उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने एक जानलेवा खतरे को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। योगी सरकार ने मेसर्स श्रेसन फार्मास्युटिकल (M/s Shresan Pharmaceutical) के कोल्ड्रिफ कफ सिरप (Coldrif Cough Syrup) पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह वही 'मीठा जहर' है जिसे पीने से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कई मासूम बच्चों की किडनी फेल हो गई थी और उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी।READ ALSO:-बस, कार, मेट्रो, नमो भारत ट्रेन... सब एक ही छत के नीचे! जेवर एयरपोर्ट पर बन रहा देश का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हब
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इस सिरप की जांच में डाइइथिलीन ग्लाइकोल (Diethylene Glycol - DEG) नामक एक बेहद जहरीला केमिकल पाया गया है, जिसका इस्तेमाल पेंट और स्याही जैसे औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है। महाराष्ट्र द्वारा पहले ही प्रतिबंधित किए जा चुके इस सिरप को लेकर अब यूपी सरकार ने भी कठोर कदम उठाते हुए इसकी खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
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कितना खतरनाक है यह कफ सिरप?
\r\n\r\nयह सिर्फ एक दवा नहीं, बल्कि एक धीमा जहर है। जांच में सामने आए तथ्य दिल दहला देने वाले हैं:
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- \r\n जहरीला केमिकल: सिरप में डाइइथिलीन ग्लाइकोल (DEG) मिला है, जो सीधे किडनी और नर्वस सिस्टम पर हमला कर उन्हें फेल कर देता है।\r\n \r\n
- \r\n खतरे की सीमा पार: किसी भी दवा में इस केमिकल की सुरक्षित सीमा अधिकतम 0.1% होती है, जबकि कोल्ड्रिफ सिरप के सैंपलों में यह 48.6% तक पाया गया, जो सुरक्षित सीमा से 480 गुना ज्यादा है।\r\n \r\n
- \r\n क्यों होता है इस्तेमाल: कुछ बेईमान दवा कंपनियां मुनाफाखोरी के लिए सुरक्षित और महंगे ग्लिसरीन की जगह इस सस्ते औद्योगिक केमिकल का इस्तेमाल सिरप को मीठा और गाढ़ा करने के लिए करती हैं।\r\n \r\n
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छिंदवाड़ा का दर्दनाक सबक
\r\n\r\nइस सिरप की असलियत तब सामने आई जब मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक के बाद एक कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी बच्चों में एक ही तरह के लक्षण थे - किडनी का काम करना बंद कर देना। जब गहराई से जांच हुई तो पता चला कि इन सभी बच्चों को सर्दी-खांसी के लिए कोल्ड्रिफ सिरप दिया गया था। बाद में सिरप की जांच में जानलेवा केमिकल की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिसने पूरे देश के दवा रेगुलेटरी सिस्टम को हिलाकर रख दिया।
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UP सरकार का एक्शन मोड
\r\n\r\nमध्य प्रदेश की त्रासदी और महाराष्ट्र के प्रतिबंध के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से कई निर्देश जारी किए हैं:
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- \r\n पूर्ण प्रतिबंध: किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल, क्लीनिक या मेडिकल स्टोर पर कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री और खरीद तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित है।\r\n \r\n
- \r\n प्रदेशव्यापी सैंपलिंग: सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में छापेमारी कर कोल्ड्रिफ सिरप के सैंपल इकट्ठा करें।\r\n \r\n
- \r\n जब्ती और जांच: जहां भी इस सिरप का स्टॉक मिलता है, उसे तुरंत जब्त कर जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब में भेजा जाएगा।\r\n \r\n
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सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस ब्रांड के कफ सिरप का भूलकर भी इस्तेमाल न करें। अगर किसी के घर में यह सिरप मौजूद है, तो उसे तुरंत नष्ट कर दें और किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।