खबरीलाल डेस्क
तमिलनाडु में AIADMK के राज्यसभा सांसद और पूर्व मंत्री सीवी षणमुगम ने एक चुनावी रैली के दौरान अत्यंत विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एमके स्टालिन पर हमला बोलते हुए यह टिप्पणी की। षणमुगम ने कहा कि मुख्यमंत्री चुनाव जीतने के लिए कई लोकलुभावन घोषणाएं करेंगे। इस बयान पर सत्ताधारी दल DMK ने कड़ी आपत्ति जताई है। DMK ने इस टिप्पणी को महिलाओं के प्रति AIADMK की विकृत मानसिकता का प्रतीक बताया है।READ ALSO:-जावेद अख्तर, आमिर खान मुत्तकी, तालिबान, दारुल उलूम देवबंद, अफगानिस्तान विदेश मंत्री, महिलाओं की शिक्षा, राजनीतिक विवाद
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\r\nपृष्ठभूमि: मुफ्त योजनाओं पर राजनीतिक वार
\r\nतमिलनाडु की राजनीति में लोकलुभावन योजनाएं (Freebie Schemes) हमेशा से एक बड़ा चुनावी मुद्दा रही हैं। हालिया चुनाव प्रचार के दौरान, एमके स्टालिन की DMK सरकार ने कई मुफ्त योजनाओं की घोषणा की है।
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  •  AIADMK नेता सीवी षणमुगम इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री पर हमला बोल रहे थे। उनका मकसद DMK की मुफ्त योजनाएं देने की राजनीति का मजाक उड़ाना था।
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\r\nAIADMK नेता ने चुनावों के दौरान महिलाओं के प्रति विवादास्पद बयान देकर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। DMK ने इसे चुनावी प्रचार के निम्न स्तर पर ले जाने का प्रयास बताया है। यह टिप्पणी तमिलनाडु की राजनीति में महिलाओं के सम्मान को लेकर एक नया विवाद खड़ा करती है।
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ताज़ा अपडेट: सीवी षणमुगम का विवादास्पद बयान
\r\nAIADMK सांसद सीवी षणमुगम ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की आलोचना करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री एमके स्टालिन चुनावों के लिए कई एलान करेंगे।" उन्होंने लोकलुभावन वादों की तुलना करते हुए कहा, "वे मिक्सर, बकरियाँ और गाय मुफ्त में देंगे।"
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\r\nइसके बाद उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा, "शायद हर व्यक्ति को एक पत्नी भी मुफ्त में दे देंगे।" इस टिप्पणी का सीधा प्रसारण कई क्षेत्रीय मीडिया आउटलेट्स पर हुआ। 
\r\nAIADMK नेता का यह बयान तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया।
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\r\nआधिकारिक बयान: DMK ने जताई कड़ी नाराजगी
\r\nसत्ताधारी दल DMK ने AIADMK सांसद की टिप्पणी की तीखी निंदा की है। DMK के प्रवक्ता और महिला विंग के नेताओं ने तुरंत इस पर प्रतिक्रिया दी। DMK ने अपने बयान में कहा, "इस टिप्पणी ने महिलाओं के प्रति AIADMK की विकृत मानसिकता को उजागर कर दिया है।"
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DMK नेताओं ने मांग की है कि AIADMK नेतृत्व षणमुगम के इस विवादास्पद बयान के लिए बिना शर्त माफी माँगे। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष की महिला विरोधी सोच को दर्शाती है। पुलिस या चुनाव आयोग की तरफ से AIADMK नेता पर कोई औपचारिक कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
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जनता और सोशल मीडिया प्रतिक्रिया
\r\nसोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को लेकर जनता में जबरदस्त गुस्सा है। यूजर्स सीवी षणमुगम की टिप्पणी को "शर्मनाक" और "असंवेदनशील" बता रहे हैं। कई महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को एक वस्तु के रूप में चित्रित करना घोर निंदनीय है।
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लोगों का कहना है कि चुनावी राजनीति में व्यक्तिगत हमलों और विवादास्पद बयान का स्तर गिरता जा रहा है। ट्विटर और फेसबुक पर, यूजर्स महिलाओं के प्रति सम्मान की मांग करते हुए #ShunmugamShame जैसे हैशटैग चला रहे हैं। यह घटना चुनावी प्रचार में भाषा के स्तर पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
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\r\nअसर और आगे की दिशा
\r\nसीवी षणमुगम के इस बयान से AIADMK को महिला मतदाताओं के बीच भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनकी पार्टी के लिए इस विवादास्पद बयान से दूरी बनाना आवश्यक हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि DMK इस मुद्दे को तमिलनाडु चुनाव में प्रमुखता से उठाएगी।
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\r\nAIADMK नेतृत्व को जल्द ही षणमुगम पर कार्रवाई करनी पड़ सकती है, ताकि महिलाओं के प्रति पार्टी की छवि को बचाया जा सके। चुनावी रैली में दिए गए ऐसे बयान राजनीतिक दलों के घोषणापत्र और एजेंडे से ध्यान हटाते हैं।