खबरीलाल डेस्क
उत्तर प्रदेश में कुदरत ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में जहां लोगों को लगा था कि ठंड की विदाई हो रही है, वहीं मौसम ने ऐसी करवट ली है कि पूरा प्रदेश ठिठुर गया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में दिख रहा है। शनिवार सुबह (31 जनवरी) उत्तर प्रदेश के 30 से अधिक जिले घने कोहरे (Dense Fog) की सफेद चादर में लिपटे रहे।Read also:-बड़ा फैसला: यूपी के शहरों की बदलेगी सूरत; योगी सरकार ने 'विज्ञापन नियमावली 2026' को दी मंजूरी, प्लास्टिक होर्डिंग पर लगा पूर्ण प्रतिबंध!
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हालात ये हैं कि आसमान से गिर रही ओस की बूंदें रिमझिम बारिश का अहसास करा रही हैं। इसी कोहरे ने इटावा में एक बड़े हादसे को अंजाम दिया, जहां श्रद्धालुओं से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। वहीं, मौसम विभाग (IMD) ने 1 फरवरी से नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की चेतावनी दी है, जिससे बारिश और ओले गिरने का नया दौर शुरू होगा।
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आइये, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं प्रदेश के मौसम का हर एक अपडेट, हादसे की पूरी जानकारी और आने वाले 72 घंटों का पूर्वानुमान।
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इटावा में कोहरे का कहर: श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी

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घने कोहरे ने शनिवार को सबसे बड़ा दर्दनाक जख्म इटावा जिले में दिया। यहां विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण एक भीषण सड़क हादसा हुआ।
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कैसे हुआ हादसा?

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घटना इटावा जिले के जसवंतनगर थाना क्षेत्र की है। आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर एक डबल डेकर बस फर्राटा भर रही थी। बस में करीब 45 यात्री सवार थे। यह बस मथुरा के बरसाना और चार धाम की यात्रा करके वापस लौट रही थी और इसे जालौन के उरई जाना था। सुबह के वक्त कोहरा इतना घना था कि बस चालक को डिवाइडर दिखाई नहीं दिया। मलाजनी गांव के पास बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई।
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चीख-पुकार और रेस्क्यू ऑपरेशन

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बस पलटते ही हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। हादसे में एक दर्जन (12) से ज्यादा श्रद्धालु घायल हुए हैं।
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    प्रशासन की मुस्तैदी: घटना की सूचना मिलते ही इटावा के डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल और एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव तत्काल मौके पर पहुंचे।
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    घायलों का हाल: सभी घायलों को एम्बुलेंस के जरिए जसवंतनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में कोई कोताही न बरती जाए।
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    पुलिस का बयान: एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पुष्टि की है कि हादसा घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से हुआ। बस में सवार सभी लोग धार्मिक यात्रा से लौट रहे थे।
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मौसम का 'यू-टर्न': क्यों लौटी हाड़ कंपाने वाली ठंड?

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यूपी में ठंड की वापसी के पीछे भौगोलिक और वायुमंडलीय कारण जिम्मेदार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सामान्य ठंड नहीं है, बल्कि पहाड़ों से आ रही आफत है।
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बर्फीली हवाओं का आक्रमण

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मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह बताते हैं कि पिछले दिनों एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों से गुजरा था। इसके गुजरने के बाद पहाड़ों (कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड) पर भारी बर्फबारी हुई। अब वहां से जो हवाएं मैदानी इलाकों (यूपी, दिल्ली, हरियाणा) की तरफ आ रही हैं, वे बेहद ठंडी और शुष्क (Dry) हैं। इसे 'उत्तरी-पश्चिमी हवाएं' कहा जाता है।
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    तापमान में गिरावट: इन हवाओं के चलते पिछले 48 घंटों में प्रदेश के औसत तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
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    सबसे ठंडा जिला: पिछले 24 घंटों में बुलंदशहर यूपी का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8°C रिकॉर्ड किया गया।
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कोहरे का विज्ञान

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लगातार चल रही तेज हवाओं के अचानक रुकने और वातावरण में नमी (Humidity) होने के कारण घना कोहरा छाया है। लखनऊ, कानपुर और आगरा में विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम रह गई, जिसे तकनीकी भाषा में 'जीरो विजिबिलिटी' के करीब माना जाता है।
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जनजीवन पर असर: रेंगती ट्रेनें, रद्द उड़ानें और सूनी सड़कें

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कोहरे और ठंड ने केवल इंसानों को ही नहीं, बल्कि यातायात के पहियों को भी जाम कर दिया है। सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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रेलवे: मुसाफिरों की फजीहत

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भारतीय रेलवे का टाइम टेबल पूरी तरह बिगड़ चुका है। कानपुर सेंट्रल, जो उत्तर भारत का प्रमुख रेलवे जंक्शन है, वहां ट्रेनों की कतार लग गई है।
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    लेटलतीफी: कोहरे के कारण 50 से ज्यादा ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं।
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    प्रमुख ट्रेनें:
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      हाथरस जंक्शन पर संबलपुर एक्सप्रेस 3:30 घंटे देरी से पहुंची।
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      घूमती एक्सप्रेस और नेताजी एक्सप्रेस 1.5 घंटे लेट रहीं।
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      कविगुरु एक्सप्रेस 2.5 घंटे की देरी से चल रही है।
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      चंदौसी जंक्शन पर मालगाड़ियां 8-8 घंटे लेट पहुंच रही हैं।
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हवाई सेवा: उड़ानें रद्द

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विजिबिलिटी कम होने का सीधा असर एविएशन सेक्टर पर पड़ा है। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Amausi Airport) पर शनिवार को तीन उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। कई फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा या वे देरी से उड़ान भर सकीं।
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सड़क यातायात: सन्नाटा और खौफ

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हाईवे और एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार 100 से घटकर 20-30 किमी/घंटा रह गई है। रोडवेज बस अड्डों पर सन्नाटा पसरा है क्योंकि यात्री ठंड के कारण घरों से नहीं निकल रहे। जो लोग दोपहिया वाहनों से निकल रहे हैं, उनके हाथ ठंड से सुन्न हो रहे हैं। जगह-जगह लोग अलाव तापते नजर आ रहे हैं।
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जिलेवार मौसम का विस्तृत हाल (Ground Report)

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यूपी के अलग-अलग जिलों में मौसम का मिजाज कैसा है, आइए जानते हैं ग्राउंड जीरो से:
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लखनऊ: 10 दिन बाद कोहरे का 'कमबैक'

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राजधानी लखनऊ में शनिवार (31 जनवरी) को मौसम ने अचानक पलटी मारी। 10 दिनों बाद इतना घना कोहरा देखा गया।
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    विजिबिलिटी: सुबह 10 मीटर से भी कम।
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    बारिश का सूखा: जनवरी माह में लखनऊ में सामान्यतः 14.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 8.6 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य से 39% कम है।
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    चेतावनी: मौसम विभाग ने 1 फरवरी से लखनऊ में बारिश की संभावना जताई है।
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कानपुर: कांप उठा शहर

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कानपुर में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। गलन इतनी ज्यादा है कि लोग घरों में दुबके रहे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2-3 दिनों तक कानपुर वासियों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
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आगरा: ताजमहल भी धुंधला

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ताजनगरी आगरा में बर्फीली हवाओं ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशान कर दिया है।
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    तापमान: सुबह का पारा 8°C के करीब रहा।
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    माहौल: ओस की बूंदें बारिश की तरह गिर रही हैं। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि दिन में थोड़ी धूप खिल सकती है, लेकिन शाम होते ही कोहरा फिर डेरा जमा लेगा।
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गाजियाबाद & एनसीआर: खिली नहीं धूप

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दिल्ली से सटे गाजियाबाद में सुबह का तापमान 7°C दर्ज किया गया। हवा की गति 5 किमी/घंटा है, जिससे ठंडक हड्डियों तक महसूस हो रही है। दिन का अधिकतम तापमान 19°C तक जाने का अनुमान है, लेकिन बादल छाए रहने के कारण धूप का असर बेअसर रहेगा।
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पश्चिमी यूपी (मेरठ, बिजनौर, संभल)

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    मेरठ: शुक्रवार को धूप निकली थी, लेकिन शनिवार को फिर कोहरे की मोटी चादर छा गई।
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    बिजनौर: रात के तापमान में 3.2°C की भारी गिरावट आई है। कृषि अनुसंधान केंद्र नगीना के अनुसार, न्यूनतम तापमान 5.8°C तक लुढ़क गया है।
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    संभल: यहां कोहरे के साथ प्रदूषण भी समस्या बना हुआ है। AQI 159 दर्ज किया गया है।
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किसान पर दोहरी मार: फसलों को भारी नुकसान

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मौसम की यह बेरुखी अन्नदाता (किसानों) के लिए आफत बन गई है। बेमौसम बारिश, ओले और तेज हवाओं ने रबी की फसलों को बर्बाद कर दिया है।
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गेहूं, सरसों और आलू संकट में

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कृषि विशेषज्ञ सिद्धार्थ सिंह ने फसलों को हो रहे नुकसान का आंकलन किया है:
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    गेहूं (Wheat): तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है (Lodging)। इससे दाने हल्के रह जाएंगे और कुल उत्पादन में 20% तक की कमी आ सकती है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    सरसों (Mustard): खेतों में पानी भरने से सरसों की फलियां गिर गई हैं, जिससे दाने सड़ने और फफूंद लगने का खतरा है।
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  4. \r\n
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    सब्जियां (Vegetables): जलभराव के कारण आलू और अन्य सब्जियों में 'गलन' (Rotting) की समस्या शुरू हो गई है। सब्जी उत्पादक किसानों को सबसे ज्यादा आर्थिक चोट पहुंची है।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    गन्ना: गन्ने की फसल गिरने से उसकी गुणवत्ता और वजन दोनों पर असर पड़ेगा।
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  8. \r\n
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अगले 72 घंटे का 'हाई अलर्ट': 1 से 3 फरवरी तक क्या होगा?

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मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी ठंड और बारिश का दौर खत्म नहीं हुआ है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) 1 फरवरी से यूपी के वायुमंडल को प्रभावित करेगा।
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पूर्वानुमान का कैलेंडर:

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    1 फरवरी (रविवार):
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      मौसम बदलेगा। पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है।
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      बादल छाए रहेंगे और सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ होंगे।
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    2 फरवरी (सोमवार):
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      बारिश का दायरा बढ़ेगा। कई स्थानों पर तेज हवाएं (Thunderstorms) चल सकती हैं।
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      कुछ इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी।
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    3 फरवरी (मंगलवार):
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      बारिश थम सकती है लेकिन इसके बाद कोहरा और बढ़ेगा।
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      30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली हवाएं चलेंगी, जो 'कोल्ड डे' (Cold Day) जैसी स्थिति पैदा कर सकती हैं।
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स्वास्थ्य एडवाइजरी: संभलकर रहें, लापरवाही पड़ेगी भारी

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मौसम में हो रहे इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष अलर्ट जारी किया है। जिला अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, जुकाम और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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क्या करें, क्या न करें?

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    हृदय रोगी (Heart Patients): ठंड में नसों के सिकुड़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्ग सुबह और देर शाम की सैर (Morning Walk) से बचें। धूप निकलने पर ही बाहर निकलें।
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    ड्राइविंग: कोहरे में लो-बीम पर गाड़ी चलाएं और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। इटावा हादसे से सबक लेते हुए, यदि विजिबिलिटी कम हो तो गाड़ी रोक दें।
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    खानपान: गर्म पानी, अदरक वाली चाय और गुड़ का सेवन बढ़ा दें। ठंडी चीजों से परहेज करें।
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    बच्चों का ध्यान: बच्चों को कई परतों (Layers) में कपड़े पहनाएं और कान ढककर रखें।
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अभी राहत की उम्मीद नहीं

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कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। एक तरफ जहां कोहरा हादसों का सबब बन रहा है, वहीं दूसरी तरफ बारिश और ओलावृष्टि किसानों की मेहनत पर पानी फेर रही है। प्रशासन ने रैन बसेरों और अलाव के इंतजाम पुख्ता करने के दावे किए हैं, लेकिन बर्फीली हवाओं के आगे ये इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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हमारी पाठकों से अपील है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और अनावश्यक यात्रा से बचें।