दिवाली की त्योहारी रौनक खत्म होते ही सोने और चांदी के अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में 12 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। रिकॉर्ड तोड़ ऊंचाइयों को छूने के बाद, गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में अचानक बड़ी बिकवाली शुरू हो गई है, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया है। इस गिरावट का असर आज (बुधवार, 22 अक्टूबर 2025) भारतीय बाज़ार में भी दिख रहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n \r\n\r\n
₹1.34 लाख के रिकॉर्ड हाई से क्रैश
\r\n\r\nसोना इस साल की शुरुआत से ही 55% से अधिक की तेजी के साथ बढ़ रहा था। सोमवार को Gold ने वैश्विक स्तर पर $4,381 प्रति औंस का रिकॉर्ड हाई छुआ था।
\r\n\r\nगिरावट का रिकॉर्ड: अंतर्राष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोने में 6.3% की इंट्राडे गिरावट देखी गई, जो 2013 के बाद की सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट है।
\r\n\r\nताज़ा स्थिति (ग्लोबल): सोना 2.9% गिरकर $4,004 प्रति औंस पर आ गया है, जिससे यह $4,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुँच गया है।
\r\n\r\nचांदी का हाल: चांदी में भी इंट्राडे में 7.1% की बड़ी गिरावट देखी गई और यह $47.5 प्रति औंस पर बंद हुई। चांदी की यह गिरावट 2021 के बाद की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय गिरावट है।
\r\n\r\n\r\n\r\nभारत में कीमतों पर असर (MCX)
\r\n\r\nचूँकि दिवाली-बलिप्रतिपदा के कारण आज भारतीय शेयर और कमोडिटी बाजार (MCX) बंद है, घरेलू कीमतों पर कल शाम के कारोबार और ग्लोबल क्रैश का असर कल (गुरुवार, 23 अक्टूबर) सुबह देखने को मिलेगा।
\r\n\r\nसोने के दाम में कमी: घरेलू वायदा बाजार (MCX) में सोने का दाम गिरकर ₹1,28,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास आ चुका है, जो रिकॉर्ड ₹1.32 लाख के स्तर से ₹4,200 तक सस्ता हो गया है।
\r\n\r\nचांदी की गिरावट: चांदी की कीमत भी बड़ी गिरावट के साथ ₹1,50,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई है।
\r\n\r\nMarket Trend और कारण
\r\n\r\nमार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में इस बड़ी गिरावट के मुख्य कारण हैं:
\r\n\r\nमुनाफाखोरी: रिकॉर्ड हाई के बाद निवेशकों का एक बड़ा वर्ग मुनाफा समेटने के लिए बाजार में आया, जिससे भारी बिकवाली हुई।
\r\n\r\nडॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) में आई मजबूती ने Gold को अन्य करेंसी धारकों के लिए महंगा कर दिया।
\r\n\r\nभू-राजनीतिक शांति: अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में सुधार की उम्मीदों ने निवेशकों के 'सुरक्षित निवेश' (Safe-Haven) की मांग को कम किया है।
\r\n\r\n\r\n\r\nक्या यह खरीदने का मौका है?
\r\n\r\nविशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट एक 'तकनीकी सुधार' (Technical Correction) है, जो इतनी बड़ी रैली के बाद अपेक्षित थी।
\r\n\r\nलघु अवधि (Short-term): कीमतों में अभी और अस्थिरता बनी रह सकती है, और Gold $4,000 के नीचे भी जा सकता है।
\r\n\r\nदीर्घकालिक (Long-term): केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी, वैश्विक ऋण संकट और मुद्रास्फीति के खतरों के कारण लंबी अवधि में सोने का दृष्टिकोण अभी भी मजबूत है। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका हो सकती है जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं।