खबरीलाल डेस्क
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अब पूरी तरह से बदल चुका है। वसंत ऋतु की विदाई के तुरंत बाद, बिना किसी मोहलत के, भीषण गर्मी ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। आसमान से मानो आग बरस रही है और धरती तवे की तरह तप रही है। स्थिति यह है कि सुबह 10 बजते ही सूरज की किरणें शरीर को चुभने लगती हैं और घर से बाहर निकलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह गया है।Read also:-बिजनौर में खौफनाक वारदात: शादी का जश्न पल भर में मातम में बदला, मामूली विवाद में घर बुलाकर युवक की कनपटी पर दागी गोली, मेरठ में जिंदगी और मौत से जंग
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मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान ने लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। विभाग ने उत्तर प्रदेश, विशेषकर आगरा और उसके आसपास के जिलों के लिए अगले पांच दिनों तक 'हीट वेव' (लू) का अलर्ट जारी किया है। 21 अप्रैल से लेकर 25 अप्रैल तक पश्चिमी और मध्य यूपी में भीषण लू चलने की चेतावनी दी गई है। गर्मी के इस रौद्र रूप ने आम जनजीवन की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है और इसका सबसे ज्यादा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
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आगरा का तापमान 42.3°C के पार, 10 बजे के बाद सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा

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ताजनगरी आगरा में गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। सोमवार को आगरा का अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 23.6 डिग्री सेल्सियस के उच्च स्तर पर बना रहा। हवा में नमी की कमी और तेज गर्म हवाओं (लू) के कारण 'फील्स लाइक' (महसूस होने वाला) तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है।
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आगरा के प्रमुख बाजारों, चौराहों और व्यावसायिक क्षेत्रों में दोपहर के समय अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। जो शहर हमेशा पर्यटकों और स्थानीय लोगों की चहल-पहल से गुलजार रहता था, वहां अब लोग छांव तलाशते और गर्मी से बचते हुए नजर आ रहे हैं। रिक्शा चालक, दिहाड़ी मजदूर और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए यह मौसम जानलेवा साबित हो रहा है।
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ताजमहल की दीवानगी पर भारी पड़ी गर्मी: बेहाल होकर गिरे विदेशी और देशी पर्यटक

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सफेद संगमरमर से बना विश्व का सातवां अजूबा ताजमहल, तेज धूप में किसी भट्टी की तरह तप रहा है। ताजमहल की खूबसूरती का दीदार करने के लिए देश-विदेश से हजारों पर्यटक प्रतिदिन आगरा पहुंचते हैं, लेकिन वर्तमान में यह दीवानगी उनकी सेहत पर भारी पड़ रही है। सोमवार को ताजमहल परिसर में भीषण गर्मी और डिहाइड्रेशन के कारण कई पर्यटकों की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
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    नेपाल की पर्यटक: पड़ोसी देश नेपाल से ताजमहल घूमने आईं अनीता कुमारी और तारा कुमारी अचानक लू की चपेट में आ गईं। उन्हें ताजमहल परिसर में ही गंभीर रूप से उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई।
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    गश खाकर गिरे पर्यटक: दिल्ली से आए मुजाहिद अली इस भीषण गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाए और ताजमहल के मुख्य गुंबद के पास अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़े।
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    अन्य राज्यों के पर्यटकों का हाल: केरल से आई महिला पर्यटक शाईना को धूप के कारण तेज उल्टियां होने लगीं। वहीं, तमिलनाडु की आर वैष्णवी को परिसर में घूमते समय अचानक तेज बुखार आ गया।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और पर्यटन विभाग के कर्मचारियों ने तुरंत हरकत में आते हुए सभी बीमार पर्यटकों को ताजमहल स्थित 'पर्यटक सुविधा केंद्र' (Tourist Facilitation Centre) पहुंचाया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार, ओआरएस (ORS) और दवाइयां दी गईं।
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अस्पतालों में मची त्राहि-त्राहि: ओपीडी में मरीजों का आंकड़ा 6000 के पार

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गर्मी और लू का सबसे भयानक असर आगरा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। गर्मी जनित बीमारियों ने महामारी का रूप ले लिया है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज (SNMC) का हाल: सोमवार को एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी (OPD) में मरीजों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। एक ही दिन में 3151 मरीजों ने ओपीडी में पंजीकरण कराया। इनमें से अधिकांश मरीज गर्मी से संबंधित बीमारियों से पीड़ित थे। मरीजों में सबसे ज्यादा शिकायतें स्किन प्रॉब्लम (त्वचा रोग), उल्टी-दस्त (डायरिया), तेज बुखार, फूड पॉइजनिंग, अपच, पेट फूलने और खट्टी डकार की थीं।
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बच्चों पर सबसे ज्यादा कहर: एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव ने बताया कि इस भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा खामियाजा छोटे बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ओपीडी में आने वाले 70% बच्चों में तेज बुखार, लगातार उल्टी-दस्त और पेट दर्द की गंभीर शिकायतें मिल रही हैं। बार-बार दस्त होने की वजह से बच्चों के शरीर में पानी की भारी कमी (डिहाइड्रेशन) हो रही है, उनका गला सूख रहा है और वे अत्यधिक कमजोरी का शिकार हो रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि कई बच्चों को ओपीडी से सीधे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल का आंकड़ा: आगरा जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुनीता राठौर ने स्थिति की गंभीरता स्पष्ट करते हुए बताया कि सोमवार को उनके अस्पताल की ओपीडी में 3228 मरीजों की भीड़ उमड़ी। इनमें से अधिकतर मामले डायरिया और फूड पॉइजनिंग के थे। मंगलवार सुबह से भी अस्पताल में पैर रखने की जगह नहीं है। गर्मी के कारण अचानक बेहोश होने और गंभीर रूप से बीमार पड़ने वाले आठ मरीजों को तत्काल प्रभाव से इमरजेंसी (ICU) में भर्ती किया गया है।
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प्रशासन और स्मार्ट सिटी की पहल: पब्लिक एड्रेस सिस्टम से जागरूकता अभियान

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शहर में बढ़ती स्वास्थ्य इमरजेंसी को देखते हुए आगरा नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। लोगों को हीट वेव के खतरे से बचाने के लिए युद्धस्तर पर जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है।
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नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी टीम के डेटा ऑफिसर सौरभ अग्रवाल ने बताया कि पूरे शहर में 'पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम' और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड्स के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। शहर के प्रमुख चौराहों (जैसे भगवान टॉकीज, एमजी रोड, वाटरवर्क्स), बाजारों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर लगे स्पीकर्स के जरिए लगातार घोषणाएं की जा रही हैं। डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड्स पर भी स्वास्थ्य संबंधी सुझाव और चेतावनी संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
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प्रशासन द्वारा की जा रही मुख्य अपीलें:

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    दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक (कड़ी धूप के समय) बिना अति आवश्यक कार्य के घर से बाहर बिल्कुल न निकलें।
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  • \r\n
    यदि बाहर निकलना मजबूरी हो, तो सिर को तौलिए, गमछे, टोपी या छतरी से अच्छी तरह ढककर ही निकलें।
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    शरीर को पूरी तरह ढकने वाले, हल्के रंग के और सूती (Cotton) के ढीले कपड़े पहनें।
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    घर से निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें।
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    परिवार के सबसे संवेदनशील सदस्यों—जैसे छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार व्यक्तियों—का इस मौसम में विशेष ध्यान रखें।
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स्वास्थ्य विभाग की तैयारी: दवाइयां उपलब्ध, एडवाइजरी का इंतजार
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आगरा में हीट वेव के कहर के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई विस्तृत और आधिकारिक 'मेडिकल एडवाइजरी' जारी नहीं की गई थी, लेकिन हालात बिगड़ते देख अब तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
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आगरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि वर्तमान में पड़ रही गर्मी लोगों की सेहत के लिए अत्यंत खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे धूप में निकलने से बचें। डॉ. श्रीवास्तव ने आश्वासन दिया है कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर ओआरएस (ORS) पैकेट, आईवी फ्ल्यूड (IV Fluid - ग्लूकोज की बोतलें), और जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर लिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर 'रैपिड रिस्पॉन्स टीम' (Rapid Response Team) का गठन किया जा चुका है। जिला अस्पतालों में हीटस्ट्रोक वार्ड अलग से बनाए जा रहे हैं। अधिकारियों संग बैठक कर जल्द ही विस्तृत एडवाइजरी जारी कर दी जाएगी।
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त्वचा पर गर्मी का अटैक: चर्म रोग विशेषज्ञ की सलाह

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भीषण गर्मी केवल पेट और सिर को ही नहीं, बल्कि त्वचा को भी बुरी तरह झुलसा रही है। एसएनएमसी के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि हीट वेव के कारण सनबर्न, स्किन पर लाल दाने, भयंकर खुजली, त्वचा के काले पड़ने (Tanning) और घमोरियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। पसीने और धूल की वजह से त्वचा के रोमछिद्र (Pores) बंद हो जाते हैं, जिससे बैक्टीरियल इन्फेक्शन, चकत्ते और जलन पैदा होती है।
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डॉक्टर यतेंद्र चाहर द्वारा बताए गए स्किन केयर टिप्स:

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    शरीर को अंदर से हाइड्रेटेड रखने के लिए खूब पानी पिएं।
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    नारियल पानी और नींबू पानी का नियमित सेवन करें, यह त्वचा को निखारता है।
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    घर से बाहर निकलने से 20 मिनट पहले अच्छी गुणवत्ता वाला सनस्क्रीन (Sunscreen) चेहरे और खुले अंगों पर जरूर लगाएं।
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    हमेशा हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि पसीना आसानी से सूख सके।
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    दिन में कम से कम दो बार ठंडे पानी से स्नान करें।
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हीट वेव (लू) से बचाव के रामबाण उपाय: क्या खाएं, क्या पिएं?

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इस जानलेवा गर्मी से बचने के लिए आपकी डाइट (खानपान) सबसे बड़ा हथियार है। मेडिकल एक्सपर्ट्स ने लू से बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय सुझाए हैं:
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क्या सावधानियां बरतें:

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    तेज धूप और लू में घर से बाहर निकलने से सख्त परहेज करें।
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    कड़ी धूप में भारी शारीरिक श्रम (जैसे व्यायाम या मजदूरी) करने से बचें।
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    सबसे महत्वपूर्ण: तेज धूप के समय बच्चों या पालतू जानवरों को कभी भी बंद या पार्क किए गए वाहन (कार) में अकेला न छोड़ें। कार के अंदर का तापमान कुछ ही मिनटों में जानलेवा स्तर तक पहुंच सकता है।
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डाइट में क्या शामिल करें:

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    हमेशा पौष्टिक आहार और पेय पदार्थ साथ लेकर घर से निकलें।
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    गरिष्ठ और मसालेदार भोजन के बजाय हल्का और सुपाच्य भोजन करें। खाने के साथ कच्ची प्याज का सेवन जरूर करें, यह लू से बचाती है।
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    उत्तर प्रदेश के पारंपरिक पेय 'सत्तू' और ताजे दही का अपनी डाइट में प्रचुर मात्रा में सेवन करें।
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    पानी के अलावा तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं—छाछ, नींबू पानी, आम पन्ना, गन्ने का रस, और बेल का शर्बत (Bel Juice) अमृत के समान हैं।
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    मौसमी पानी वाले फलों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं—तरबूज, ककड़ी, खरबूजा, और खीरा दिन के समय खूब खाएं।
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उत्तर प्रदेश और विशेषकर आगरा में पड़ रही यह गर्मी कोई सामान्य गर्मी नहीं है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन और हीट वेव का एक गंभीर अलर्ट है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारियां कर रहे हैं, लेकिन बचाव की प्राथमिक जिम्मेदारी हमारी अपनी है। सतर्क रहें, हाइड्रेटेड रहें और इस चिलचिलाती धूप में खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।