खबरीलाल डेस्क
नई दिल्ली/विशेष रिपोर्ट (Highway Rules & Guidelines): जब भी हम कार या किसी अन्य वाहन से नेशनल हाईवे (National Highway) पर सफर करते हैं, तो सफर के दौरान टोल टैक्स (Toll Tax) चुकाना एक अनिवार्य प्रक्रिया बन जाती है। देश के अलग-अलग हाईवे पर बने टोल प्लाजा पर अमूमन लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। ऐसे में अक्सर उन लोगों के बीच चर्चा होती है जिनका घर या व्यवसाय टोल प्लाजा के बिल्कुल नजदीक स्थित होता है।READ ALSO:-मेरठ में 'खाकी vs खाकी' का संग्राम! नशे में धुत अग्निवीर ने हाईवे पर काटा गदर, बीच सड़क फाड़ डाली दारोगा की वर्दी
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
समाज में एक बहुत बड़ी गलतफहमी आम तौर पर फैली हुई है कि जो लोग टोल प्लाजा के 10-20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं, उनके लिए टोल पूरी तरह से फ्री होता है। लोग यह मानते हैं कि वे जब चाहें तब टोल कर्मचारी को अपना आधार कार्ड या कोई अन्य स्थानीय पहचान पत्र (ID Proof) दिखाकर बिना एक भी रुपया दिए बैरियर पार कर सकते हैं। लेकिन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियम इस आम धारणा से बिल्कुल अलग हैं।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
आइए विस्तार से समझते हैं कि एनएचएआई के असल नियम क्या कहते हैं और स्थानीय निवासियों को टोल में किस तरह की राहत या छूट का प्रावधान किया गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

स्थानीय लोगों के लिए टोल पूरी तरह फ्री नहीं: दूर करें यह गलतफहमी

\r\n\r\n
सबसे पहली और स्पष्ट बात यह है कि एनएचएआई के नियमों के अनुसार, सिर्फ टोल प्लाजा के पास रहने या वहां का पहचान पत्र दिखाने से किसी भी स्थानीय निवासी को टोल टैक्स से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिलती।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अपनी गाड़ी में बैठें, टोल बूथ पर पहुंचें, अपना आईडी कार्ड दिखाएं और बिना टोल दिए आगे बढ़ जाएं। यदि कोई वाहन चालक ऐसा सोचता है, तो उसे टोल कर्मियों की रोक-टोक का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि कानूनन ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो सिर्फ पहचान पत्र दिखाने पर मुफ्त यात्रा की अनुमति देता हो।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

लोकल मंथली पास से मिल सकती है राहत: जानिए क्या है प्रावधान

\r\n\r\n
इसका मतलब यह भी नहीं है कि स्थानीय निवासियों को सरकार या प्रशासन की तरफ से कोई रियायत नहीं मिलती। NHAI स्थानीय वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राहत का प्रावधान जरूर करता है, लेकिन इसके लिए एक तय कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
योग्य स्थानीय निवासी लोकल मंथली पास (Local Monthly Pass) बनवा सकते हैं। इस विशेष पास के जरिए नियमित आवाजाही करने वाले स्थानीय लोगों को टोल शुल्क में भारी रियायत या छूट मिल जाती है। हालांकि, यह सुविधा किसी को स्वतः (Automatically) नहीं मिलती। इसके लिए वाहन मालिक को आवेदन करना होता है और निर्धारित नियमों व शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

20 किलोमीटर के दायरे का नियम: किसे मिलता है फायदा?

\r\n\r\n
मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर यह लोकल मंथली पास किसे और कैसे मिलता है? एनएचएआई के नियमों के मुताबिक:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    दूरी का दायरा: लोकल मंथली पास की सुविधा मुख्य रूप से उन लोगों के लिए डिजाइन की गई है, जिनका वास्तविक निवास संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे के भीतर स्थित है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दस्तावेजों की जांच: इस पास को बनवाने के लिए वाहन मालिक को अपने स्थानीय पते का वैध प्रमाण (Valid Address Proof) देना होता है। इसमें वाहन की आरसी (RC), आधार कार्ड, वोटर आईडी या बिजली का बिल जैसे दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सत्यापन प्रक्रिया: संबंधित टोल प्लाजा संचालन एजेंसी या प्राधिकरण इन दस्तावेजों की गहराई से जांच और सत्यापन करता है। सभी शर्तें पूरी होने के बाद ही नियमों के तहत यह रियायती पास जारी किया जाता है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
टोल प्लाजा लोकल पास से जुड़े मुख्य बिंदु
\r\n
\r\n
नियम का आधार:
\r\n
\r\n
दूरी सीमा:
\r\n
\r\n
छूट का स्वरूप:
\r\n
\r\n
अनिवार्य दस्तावेज:
\r\n
\r\n
नियमों में भिन्नता:
\r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

हर टोल प्लाजा पर अलग हो सकती हैं शर्तें

\r\n\r\n
यह जानना भी बेहद जरूरी है कि भारत में सभी टोल प्लाजा एक ही तरह से संचालित नहीं होते। कुछ टोल एनएचएआई सीधे संचालित करती है, तो कुछ प्राइवेट कंपनियों (BOT बेसिस) के अधीन होते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यही वजह है कि स्थानीय लोगों को मिलने वाली रियायत और पास से जुड़ी प्रक्रियाओं में टोल प्लाजा के हिसाब से कुछ स्थानीय शर्तें या नियम लागू हो सकते हैं। इसलिए, किसी भी विवाद से बचने के लिए यह सबसे समझदारी भरा कदम है कि स्थानीय वाहन चालक अपने नजदीकी टोल प्लाजा के ऑफिस जाकर लोकल पास की पात्रता, जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट और आवेदन प्रक्रिया की सटीक जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पहचान पत्र दिखाना और लोकल पास बनवाना—दोनों में क्या अंतर है?

\r\n\r\n
अक्सर लोग पहचान पत्र और लोकल पास को एक ही मान लेते हैं, जबकि दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    पहचान पत्र (ID Proof): यह केवल आपकी पहचान और आपके पते को साबित करने का एक दस्तावेज है (जैसे आधार कार्ड)। इसे दिखाकर आप यह साबित कर सकते हैं कि आप उस क्षेत्र के निवासी हैं, लेकिन इससे आपको स्वचालित रूप से मुफ्त टोल पार करने का कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    लोकल मंथली पास (Local Pass): यह एक आधिकारिक अनुमति पत्र है, जो प्रशासनिक जांच और तय शुल्क या रियायती प्रक्रिया के बाद जारी किया जाता है। इस पास के होने पर ही आपको नियमों के तहत टोल शुल्क में छूट का लाभ मिलता है।
    \r\n
  4. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पूरे नियम का सार

\r\n\r\n
संक्षेप में कहें तो, टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए टोल पूरी तरह से 'फ्री' होने का कोई सामान्य या सार्वभौमिक नियम नहीं है। अगर कोई आपसे यह कहता है कि वह आईडी दिखाकर रोजाना बिना पैसे दिए टोल पार कर लेता है, तो वह नियमसंगत नहीं है या फिर किसी विशेष स्थानीय छूट के दायरे में आता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पात्र स्थानीय निवासियों के लिए सबसे सही और वैध तरीका यही है कि वे निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हुए अपना लोकल मंथली पास बनवाएं, ताकि उन्हें सफर के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा, जुर्माने या बहस का सामना न करना पड़े और वे कानूनी रूप से रियायत का लाभ उठा सकें।