उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा, जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनती है, अब अपने समापन की ओर अग्रसर है। शीतकाल के आगमन और हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी की संभावना को देखते हुए, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने दशहरे के पावन अवसर पर चारों धामों के कपाट बंद होने की अंतिम तिथियों की घोषणा कर दी है।Read also:-क्रांति की रफ्तार: मेरठ-दिल्ली का 60 मिनट का सफर अक्टूबर से हकीकत, 'नमो भारत' और 'मेरठ मेट्रो' बदल देगी NCR की तस्वीर
\r\n\r\n\r\nइस वर्ष कब शुरू हुई थी यात्रा?
\r\nसाल 2025 की चारधाम यात्रा का भव्य शुभारंभ 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर हुआ था। इसी दिन मां गंगा के धाम गंगोत्री और मां यमुना के धाम यमुनोत्री के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। इसके बाद, द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, बाबा केदारनाथ के द्वार 2 मई को खोले गए और अंत में, भू-वैकुंठ कहलाने वाले भगवान बद्रीनारायण के कपाट 4 मई को दर्शन के लिए खोल दिए गए थे।
\r\nश्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ संख्या
\r\nयह साल चारधाम यात्रा के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। यात्रा के प्रति भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 45 लाख से अधिक तीर्थयात्री उत्तराखंड के इन पवित्र धामों में शीश नवा चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को पार कर गया है, जो इस यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता और महत्व को दर्शाता है।
\r\nजानिए कब बंद होंगे चारों धामों के कपाट
\r\nजो श्रद्धालु इस साल दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि किस धाम के कपाट किस तिथि को बंद हो रहे हैं।
\r\n * श्री गंगोत्री धाम: मां गंगा को समर्पित गंगोत्री धाम के कपाट दिवाली के अगले दिन, अन्नकूट के अवसर पर 22 अक्टूबर 2025 को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
\r\n * श्री यमुनोत्री धाम: मां यमुना के धाम यमुनोत्री के कपाट भैया दूज के पावन पर्व पर 23 अक्टूबर 2025 को बंद होंगे।
\r\n * श्री केदारनाथ धाम: बाबा केदारनाथ के कपाट भी भैया दूज के दिन, 23 अक्टूबर 2025 को विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद बाबा की पंचमुखी डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी।
\r\n * श्री बद्रीनाथ धाम: भगवान विष्णु के अवतार श्री बद्रीनारायण के विशाल मंदिर के कपाट इस यात्रा में सबसे अंत में 25 नवंबर 2025 को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर बंद किए जाएंगे।
\r\nकपाट बंद होने के बाद अगले छह महीनों तक ये सभी धाम बर्फ की सफेद चादर से ढके रहेंगे। इस दौरान इन धामों में देवी-देवताओं की शीतकालीन पूजा उनके RESPECTIVE गद्दीस्थलों जैसे ऊखीमठ, मुखबा और खरसाली में संपन्न होगी, जहाँ श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।