मेरठ (खबरीलाल न्यूज़ डेस्क): देशभर में मानसून अपने चरम पर है और मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, वर्तमान में मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और तेलंगाना समेत देश के 16 राज्यों में भारी से अति-भारी बारिश का दौर जारी है। कई राज्यों में नदियां उफान पर हैं, और मुख्य मार्ग भूस्खलन की वजह से बंद हो गए हैं। 'खबरीलाल न्यूज़ नेटवर्क' की इस विस्तृत रिपोर्ट में आइए जानते हैं देश के विभिन्न राज्यों में बारिश और बाढ़ से उपजे हालात की पूरी तस्वीर।READ ALSO:-संसद में E20 पेट्रोल पर सरकार का सबसे बड़ा ऐलान: "न इंजन खराब होगा, न पुरानी गाड़ियों को नुकसान", इथेनॉल मिक्स फ्यूल पूरी तरह सुरक्षित
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उत्तराखंड: पहाड़ों दरकने से तबाही, केदारनाथ यात्रा बाधित
\r\n\r\nदेवभूमि उत्तराखंड में आसमान से आफत बरस रही है। पहाड़ों से गिरते मलबे और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
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- \r\n केदारनाथ यात्रा पर ब्रेक: रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड के पास भीषण भूस्खलन (Landslide) होने के कारण केदारनाथ धाम की यात्रा लगातार तीसरे दिन भी पूरी तरह से बंद रखनी पड़ी है।\r\n \r\n
- \r\n मलबे में बहीं गाड़ियां: पहाड़ियों से आए भारी मलबे के कारण कई रिहायशी मकानों में कीचड़ और पत्थर भर गए हैं। स्थिति इतनी भयावह थी कि सड़कों पर खड़ी कई गाड़ियां मलबे के तेज बहाव में तिनके की तरह बह गईं।\r\n \r\n
- \r\n हरिद्वार में गंगा उफान पर: पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से मैदानी क्षेत्र हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। गुरुवार को करीब दो घंटे की मूसलाधार बारिश से हरिद्वार के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। खड़खड़ी क्षेत्र के पास सूखी नदी में अचानक आए पानी के तेज बहाव में दो गाड़ियां बीच धारा में फंस गईं, जिन्हें पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।\r\n \r\n
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असम और पूर्वोत्तर भारत: बाढ़ से 78 मौतें, 13 हजार परिवार अंधेरे में
\r\n\r\nपूर्वोत्तर भारत, विशेषकर असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
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- \r\n असम में मौतों का आंकड़ा बढ़ा: राज्य में बाढ़ जनित हादसों के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। 3 लाख से अधिक लोग अभी भी जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।\r\n \r\n
- \r\n 11 दिन से बिजली गुल: 19 जुलाई की सुबह से नागालैंड और ऊपरी असम में हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। शिवसागर, गौरीसागर, नजीरा, अमगुरी और डेमों जैसे क्षेत्रों में बाढ़ के 11 दिन बीत जाने के बाद भी करीब 13,000 परिवारों के घरों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। लोग अंधेरे और कीचड़ के बीच रहने को मजबूर हैं।\r\n \r\n
- \r\n अरुणाचल में फ्लैश फ्लड का अलर्ट: IMD ने 31 जुलाई से 1 अगस्त तक असम और पड़ोसी राज्यों में बिजली गिरने के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। अरुणाचल प्रदेश के 9 जिलों (पूर्वी सियांग, लोहित, नामसाई आदि) में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का हाई अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर राज्य में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 1.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।\r\n \r\n
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गुजरात: अगले 48 घंटे भारी, प्रशासन हाई अलर्ट पर
\r\n\r\nपश्चिम भारत के गुजरात राज्य में मौसम विभाग ने अगले दो दिनों (31 जुलाई से 2 अगस्त) के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
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- \r\n 13 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद: सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, भावनगर, भरूच, आणंद, नवसारी और जामनगर समेत कई जिलों में शुक्रवार को सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इन जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।\r\n \r\n
- \r\n सेना व NDRF स्टैंडबाय पर: अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमों के साथ-साथ भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना को स्टैंडबाय पर रखा गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, घरों से बाहर न निकलें।\r\n \r\n
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तेलंगाना और महाराष्ट्र: 5 जिलों में रेड अलर्ट, साइबराबाद में WFH
\r\n\r\nदक्षिण और मध्य भारत के हिस्सों में भी मानसून ने कहर बरपाया हुआ है। मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के साथ-साथ तेलंगाना में भारी बारिश का दौर जारी है।
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- \r\n तेलंगाना में रेड अलर्ट: मौसम विभाग ने तेलंगाना के आदिलाबाद, कुमराम भीम आसिफाबाद, मंचरियल, निर्मल और जगतियाल जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी किया है। रेड अलर्ट का मतलब है कि यहां 24 घंटे में 204 मिमी से ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।\r\n \r\n
- \r\n वर्क फ्रॉम होम की सलाह: तेज हवाओं और भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए हैदराबाद के आईटी हब साइबराबाद प्रशासन ने सभी निजी कंपनियों और आईटी फर्मों को अपने कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) की सलाह दी है।\r\n \r\n
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तमिलनाडु: अल नीनो (El Nino) के खतरे पर सरकार सतर्क
\r\n\r\nएक ओर जहां पूरा देश भारी बारिश से जूझ रहा है, वहीं तमिलनाडु सरकार ने वर्ष 2026 में अल नीनो (El Nino) की संभावना को देखते हुए एक विशेषज्ञ सलाहकार समिति के गठन की घोषणा की है। यह समिति तमिलनाडु आपदा जोखिम न्यूनीकरण एजेंसी (TNDRRA) को अपनी सलाह देगी। अल नीनो के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कम बारिश होने से कावेरी नदी के जलप्रवाह पर असर पड़ सकता है, जबकि उत्तर-पूर्वी मानसून के समय भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बना रहेगा।
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खबरीलाल न्यूज़ नेटवर्क सभी देशवासियों से अपील करता है कि मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और जलभराव वाले या भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की ओर यात्रा करने से बचें। (देशभर के मौसम और पल-पल की अपडेट के लिए जुड़े रहें खबरीलाल के साथ)।