n | \r\n \r\n मजलिस पार्क से मौजपुर \r\n | \r\n \r\n ड्राइवरलेस \r\n | \r\n
| \r\n मैजेंटा लाइन \r\n | \r\n \r\n जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग \r\n | \r\n \r\n ड्राइवरलेस \r\n | \r\n
| \r\n गोल्डन लाइन \r\n | \r\n \r\n दिल्ली एरोसिटी से तुगलकाबाद \r\n | \r\n \r\n ड्राइवरलेस \r\n | \r\n
| \r\n गोल्डन लाइन \r\n | \r\n \r\n लाजपत नगर से साकेत G ब्लॉक \r\n | \r\n \r\n ड्राइवरलेस \r\n | \r\n
| \r\n ग्रीन लाइन \r\n | \r\n \r\n इंदरलोक से इंद्रप्रस्थ \r\n | \r\n \r\n ड्राइवरलेस \r\n | \r\n
| \r\n रेड लाइन \r\n | \r\n \r\n रिठाला से कुंडली \r\n | \r\n \r\n ड्राइवरलेस \r\n | \r\n
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टेक्नोलॉजी और सुरक्षा का संगम
\r\n\r\nDMRC का यह फैसला आधुनिक परिवहन तकनीक और यात्रियों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। UTO सिस्टम मेट्रो संचालन में एक नए युग की शुरुआत करेगा, जहां मानवीय त्रुटि की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी और मेट्रो संचालन अधिक विश्वसनीय बन जाएगा, जिससे दिल्ली शहर की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।