शकील अहमद
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बड़ी और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिले के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों में गिने जाने वाले पुराना धामपुर इलाके में उस वक्त भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया, जब वहां स्थित एक बड़े कपड़े के गोदाम में अचानक भयंकर आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को कुछ सोचने या समझने का मौका ही नहीं मिला। देखते ही देखते आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में धुएं के काले और घने गुबार उठने लगे। दूर-दूर से उठती आग की लपटों और धुएं को देखकर आसपास के स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में दहशत फैल गई।READ ALSO:-कंगाल कर देगी एक क्लिक! Facebook-Instagram पर 'अश्लील विज्ञापनों' का मायाजाल, हैकर्स ने ढूंढा ठगी का नया तरीका, गृह मंत्रालय ने जारी की 7 खतरनाक ऐप्स की लिस्ट
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कपड़े का ज्वलनशील होना बना आग फैलने का कारण बताया जा रहा है कि जिस जगह पर आग लगी, वह एक बड़ा कपड़े का गोदाम (Cloth Godown) है। चूंकि कपड़े बेहद ज्वलनशील (Highly Flammable) होते हैं, इसलिए एक छोटी सी चिंगारी ने भी कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम के अंदर भारी मात्रा में थान के कपड़े, रेडीमेड गारमेंट्स और अन्य वस्त्र सामग्री रखी हुई थी। जैसे ही कपड़ों ने आग पकड़ी, लपटें तेजी से बाहर की ओर निकलने लगीं। स्थानीय दुकानदारों और चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने की शुरुआत में अंदर से जलने की तेज महक आई और फिर अचानक से धुआं उठने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते या अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास करते, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी।
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अफरा-तफरी और जान बचाने की जद्दोजहद घनी आबादी और व्यावसायिक क्षेत्र होने के कारण पुराना धामपुर इलाके में हमेशा लोगों की आवाजाही रहती है। जैसे ही गोदाम में आग भड़की, वहां भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। आसपास के दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानों के शटर गिराने शुरू कर दिए ताकि आग की लपटें उनके प्रतिष्ठानों तक न पहुंच सकें। गोदाम के आसपास रहने वाले लोग भी अपने घरों से बाहर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। चीख-पुकार और अफरा-तफरी के इस माहौल में स्थानीय लोगों ने तुरंत सूझबूझ का परिचय देते हुए पुलिस कंट्रोल रूम और दमकल विभाग (Fire Brigade) को इस भीषण हादसे की सूचना दी।
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दमकल विभाग का त्वरित रिस्पांस और रेस्क्यू ऑपरेशन सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। बिना कोई समय गंवाए फायर ब्रिगेड की टीम दमकल की कई गाड़ियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। पुराना धामपुर की संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाके के कारण शुरुआत में फायर टेंडर्स को मौके तक पहुंचने में थोड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा, लेकिन दमकल कर्मियों ने अपनी सूझबूझ से तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
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वर्तमान में दमकल कर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना आग को बुझाने और उसे आसपास की अन्य इमारतों तक फैलने से रोकने के लिए लगातार पानी की बौछार कर रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है। दमकल विभाग के अधिकारियों का पहला लक्ष्य आग को एक ही जगह तक सीमित रखना है, ताकि वह पड़ोस के मकानों या दुकानों को अपनी चपेट में न ले सके।
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पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी: सुरक्षा घेरा तैयार स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल भी भारी संख्या में मौके पर तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और आम जनता को घटनास्थल से दूर रहने की सख्त हिदायत दी जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए उस क्षेत्र की बिजली आपूर्ति (Power Supply) को एहतियातन तुरंत रोक दिया गया है। पुलिस के जवान भीड़ को नियंत्रित करने और दमकल की गाड़ियों के लिए रास्ता साफ रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और राहत व बचाव कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
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लाखों के नुकसान की आशंका, व्यापारी वर्ग में मायूसी यद्यपि इस भीषण अग्निकांड में अभी तक किसी भी प्रकार की जनहानि (Casualty) या किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, जो कि एक बड़ी राहत की बात है। लेकिन आर्थिक दृष्टिकोण से यह एक बहुत बड़ी त्रासदी है। गोदाम मालिक और आसपास के व्यापारियों के अनुसार, त्योहारी सीजन और आगामी शादियों के सीजन को देखते हुए गोदाम में लाखों रुपये का नया माल (Stock) रखा हुआ था। भयंकर आग के कारण यह सारा कीमती कपड़ा और अन्य सामान जलकर खाक होने की कगार पर है। गोदाम मालिक का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे से व्यापारी को भारी आर्थिक चपत लगने का अनुमान है। सटीक नुकसान का आकलन आग पूरी तरह से बुझने के बाद ही किया जा सकेगा।
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हादसे के कारणों की जांच शुरू आग लगने का स्पष्ट कारण अभी तक रहस्य बना हुआ है। मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता आग पर पूरी तरह से काबू पाना और कूलिंग प्रक्रिया (Cooling Process) को पूरा करना है। इसके बाद ही जांच की जाएगी कि आग किन परिस्थितियों में लगी।
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आमतौर पर इस तरह के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) को माना जाता है, लेकिन पुलिस और फायर विभाग की जांच टीमें किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रही हैं। क्या गोदाम में अग्निशमन (Fire Safety) के पर्याप्त उपकरण मौजूद थे? क्या बिजली की वायरिंग बहुत पुरानी या कमजोर थी? इन सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा।
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सुरक्षा मानकों पर फिर से उठी बहस इस घटना ने एक बार फिर से घनी आबादी वाले पुराने इलाकों में स्थित व्यावसायिक गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिहायशी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में इस तरह के बड़े गोदामों का संचालन हमेशा जोखिम भरा होता है। प्रशासन को इस घटना से सबक लेते हुए शहर के अन्य बड़े गोदामों और व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी ऑडिट (Fire Safety Audit) सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी बड़ी अनहोनी और जान-माल के नुकसान से बचा जा सके। फिलहाल, पुराना धामपुर में सभी की निगाहें आग के पूरी तरह से बुझने पर टिकी हैं।