बिजनौर, उत्तर प्रदेश: बिजनौर में गंगा नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे किनारे बसे दर्जनों गांवों और हजारों हेक्टेयर जंगल पर बाढ़ का विकराल खतरा मंडरा रहा है। गंगा बैराज रावली के पास स्थित एप्लेक्स तटबंध पर नदी ने तेज कटान शुरू कर दिया है, जिसके चलते तटबंध और उस पर बनी पक्की सड़क का एक बड़ा हिस्सा गंगा की तेज धार में समा गया है।READ ALSO:-मेरठ में खाकी का शर्मनाक चेहरा: उधार शराब नहीं मिली तो होमगार्ड ने ठेके में लगा दी आग, CCTV में कैद हुई वारदात
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तटबंध टूटा तो दर्जनों गांवों में मच सकती है तबाही
\r\n\r\nयह संकट रविवार सुबह से ही शुरू हो गया था। तटबंध के किलोमीटर 6 के पास हो रहे इस कटान ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। अगर यह तटबंध पूरी तरह से टूट जाता है, तो रावली, राजपुर, रामगढ़, हुरियाना और शकरपुर जैसे दर्जनों गांवों में पानी घुस सकता है। इससे न सिर्फ हजारों लोगों के जीवन पर खतरा मंडराएगा, बल्कि हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि और वन क्षेत्र भी पूरी तरह जलमग्न हो जाएंगे।
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प्रशासन और सिंचाई विभाग ने 24 घंटे किया संघर्ष
\r\n\r\nस्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। पिछले 24 घंटों से तटबंध को बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है।
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- \r\n सामग्री का इस्तेमाल: कटान को रोकने के लिए भारी पत्थरों, वायर क्रेट और पेड़ों को काटकर लगातार नदी की धारा में डाला जा रहा है।\r\n \r\n
- \r\n मशीनों का उपयोग: सैकड़ों मजदूर, कई जेसीबी-पोकलेन मशीनें, और डंपर दिन-रात काम कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी लगातार मौके पर डटे हुए हैं।\r\n \r\n
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सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर के.एम. बंसल ने बताया कि तटबंध के कटान को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही कटान को रोक लिया जाएगा, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि स्थिति अभी भी नियंत्रण में नहीं है और पूरी टीम लगातार संघर्ष कर रही है।
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