बिजनौर: जिले के पंडित दीन दयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, संबद्ध महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में कार्यरत 135 आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। पिछले तीन माह से लंबित चल रहा कर्मचारियों का वेतन अब जारी कर दिया गया है। लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी थी और उन्होंने 27 अगस्त को काम छोड़कर अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन किया था।READ ALSO:-बिजनौर में साधुओं के भेष में शातिर लुटेरों का खेल बेनकाब, मौत का डर दिखाकर करते थे वारदात; दो आरोपी गिरफ्तार
\r\n\r\n\r\n\r\n
वेतन भुगतान को लेकर कर्मचारियों की परेशानी सामने आने के बाद महाविद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. ललिता चौधरी ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क किया। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि लंबित वेतन का भुगतान 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद प्रभावी समन्वय और लगातार निगरानी के चलते अब 135 आउटसोर्स कर्मचारियों के तीन माह के लंबित वेतन का भुगतान जारी कर दिया गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
तीन महीने से वेतन का इंतजार कर रहे थे कर्मचारी
\r\n\r\nअस्पताल में विभिन्न जिम्मेदारियों को संभालने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन पिछले तीन महीनों से लंबित था। लगातार वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ रही थीं। काफी समय तक भुगतान का इंतजार करने के बाद कर्मचारियों ने अपनी समस्या को लेकर विरोध का रास्ता अपनाया।
\r\n\r\n 
27 अगस्त को कर्मचारियों ने काम छोड़कर अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की मांग थी कि उनका लंबित वेतन जल्द से जल्द जारी किया जाए, ताकि वे अपने परिवार की जरूरतों और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा कर सकें।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कर्मचारियों के काम छोड़ने और धरने पर बैठने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका पैदा हो गई थी। ऐसे में मामले का जल्द समाधान किया जाना जरूरी था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रधानाचार्या ने मामले को गंभीरता से लिया
\r\n\r\nकर्मचारियों के धरने की जानकारी महाविद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. ललिता चौधरी को मिली। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और लंबित भुगतान की प्रक्रिया को तेज कराने के लिए आवश्यक समन्वय किया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रधानाचार्या की ओर से कर्मचारियों को भरोसा दिलाया गया कि उनके तीन माह के लंबित वेतन के भुगतान के लिए तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इसके बाद संबंधित स्तर पर लगातार संपर्क और निगरानी रखी गई। इसी का परिणाम रहा कि अब अस्पताल में कार्यरत सभी 135 आउटसोर्स कर्मचारियों के तीन माह के लंबित वेतन का भुगतान जारी कर दिया गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
वेतन जारी होने से कर्मचारियों में संतोष
\r\n\r\nलंबे इंतजार के बाद वेतन जारी होने की जानकारी मिलने पर कर्मचारियों में संतोष देखने को मिला। कर्मचारियों ने लंबित भुगतान के शीघ्र निस्तारण के लिए प्रधानाचार्या डॉ. ललिता चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कर्मचारियों की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि वे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में अपना पूरा सहयोग जारी रखेंगे। धरने के दौरान उठी वेतन भुगतान की समस्या का समाधान होने के बाद अब अस्पताल में कर्मचारियों के काम पर लौटने और स्वास्थ्य सेवाओं के सामान्य संचालन का रास्ता साफ हुआ है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
स्वास्थ्य सेवाओं में आउटसोर्स कर्मचारियों की अहम भूमिका
\r\n\r\nबिजनौर के इस अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों की भूमिका स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण है। अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और रोजमर्रा के कामकाज को सुचारू बनाए रखने में बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रधानाचार्या डॉ. ललिता चौधरी ने सोमवार को दोपहर 1 बजे जारी प्रेस नोट में कहा कि चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में आउटसोर्स कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान संस्थान की प्राथमिकता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस बयान से यह संकेत भी मिलता है कि संस्थान की ओर से कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनका समाधान करने पर जोर दिया जा रहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
भविष्य में समय पर वेतन देने का भरोसा
\r\n\r\nतीन माह के लंबित वेतन का भुगतान जारी होने के साथ ही अब कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई है। हालांकि, भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसे लेकर भी कर्मचारियों की अपेक्षाएं हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रधानाचार्या डॉ. ललिता चौधरी ने कहा कि भविष्य में सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन का भुगतान समय पर सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इससे कर्मचारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में उन्हें वेतन के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
समय पर वेतन मिलना कर्मचारियों के लिए केवल आर्थिक जरूरत ही नहीं, बल्कि उनके काम के प्रति मनोबल से भी जुड़ा विषय है। ऐसे में नियमित भुगतान सुनिश्चित होने से अस्पताल के कर्मचारियों के बीच बेहतर कार्य वातावरण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
धरने से समाधान तक पहुंचा मामला
\r\n\r\nपूरे घटनाक्रम पर नजर डालें तो तीन महीने से लंबित वेतन को लेकर कर्मचारियों की नाराजगी 27 अगस्त को धरना-प्रदर्शन के रूप में सामने आई। कर्मचारियों ने काम छोड़कर अस्पताल परिसर में अपनी मांग रखी। मामला प्रधानाचार्या तक पहुंचा और उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इसके बाद भुगतान की प्रक्रिया को लेकर लगातार निगरानी की गई और अब सभी 135 आउटसोर्स कर्मचारियों के तीन माह के लंबित वेतन का भुगतान जारी कर दिया गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
यह कार्रवाई कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। साथ ही इससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में लगे कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच संवाद के जरिए समस्या के समाधान का संदेश भी गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
फिलहाल कर्मचारियों ने वेतन भुगतान होने के बाद प्रधानाचार्या के प्रति आभार जताते हुए अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है। अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि भविष्य में वेतन भुगतान तय समय पर होता रहे और उन्हें दोबारा ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।