अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ा व्यापारिक फैसला लेते हुए ब्रांडेड या पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह भारी टैक्स 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अमेरिका में दवा उत्पादन को बढ़ावा देना है, जिसके तहत उन कंपनियों को छूट मिलेगी जो अमेरिका में ही दवा बनाने के लिए प्लांट लगा रही हैं (कंस्ट्रक्शन चल रहा है)।READ ALSO:-शौर्य के एक युग का अंत : 62 साल बाद आकाशीय सीमाओं का प्रहरी Mig–21 हुआ रिटायर, जानें इतिहास और उपल
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टैरिफ की मुख्य घोषणाएं और भारत पर प्रभाव
\r\n\r\n| \r\n टैरिफ का विवरण \r\n | \r\n \r\n दर \r\n | \r\n \r\n प्रभावी तिथि \r\n | \r\n \r\n उद्देश्य \r\n | \r\n
| \r\n ब्रांडेड/पेटेंटेड दवाएं \r\n | \r\n \r\n 100% \r\n | \r\n \r\n 1 अक्टूबर 2025 \r\n | \r\n \r\n अमेरिका में उत्पादन बढ़ाना (कंपनियों को प्लांट लगाने पर छूट) \r\n | \r\n
| \r\n भारतीय प्रोडक्ट्स \r\n | \r\n \r\n 50% \r\n | \r\n \r\n 27 अगस्त (पहले से लागू) \r\n | \r\n \r\n कपड़े, जेम्स-ज्वेलरी, फर्नीचर, सी फूड (दवाएं बाहर थीं) \r\n | \r\n
| \r\n किचन कैबिनेट, वैनिटी \r\n | \r\n \r\n 50% \r\n | \r\n \r\n 1 अक्टूबर 2025 \r\n | \r\n \r\n घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बचाना \r\n | \r\n
| \r\n अपहोल्स्टर्ड फर्नीचर \r\n | \r\n \r\n 30% \r\n | \r\n \r\n 1 अक्टूबर 2025 \r\n | \r\n \r\n घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बचाना \r\n | \r\n
| \r\n बड़े ट्रक \r\n | \r\n \r\n 25% \r\n | \r\n \r\n 1 अक्टूबर 2025 \r\n | \r\n \r\n हेवी ट्रक मैन्युफैक्चरर्स को बचाना \r\n | \r\n
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भारत पर असर:
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- \r\n सीमित असर (अभी): भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है और अमेरिका को निर्यात होने वाली अधिकांश भारतीय दवाएं जेनेरिक होती हैं। यह 100% टैरिफ फिलहाल ब्रांडेड दवाओं पर है, इसलिए भारत के निर्यात पर सीधा, तात्कालिक असर सीमित होगा।\r\n \r\n
- \r\n अगला निशाना? विशेषज्ञों (जैसे वीके विजयकुमार) का मानना है कि ट्रम्प का अगला निशाना जेनेरिक दवाएं हो सकती हैं, जिससे भारतीय फार्मा स्टॉक्स पर "भावनात्मक असर" पड़ सकता है।\r\n \r\n
- \r\n पेटेंटेड निर्यात: डॉ. रेड्डीज, सन फार्मा, और ल्यूपिन जैसी भारतीय कंपनियाँ कुछ पेटेंट वाली दवाएं भी बेचती हैं, जिनका निर्यात इस 100% टैरिफ से प्रभावित होगा।\r\n \r\n
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टैरिफ का कारण: 'अमेरिका फर्स्ट' और राष्ट्रीय सुरक्षा
\r\n\r\nट्रम्प ने इन टैरिफ को अपनी 'अमेरिका फर्स्ट' और 'मेक इन अमेरिका' नीति का हिस्सा बताया है।
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- \r\n उत्पादन प्रोत्साहन: 100% टैरिफ का उद्देश्य विदेशी कंपनियों पर दबाव डालना है कि वे अमेरिका में उत्पादन शुरू करें, जिससे घरेलू फार्मा सप्लाई चेन सुरक्षित हो सके।\r\n \r\n
- \r\n राष्ट्रीय सुरक्षा: ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि दवाओं के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, खासकर महामारी जैसी स्थितियों में।\r\n \r\n
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जेनेरिक दवाओं पर छूट क्यों?
\r\n\r\nट्रम्प ने फिलहाल जेनेरिक दवाओं को 100% टैरिफ से बाहर रखा है, जिसका मुख्य कारण है:
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- \r\n स्वास्थ्य लागत: जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 80% से 90% तक सस्ती होती हैं। अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम इन सस्ती दवाओं पर बहुत ज़्यादा निर्भर है।\r\n \r\n
- \r\n उपभोक्ता पर प्रभाव: यदि जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ लगाया जाता, तो उनकी कीमतें आसमान छू लेतीं। इससे अमेरिकी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा बहुत महँगी हो जाती और इसका सीधा असर आम कंज्यूमर्स पर पड़ता।\r\n \r\n

यह फैसला दर्शाता है कि ट्रम्प प्रशासन एक तरफ व्यापार युद्ध छेड़कर घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना चाहता है, वहीं दूसरी तरफ वह अमेरिकी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य खर्च को भी नियंत्रित रखना चाहता है।