मुंबई के मनोरंजन जगत में हर दिन नए सितारे उभरते हैं, लेकिन कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो ग्लैमर की इस चकाचौंध से इतर अपनी एक अलग और अमिट छाप छोड़ते हैं। इन्हीं में से एक नाम है अभिनेता शैलेश रामुगड़े (Shailesh Ramugade) का। इन दिनों शैलेश अपनी बेहतरीन अभिनय क्षमता के साथ-साथ अपने सामाजिक सरोकारों और परोपकारी कार्यों को लेकर मीडिया व आम जनता के बीच चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
\r\n\r\nजहाँ एक तरफ फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें एक के बाद एक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ वे ज़मीनी स्तर पर शिक्षा और युवा कल्याण के लिए काम कर रहे हैं।
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एक्टिंग में जलवा: पुरस्कारों की हैट्रिक से बनी खास पहचान
\r\n\r\nशैलेश रामुगड़े के अभिनय करियर का ग्राफ लगातार ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में उन्हें कई बड़े और प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है:
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- \r\n इंटरनेशनल ग्लोरी अवार्ड्स 2025 (International Glory Awards 2025): इस भव्य मंच पर शैलेश को ‘प्रॉमिसिंग एक्टर ऑफ़ द ईयर’ (Promising Actor of the Year) के सम्मान से सम्मानित किया गया।\r\n \r\n
- \r\n बूगल बॉलीवुड अवार्ड्स (Boogle Bollywood Awards) व II अवार्ड्स: अभिनय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘बेस्ट एक्टर’ के पुरस्कार से नवाजा गया।\r\n \r\n
- \r\n मिड-डे शोबीज़ (Mid-Day Showbiz): एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उनके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उन्हें ‘राइजिंग सेन्सशन ऑफ़ द ईयर’ के खिताब से सम्मानित किया गया।\r\n \r\n
ये पुरस्कार इस बात का सीधा प्रमाण हैं कि शैलेश ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर बहुत ही कम समय में मनोरंजन जगत में अपनी एक मजबूत पहचान स्थापित कर ली है।
\r\n\r\nवसई के स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर अनूठी पहल
\r\n\r\nहालांकि, शैलेश की उपलब्धियां केवल रेड कार्पेट, ट्रॉफी और ग्लैमर तक सीमित नहीं हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्होंने मुंबई से सटे वसई स्थित नोवा इंग्लिश हाई स्कूल (Nova English High School, Vasai) का दौरा किया। यहाँ उन्होंने विद्यार्थियों के साथ समय बिताया और देशभक्ति व सामाजिक जिम्मेदारी का एक अनूठा संदेश दिया।
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इस विशेष कार्यक्रम के दौरान शैलेश रामुगड़े ने विद्यालय के 25 जरूरतमंद और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति (Scholarship) प्रदान की। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह सबसे सशक्त माध्यम है, जिसके ज़रिए वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं और देश के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं।
\r\n\r\nशिक्षा के क्षेत्र में निरंतर योगदान: 78 छात्रों से शुरू हुआ सिलसिला
\r\n\r\nशैलेश का यह समाजसेवा का प्रयास कोई नया नहीं है। वे पिछले कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देते आ रहे हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। यदि हमारे थोड़े से प्रयास से किसी होनहार बच्चे का भविष्य संवर सकता है, तो एक कलाकार और नागरिक के रूप में यह हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।"\r\n\r\n— शैलेश रामुगड़े\r\n
"सच्ची आजादी यानी नशामुक्त भारत": युवाओं को दिया कड़ा संदेश
\r\n\r\nस्वतंत्रता दिवस समारोह में छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए शैलेश रामुगड़े का संदेश बेहद खास और विचारणीय रहा। उन्होंने कहा कि आजादी का अर्थ केवल इतिहास में अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि आज के दौर में सच्ची आजादी का अर्थ है—युवाओं को नशे, व्यसन और गलत रास्तों से पूरी तरह मुक्त कराना।
\r\n\r\nउन्होंने छात्रों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने का संकल्प दिलवाया और कहा कि नशा न केवल एक व्यक्ति का जीवन बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार और देश के भविष्य को अंधकार में धकेल देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को खेल, कला, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में लगाएं।
\r\n\r\nआज के दौर में जब युवा अक्सर सोशल मीडिया और ग्लैमर की दुनिया के पीछे भागते हैं, ऐसे में शैलेश रामुगड़े जैसे कलाकार एक दिशादर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। अभिनय की सफलता का स्वाद चखने के बाद भी जमीन से जुड़े रहना और अपनी कमाई व प्रसिद्धि का एक हिस्सा समाज के पिछड़े व जरूरतमंद तबके के लिए समर्पित करना उन्हें भीड़ से अलग बनाता है।
\r\n\r\nशैलेश रामुगड़े ने यह साबित कर दिया है कि एक सच्चा कलाकार वही है जो न सिर्फ परदे पर अभिनय से लोगों का दिल जीते, बल्कि परदे के पीछे भी अपने कर्मों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आए।
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- \r\n ऐरोली में 78 छात्रों की मदद: पिछले वर्ष उन्होंने ऐरोली स्थित 'आयुष्मान फाउंडेशन' के स्कूल के 78 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान कर उनकी पढ़ाई जारी रखने में अहम सहयोग दिया था।\r\n \r\n
- \r\n 10वीं से आगे की पढ़ाई का संकल्प: केवल स्कूली शिक्षा ही नहीं, बल्कि इस वर्ष उन्होंने 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के साथ-साथ 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए भी छात्रवृत्ति सहायता जारी रखने की पहल की है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बच्चे की उच्च शिक्षा न रुके।\r\n \r\n