खबरीलाल डेस्क
पाकिस्तान के लाहौर और मुरीदके शहर में इस समय भारी बवाल मचा हुआ है। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। यह हिंसा TLP चीफ साद रिज़वी को गोली मारकर पाकिस्तानी सेना द्वारा हत्या किए जाने की अफवाह के बाद भड़की है। कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर जमकर पथराव और आगजनी की है। TLP ने दावा किया है कि इस विरोध-प्रदर्शन में 180 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।READ ALSO:-गोल्ड में रिकॉर्ड उछाल: पुष्य नक्षत्र से पहले सोना ₹2,244 महंगा होकर ₹1.23 लाख के पार, चांदी भी ₹1.52 लाख के ऐतिहासिक स्तर पर; जानें आगे का टारगेट और तेजी के 3 कारण
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\r\nहिंसा की वजह: गाजा शांति योजना और साद रिज़वी की खबर
\r\nमामले की जड़ में मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं। पहला, अमेरिका की 'ट्रंप की गाजा शांति योजना' को लेकर पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ नागरिकों का भारी विरोध प्रदर्शन। TLP इस योजना का कड़ा विरोध कर रही है। दूसरा, TLP चीफ साद रिज़वी की हत्या की खबर ने कार्यकर्ताओं को भड़का दिया। इस खबर के बाद कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वे हिंसक हो उठे।
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\r\nलाहौर और मुरीदके में जबरदस्त हंगामा
\r\nTLP कार्यकर्ताओं ने लाहौर और उसके आस-पास के शहरों, खासकर मुरीदके में भीषण हिंसा फैलाई है। सड़कों पर वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को आग लगाई गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि शहर की सड़कों पर अफरातफरी का माहौल बन गया। TLP के दावे के अनुसार, सेना और सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, पाकिस्तानी सेना या सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं की है।
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\r\nसरकार और सेना पर बढ़ा दबाव
\r\nयह घटना पाकिस्तान सरकार और सेना पर भारी दबाव डालती है। TLP एक कट्टरपंथी समूह है जिसकी पाकिस्तान की राजनीति में गहरी पैठ है। TLP चीफ की अफवाह भरी हत्या की खबर ने राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ा दिया है। इस विरोध प्रदर्शन ने गाजा जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी देश में गहरा आक्रोश दिखाया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना के बाद पाकिस्तान में सेना को सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और जल्द ही सेना की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।