ईरान-इजराइल युद्ध (Iran-Israel War) अब एक ऐसे विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने न केवल मिडिल ईस्ट (Middle East) बल्कि पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर लगातार दूसरे दिन भी भीषण हवाई हमले जारी हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी अपनी पूरी सैन्य ताकत झोंक दी है और वह इजराइल के साथ-साथ मिडिल ईस्ट के 8 अलग-अलग देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों (US Military Bases) पर ताबड़तोड़ एयर स्ट्राइक कर रहा है।READ ALSO:-अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर शेरकोट में भारी आक्रोश: शिया समुदाय ने निकाला जुलूस, थाना प्रभारी को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
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रविवार सुबह जैसे ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई, इस्लामी दुनिया में भूचाल आ गया। इस खबर के बाद पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी दूतावास पर उग्र भीड़ ने हमला कर दिया, जिसमें 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। उधर, कतर, दुबई और अबू धाबी में भी मिसाइल और ड्रोन से हमले हो रहे हैं, जिससे वहां फंसे लाखों भारतीयों में भारी दहशत है। ईरान-इजराइल युद्ध का सबसे बड़ा असर वैश्विक यातायात पर पड़ा है; भारत में 350 से ज्यादा और खाड़ी देशों में 1500 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
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इस बेहद विस्तृत और ग्राउंड जीरो रिपोर्ट में हम इस महायुद्ध के हर पहलू, पाकिस्तान में भड़की हिंसा, ओमान की खाड़ी में डूबे ईरानी युद्धपोत, और भारत पर इसके व्यापक असर का गहराई से विश्लेषण करेंगे।
\r\n\r\n1. अयातुल्ला खामेनेई की मौत: पाकिस्तान में फूटा शिया समुदाय का गुस्सा
\r\n\r\nईरान के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल हमले में मौत की खबर ने पूरी दुनिया के शिया समुदाय को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया है। ईरान-इजराइल युद्ध की इस सबसे बड़ी घटना के बाद पाकिस्तान में हालात पूरी तरह से बेकाबू हो गए हैं।
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कराची में अमेरिकी दूतावास पर हमला और 12 मौतें
\r\n\r\nपाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में रविवार को हजारों की संख्या में शिया मुसलमान सड़कों पर उतर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इजराइल और अमेरिका के खिलाफ गगनभेदी नारे लगाते हुए इस उग्र भीड़ ने कराची स्थित अमेरिकी दूतावास (US Embassy) की ओर कूच किया और सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की।
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स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और बाद में सीधी फायरिंग करनी पड़ी। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों की इस फायरिंग में 12 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि दर्जनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। पूरे कराची शहर में कर्फ्यू जैसे हालात हैं।
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स्कर्दू में UN ऑफिस को किया आग के हवाले
\r\n\r\nपाकिस्तान के अशांत गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के स्कर्दू (Skardu) में भी शिया समुदाय का गुस्सा उग्र हो गया। उग्र प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर अमेरिका का साथ देने का आरोप लगाते हुए वहां स्थित संयुक्त राष्ट्र (United Nations - UN) के ऑफिस पर धावा बोल दिया और उसे आग के हवाले कर दिया। दमकल गाड़ियों को भी मौके पर पहुंचने से रोक दिया गया। पाकिस्तान सरकार ने देश के कई हिस्सों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए ठप कर दी हैं।
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2. ईरान का विनाशकारी पलटवार: 8 देशों में अमेरिकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक
\r\n\r\nसुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने 'ऑपरेशन रिवेंज' (बदले की कार्रवाई) शुरू कर दिया है। ईरान-इजराइल युद्ध अब ईरान की सीमाओं से निकलकर पूरे मिडिल ईस्ट में फैल चुका है। ईरान अब केवल इजराइल को निशाना नहीं बना रहा है, बल्कि उसने उन सभी 8 देशों पर मिसाइलें दागनी शुरू कर दी हैं जहां अमेरिकी सेना के बेस मौजूद हैं।
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कतर, दुबई और अबू धाबी में ड्रोन अटैक
\r\n\r\nआज सुबह से ही खाड़ी देशों— विशेषकर कतर (Qatar), दुबई (Dubai) और अबू धाबी (Abu Dhabi) के आसमान में मिसाइल और ड्रोन से भयंकर अटैक हो रहे हैं। इन देशों में तैनात एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे पैट्रियट मिसाइल) लगातार ईरानी ड्रोन्स को हवा में नष्ट कर रहे हैं, लेकिन धमाकों की आवाज से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
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भारतीय सेलिब्रिटीज और प्रवासियों में खौफ
\r\n\r\nखाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों के बीच भारी दहशत है। कतर और यूएई में मौजूद भारतीयों ने सोशल मीडिया पर मिसाइल हमलों और आसमान में होते धमाकों के खौफनाक वीडियो शेयर किए हैं।
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- \r\n पीवी सिंधु (PV Sindhu): भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु, जो इस समय दुबई में हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी घबराहट साझा की। उन्होंने लिखा, "दुबई में हम जहां रुके थे, वहां पर धमाका हुआ है।" यह ट्वीट उनके फैंस के बीच चिंता का विषय बन गया है।\r\n \r\n
- \r\n सोनल चौहान (Sonal Chauhan): बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनल चौहान भी दुबई में फंसी हुई हैं और उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से सुरक्षित वापसी के लिए मदद की गुहार लगाई है।\r\n \r\n
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भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों के लिए रेड अलर्ट एडवाइजरी जारी कर उन्हें सुरक्षित स्थानों (बंकरों) में रहने की सख्त हिदायत दी है।
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3. एविएशन सेक्टर में हाहाकार: भारत और मिडिल ईस्ट में उड़ानें ठप
\r\n\r\nईरान-इजराइल युद्ध ने ग्लोबल सप्लाई चेन और एविएशन सेक्टर की कमर तोड़ कर रख दी है। ईरान, इराक, इजराइल और जॉर्डन सहित कई देशों ने अपने एयरस्पेस (Airspace) को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है, जिससे भारत सहित दुनिया भर में हजारों इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं।
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भारत में 350+ उड़ानें रद्द, यात्री एयरपोर्ट्स पर फंसे
\r\n\r\nभारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों— दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और अमृतसर पर आज हजारों यात्री फंसे हुए हैं। यात्रियों को अपने विमान का इंतजार करते हुए 24 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है और एयरपोर्ट्स पर भारी अफरा-तफरी का माहौल है।
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- \r\n एअर इंडिया (Air India): भारत की प्रमुख एयरलाइन एअर इंडिया ने आज अपनी 22 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं। युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक एयरलाइन कुल 50 इंटरनेशनल फ्लाइट्स कैंसिल कर चुकी है।\r\n \r\n
- \r\n त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट का हाल: खाड़ी देशों से सबसे ज्यादा कनेक्टिविटी वाले केरल के त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट पर मिडिल ईस्ट के देशों से आने और जाने वाली 26 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं, जिससे केरल के हजारों प्रवासी कामगार फंस गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n इंडिगो (IndiGo) का एक्शन: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने भी सुरक्षा कारणों से अपनी कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को 2 मार्च की रात 11:59 बजे तक के लिए पूरी तरह सस्पेंड कर दिया है।\r\n \r\n
- \r\n मंत्रालय की चेतावनी: एविएशन मिनिस्ट्री (Ministry of Civil Aviation) के एक खौफनाक अनुमान के मुताबिक, अगर हालात ऐसे ही रहे तो भारतीय एयरलाइंस की कुल 444 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ सकती हैं।\r\n \r\n
दिल्ली एयरपोर्ट की एडवाइजरी
\r\n\r\nदिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DIAL) ने एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि मिडिल ईस्ट में बदलती राजनीतिक स्थिति के कारण पश्चिम दिशा (वेस्टबाउंड - यूरोप और अमेरिका) जाने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भारी देरी या शेड्यूल में बदलाव हो सकता है। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से उड़ान की ताजा स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें।
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4. मिडिल ईस्ट और GCC में 1500 से अधिक उड़ानें रद्द
\r\n\r\nएविएशन एनालिटिक्स की जानी-मानी कंपनी 'सिरिकम' (Cirium) के ताजा आंकड़ों ने एविएशन सेक्टर के संकट की भयावहता को उजागर कर दिया है। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) का पूरा एयरस्पेस खतरे में है।
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आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को UAE समयानुसार शाम 4 बजे तक खाड़ी सहयोग परिषद और मिडिल ईस्ट के देशों में 1,500 से ज्यादा इनबाउंड (आने वाली) उड़ानें रद्द कर दी गईं। नौ क्षेत्रीय देशों — सऊदी अरब, यूएई, मिस्र, कतर, ईरान, इजराइल, ओमान, जॉर्डन और बहरीन के लिए कुल 3,990 उड़ानें निर्धारित थीं। इनमें से 1,579 उड़ानें रद्द की गईं, जो इन देशों में आने वाली कुल उड़ानों का लगभग 40% है। बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के कारण यात्रियों को अपनी एयरलाइन से ताजा जानकारी लेने की बार-बार सलाह दी जा रही है।
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5. नौसैनिक महायुद्ध: ओमान की खाड़ी में डूबा ईरानी युद्धपोत
\r\n\r\nईरान-इजराइल युद्ध में अब जमीन और आसमान के साथ-साथ समुद्र का मोर्चा (Naval Warfare) भी पूरी तरह से खुल चुका है। अमेरिका-इजराइल के संयुक्त सैन्य ऑपरेशन (Joint Military Operation) के तहत अमेरिकी नौसेना ने ईरान को एक बहुत बड़ा और सामरिक झटका दिया है।
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US CENTCOM का आधिकारिक बयान
\r\n\r\nयूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि अमेरिकी बलों ने ईरानी नौसेना के एक प्रमुख 'जामरान-क्लास कॉरवेट' (Jamaran-class corvette) युद्धपोत को निशाना बनाकर सटीक मिसाइल हमला किया है। यह हमला इतना भीषण था कि यह विशाल युद्धपोत अब ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में ईरान के सामरिक 'चाह बहार बंदरगाह' (Chabahar Port) के पास समुद्र में डूब रहा है।
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CENTCOM के बयान में स्पष्ट किया गया है कि:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"इस हमले का मुख्य लक्ष्य ईरान की सैन्य संरचना और उसकी युद्धक क्षमताओं पर सीधा असर डालना था, और इस कार्रवाई में अमेरिकी बलों को पूर्ण सफलता मिली है। अमेरिका का मकसद ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है जो अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों और हमारे सहयोगियों के लिए खतरा बन रही हैं।"\r\n
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रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, 'जामरान-क्लास' ईरान की नौसेना की सतह-युद्ध (Surface-Warfare) क्षमता वाला एक बेहद सक्षम, आधुनिक रडार और मिसाइलों से लैस जहाज माना जाता था। इसका डूबना ईरानी नौसेना के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
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6. होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों पर हमला: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट
\r\n\r\nइस ईरान-इजराइल युद्ध का सबसे खतरनाक आर्थिक पहलू अब सामने आ रहा है। न्यूज एजेंसी एएफपी (AFP) ने समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के हवाले से एक बेहद चिंताजनक खबर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) से गुजर रहे दो कमर्शियल जहाजों पर अज्ञात मिसाइलों या ड्रोन्स से हमला किया गया है।
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क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?
\r\n\r\nयह संकरा जलमार्ग दुनिया भर के तेल व्यापार की जीवनरेखा है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम निर्यात का लगभग 20% हिस्सा इसी रूट से होकर गुजरता है। जहाजों पर हुए इन ताजा हमलों से वैश्विक शिपिंग कंपनियों में भारी दहशत फैल गई है। यदि ईरान ने इस रास्ते को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 से 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी (Inflation) होगी और एक नई वैश्विक आर्थिक मंदी आ सकती है।
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7. भारत में मातम और विरोध: 3 दिन के शोक का ऐलान
\r\n\r\nअयातुल्ला खामेनेई की मौत का असर केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि भारत की घरेलू राजनीति और कानून व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। भारत में करोड़ों शिया मुसलमान रहते हैं, जो खामेनेई को अपना सर्वोच्च धार्मिक मार्गदर्शक (Marja') और मजलूमों की आवाज मानते थे।
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- \r\n श्रीनगर और लखनऊ में प्रदर्शन: रविवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पुराने शहर में शिया समुदाय के हजारों लोगों ने काले झंडे लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। लखनऊ के इमामबाड़ों में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और पुतले फूंके गए।\r\n \r\n
- \r\n अजमेर में 3 दिन का शोक: राजस्थान के अजमेर (Ajmer) में 'शिया मुस्लिम महासभा' ने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए समाज की ओर से 3 दिन के आधिकारिक शोक का ऐलान किया है। इस दौरान सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की गई है और मस्जिदों में अयातुल्ला खामेनेई की आत्मा की शांति के लिए विशेष कुरान ख्वानी की जा रही है।\r\n \r\n
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भारत सरकार और गृह मंत्रालय पूरे देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्यों के पुलिस प्रमुखों के साथ लगातार संपर्क में हैं। सभी संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात कर दी गई है।
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8. क्या तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है दुनिया? (Expert Analysis)
\r\n\r\nवर्तमान ईरान-इजराइल युद्ध के हालात बता रहे हैं कि कूटनीति (Diplomacy) के सभी दरवाजे बंद हो चुके हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अयातुल्ला खामेनेई की मौत ने ईरान के सामने 'करो या मरो' की स्थिति पैदा कर दी है। ईरान की कट्टरपंथी सेना IRGC अब बिना किसी रोक-टोक के परमाणु हथियारों (Nuclear Weapons) के इस्तेमाल या बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले 'असिमेट्रिक वॉरफेयर' (Asymmetric Warfare) की ओर बढ़ सकती है।
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अमेरिका द्वारा युद्धपोत डुबोने और पाकिस्तान जैसे परमाणु संपन्न देश में अमेरिकी दूतावास पर हमले यह संकेत देते हैं कि यह युद्ध अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं है। अगर चीन और रूस ने इस मामले में ईरान का खुलकर सैन्य समर्थन करना शुरू कर दिया, तो यह संघर्ष आधिकारिक रूप से तीसरे विश्व युद्ध (World War III) में तब्दील हो जाएगा।
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निष्कर्ष के तौर पर, ईरान-इजराइल युद्ध में अयातुल्ला खामेनेई की मौत ने एक ऐसा भू-राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है जिसे शांत करना अब किसी भी सुपरपावर के बस में नहीं दिख रहा है। पाकिस्तान में भड़की जानलेवा हिंसा, दुबई और कतर में गिरते ड्रोन, और ओमान की खाड़ी में डूबा ईरानी युद्धपोत इस बात का सुबूत हैं कि विनाश का दायरा लगातार बढ़ रहा है। भारतीय एविएशन सेक्टर में 350 से ज्यादा उड़ानों का रद्द होना और पीवी सिंधु जैसी हस्तियों का दुबई में फंसना यह दर्शाता है कि ग्लोबल कनेक्टिविटी पूरी तरह से ठप हो चुकी है। अब पूरी दुनिया की नजरें संयुक्त राष्ट्र (UN) और वैश्विक नेताओं पर टिकी हैं कि क्या वे इस आग को और फैलने से रोक पाएंगे, या दुनिया को एक और महान आर्थिक और मानवीय त्रासदी का सामना करना पड़ेगा।
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ईरान-इजराइल युद्ध ने दुनिया भर में हाहाकार मचा दिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले में 12 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जबकि स्कर्दू में यूएन ऑफिस जला दिया गया। ईरान ने कतर, दुबई और अबू धाबी में अमेरिकी ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं, जहां पीवी सिंधु और सोनल चौहान जैसे कई भारतीय फंसे हुए हैं। इस वैश्विक संकट के कारण भारत में एअर इंडिया और इंडिगो सहित 350 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जबकि मिडिल ईस्ट में 1500 फ्लाइट्स ठप हैं। उधर, ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया है, और होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों पर हमले से दुनिया की तेल सप्लाई चेन गहरे संकट में घिर गई है। भारत के लखनऊ और श्रीनगर में भी मौत के विरोध में प्रदर्शन जारी हैं।