भीषण गर्मी और हीटवेव के लंबे दौर के बाद, अब मानसून (Monsoon 2026) ने पूरे भारत को अपने आगोश में ले लिया है। लेकिन राहत की यह बारिश अब कई राज्यों के लिए आफत का सबब बनती जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार, 5 जुलाई को मौसम का एक बेहद क्रिटिकल बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के राडार और सैटेलाइट इमेजरी के अनुसार, देश के करीब 20 राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बेहद उग्र होने वाला है।
\r\n\r\nIMD के अनुसार, अगले 15 घंटे देश के कई हिस्सों के लिए बेहद अहम और संवेदनशील रहने वाले हैं। इस दौरान तेज गरज-चमक, आंधी, बिजली गिरने (Lightning) और मूसलाधार बारिश का अनुमान है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने की कड़ी हिदायत दी है। आइए विस्तार से समझते हैं कि किन राज्यों में मानसून का यह रौद्र रूप देखने को मिलेगा।
\r\n\r\nतूफान की रफ्तार और वज्रपात का खौफ
\r\n\r\nमौसम विभाग ने अपनी चेतावनी में स्पष्ट किया है कि यह कोई सामान्य मानसूनी बारिश नहीं होगी। जिन 20 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, वहां हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इतनी तेज रफ्तार हवाओं के कारण कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने, पेड़ों के उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने की पूरी आशंका बनी रहती है।
\r\n\r\nइसके साथ ही, सबसे बड़ा खतरा वज्रपात (आसमानी बिजली गिरने) का है। खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले में सफर करने वाले यात्रियों को विशेष रूप से आगाह किया गया है कि वे काले बादल घिरने पर तुरंत किसी सुरक्षित और पक्की छत के नीचे शरण लें।
\r\n\r\nइन 20 राज्यों में रहेगा सबसे भयंकर असर
\r\n\r\nIMD के बुलेटिन के अनुसार, उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के निम्नलिखित राज्यों में मौसम तेजी से करवट लेगा:
\r\n\r\nदिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, तमिलनाडु, झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, केरल, मिजोरम और त्रिपुरा।
\r\n\r\nइन सभी राज्यों में अलग-अलग स्तर का अलर्ट (येलो और ऑरेंज) जारी किया गया है।
\r\n\r\n1. दिल्ली-एनसीआर: उमस से राहत, लेकिन जलभराव का डर
\r\n\r\nदेश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद (NCR) में पूरे दिन घने बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग का कहना है कि रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ अचानक तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। इससे एक तरफ जहां तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को चिपचिपी उमस से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या भी दिल्लीवासियों की परीक्षा ले सकती है।
\r\n\r\n2. उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल से बुंदेलखंड तक 'हाई अलर्ट'
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी, दोनों हिस्सों में झमाझम बारिश होने वाली है। मौसम विभाग ने यूपी के इन जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है:
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- \r\n प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, बलिया (पूर्वांचल में भारी बारिश)।\r\n \r\n
- \r\n झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट (बुंदेलखंड क्षेत्र में आंधी और वज्रपात)।\r\n \r\n
- \r\n इसके अलावा कौशांबी, फतेहपुर, जालौन, औरैया, इटावा, फिरोजाबाद, आगरा, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, देवरिया, सोनभद्र और मिर्जापुर में भी तेज तूफानी बारिश का अनुमान है।\r\n \r\n
\r\n\r\n3. बिहार और पश्चिम बंगाल: आंधी के साथ मूसलाधार वर्षा
\r\n\r\nबिहार के उत्तरी और सीमावर्ती जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण जैसे इलाकों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश का अलर्ट है।
\r\n\r\nवहीं, पश्चिम बंगाल की बात करें तो वहां येलो अलर्ट लागू है। बंगाल के पूर्वी और पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुरा, पुरुलिया, दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बर्दवान और बीरभूम जिलों में भारी बारिश जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकती है।
\r\n\r\nपहाड़ों पर कुदरत का कहर: लैंडस्लाइड का खौफ
\r\n\r\nसबसे ज्यादा डरावने हालात पहाड़ी राज्यों में बने हुए हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण पहाड़ दरकने लगे हैं।
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- \r\n उत्तराखंड के इन जिलों में रेड/ऑरेंज अलर्ट: नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली। यहाँ भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी है। भूस्खलन (Landslide) और उफनती नदियों के कारण कई स्टेट हाईवे और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और चारधाम यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं। संवेदनशील इलाकों में एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है।\r\n \r\n
\r\n\r\nमध्य और पश्चिम भारत: महाराष्ट्र और राजस्थान में बरसेंगे बादल
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- \r\n महाराष्ट्र: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के साथ-साथ ठाणे, पालघर और पूरे कोंकण क्षेत्र में रविवार को मूसलाधार बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। यहां लोकल ट्रेन सेवाओं और सड़क यातायात पर बारिश का सीधा असर पड़ सकता है।\r\n \r\n
- \r\n राजस्थान: आमतौर पर सूखे रहने वाले राजस्थान में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। यहां के जयपुर, टोंक, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चुरू, झुंझुनू, सीकर, नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर, सिरोही, उदयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, पाली, भीलवाड़ा, अजमेर, सवाई माधोपुर और अलवर में धूल भरी आंधी (Dust Storm) और तूफान को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की गई है।\r\n \r\n
\r\n\r\nदक्षिण भारत: तमिलनाडु और केरल में मानसून का जोर
\r\n\r\nदक्षिण भारत में भी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुच्चिराप्पल्ली (त्रिची), कोयंबटूर, मदुरै, कांचीपुरम, कन्याकुमारी, इरोड, नीलगिरी, तंजावुर, तिरुनेलवेली और तिरुप्पुर सहित एक दर्जन से अधिक जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा केरल, कर्नाटक के तटीय इलाकों और तेलंगाना में भी अगले 15 घंटों तक रुक-रुक कर तेज बारिश होती रहेगी।
\r\n\r\nखराब मौसम में क्या करें और क्या न करें? (IMD Safety Guidelines)
\r\n\r\nमौसम विभाग ने इस 15 घंटे के गंभीर अलर्ट को देखते हुए आम जनता के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं:
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- \r\n पेड़ों के नीचे न खड़े हों: तेज हवाओं और बिजली गिरने की स्थिति में कभी भी किसी बड़े पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे पनाह न लें।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षित स्थान पर रहें: जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। अगर रास्ते में हैं, तो अपनी गाड़ी के शीशे बंद करके अंदर ही बैठे रहें।\r\n \r\n
- \r\n इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी: तेज गरज-चमक के दौरान घर के प्लग से टीवी, फ्रिज और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निकाल दें। मोबाइल फोन का इस्तेमाल खिड़की के पास खड़े होकर न करें।\r\n \r\n
- \r\n पहाड़ों पर यात्रा टालें: अगर आप उत्तराखंड या हिमाचल घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इसे कुछ दिनों के लिए टाल दें। नदियां खतरे के निशान के करीब हैं और रास्ते कभी भी ब्लॉक हो सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n जलभराव वाले इलाकों से बचें: वाहन चलाते समय उन अंडरपास या सड़कों से न गुजरें जहां पानी भरा हो, क्योंकि गड्ढे या खुले मैनहोल का पता नहीं चल पाता।\r\n \r\n
\r\n\r\n5 जुलाई का दिन देश के मौसम के लिहाज से बेहद उथल-पुथल भरा रहने वाला है। मानसून की यह बारिश खेती-किसानी के लिए तो अमृत है, लेकिन शहरों और पहाड़ों में इसकी मार जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनियों पर नज़र बनाए रखें।