ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में एक बड़ा और देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। बोर्ड का उद्देश्य इस कानून के खिलाफ जागरूकता फैलाना और वक्फ संपत्तियों को बचाना है। इस आंदोलन में मस्जिदों में तकरीर से लेकर दिल्ली में धरना और विशाल विरोध रैलियों तक, कई कार्यक्रम शामिल हैं।READ ALSO:-"भाई आंखों के सामने सैलाब में बह गया..." - देहरादून आपदा से लौटे मेरठ के किठौर के घायल गुड्डू ने सुनाई तबाही की वो खौफनाक दहलाने देने वाली कहानी
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क्या है विरोध प्रदर्शन की पूरी रूपरेखा?
\r\n\r\nबोर्ड ने चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसमें प्रमुख गतिविधियां और उनकी तारीखें इस प्रकार हैं:
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- \r\n 19 सितंबर: जुमे (शुक्रवार) के दिन सभी मस्जिदों में वक्फ के महत्व और नए कानून के प्रभावों पर विशेष तकरीरें दी जाएंगी।\r\n \r\n
- \r\n 3 अक्टूबर: सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक दवा दुकानों को छोड़कर सभी मुस्लिम प्रतिष्ठानों और कार्यालयों को बंद रखने की अपील की गई है।\r\n \r\n
- \r\n 11 अक्टूबर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल धरना प्रदर्शन होगा, जिसके बाद कार्यकर्ता गिरफ्तारियां भी देंगे।\r\n \r\n
- \r\n 16 अक्टूबर: बोर्ड का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्यमंत्रियों से मिलकर उन्हें कानून के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपेगा।\r\n \r\n
- \r\n 16 नवंबर: दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल विरोध रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें देश भर से लाखों लोगों के जुटने का प्रयास होगा।\r\n \r\n
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जन-जागरूकता और सोशल मीडिया अभियान
\r\n\r\nबोर्ड इस कानून के खिलाफ व्यापक जागरूकता फैलाने की भी तैयारी कर रहा है।
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- \r\n प्रेस कॉन्फ्रेंस: दिल्ली और सभी राज्यों की राजधानियों में दो तरह की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित होंगी - एक बोर्ड के सदस्यों के साथ और दूसरी नागरिक समाज के सदस्यों और अन्य अल्पसंख्यक नेताओं के साथ।\r\n \r\n
- \r\n गोलमेज बैठकें: सभी प्रमुख शहरों में गैर-मुस्लिमों, राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ बड़े पैमाने पर गोलमेज बैठकें होंगी।\r\n \r\n
- \r\n सोशल मीडिया: फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर हर हफ्ते 15 मिनट की वीडियो क्लिप पोस्ट की जाएंगी। ये वीडियो हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू के साथ-साथ सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध होंगी।\r\n \r\n
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वक्फ संपत्तियों के लिए कानूनी सहायता और मार्च
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- \r\n वक्फ डेस्क: 1 नवंबर से 8 नवंबर तक, बोर्ड हर शहर में 'वक्फ डेस्क' स्थापित करेगा। यहां वकील मौजूद रहेंगे, जो वक्फ संपत्तियों के दस्तावेज की जांच करेंगे और ट्रस्टियों को कानूनी मार्गदर्शन देंगे।\r\n \r\n
- \r\n प्रशिक्षण कार्यशाला: वक्फ संपत्तियों के लिए वकीलों की एक टीम तैयार करने के लिए 29 सितंबर को दिल्ली में एक केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n वक्फ मार्च: दिल्ली में राष्ट्रपति भवन और राज्यों में राज्यपाल भवन तक 3 से 5 किलोमीटर का एक शांतिपूर्ण 'वक्फ मार्च' भी निकाला जाएगा। इसकी तारीख सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम फैसले के बाद तय होगी।\r\n \r\n
यह विरोध प्रदर्शन वक्फ संपत्तियों के भविष्य को लेकर मुस्लिम समुदाय की चिंताओं को दर्शाता है। यह देखना बाकी है कि सरकार इस बड़े पैमाने पर होने वाले विरोध पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
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