लखनऊ (खबरीलाल विशेष संवाददाता): उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए उमस भरी इस गर्मी के बीच एक बेहद ठंडी और राहत भरी खबर सामने आई है। महंगाई के इस दौर में जहां हर तरफ खर्चों का बोझ बढ़ रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने प्रदेश की जनता को बिजली बिलों में बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। अगस्त के महीने में आपके घर आने वाला बिजली का बिल पिछले महीनों के मुकाबले कम होकर आएगा।READ ALSO:-देशभर में मूसलाधार बारिश का तांडव: 16 राज्यों में भारी अलर्ट, केदारनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन ठप, असम से गुजरात तक तबाही का मंज़र
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यूपीपीसीएल ने ईंधन एवं बिजली खरीद लागत समायोजन (FPPCA - Fuel and Power Purchase Cost Adjustment) के तहत मई माह के फ्यूल सरचार्ज में आई कमी का सीधा लाभ उपभोक्ताओं के खाते में डालने का आदेश जारी कर दिया है। 'खबरीलाल न्यूज़ नेटवर्क' की इस विस्तृत रिपोर्ट में आइए समझते हैं कि आपके बिल में कितनी कटौती होगी और इसके पीछे का पूरा गणित क्या है।
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अगस्त के बिल में 2.92 प्रतिशत की सीधी कटौती
\r\n\r\nयूपीपीसीएल प्रबंधन द्वारा जारी किए गए ताजा आदेश के अनुसार, अगस्त महीने में जारी होने वाले बिजली बिलों में उपभोक्ताओं को 2.92 प्रतिशत की कमी (Reduction) देखने को मिलेगी। इस फैसले का सीधा असर उत्तर प्रदेश के उन सभी शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं।
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आंकड़ों के मुताबिक, इस फैसले से पूरे प्रदेश के लगभग 3.73 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचने वाला है। यदि इसे आर्थिक नजरिए से देखा जाए, तो यूपीपीसीएल द्वारा दी जा रही इस छूट से उपभोक्ताओं की जेब से कुल 221.14 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि बचेगी, जो सीधे तौर पर जनता के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत है।
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उपभोक्ताओं के लिए राहत का यह लगातार दूसरा महीना
\r\n\r\nखास बात यह है कि उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को यह राहत कोई पहली बार नहीं मिल रही है, बल्कि यह लगातार दूसरा महीना है जब बिजली बिल कम होकर आ रहा है।
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याद दिला दें कि जून महीने में यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं से 10 प्रतिशत अतिरिक्त ईंधन अधिभार (Fuel Surcharge) वसूला था, जिससे बिलों में अचानक उछाल आ गया था और जनता में रोष था। लेकिन इसके बाद स्थितियों में सुधार हुआ।
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- \r\n जुलाई की राहत: पिछले महीने यानी जुलाई में भी उपभोक्ताओं को बिलों में 4.43 प्रतिशत की राहत (कटौती) दी गई थी।\r\n \r\n
- \r\n अगस्त का तोहफा: अब जुलाई के बाद अगस्त महीने के बिल में भी 2.92 प्रतिशत की यह नई कटौती लागू कर दी गई है।\r\n \r\n
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विद्युत नियामक आयोग की सख्ती के बाद पलटा UPPCL का फैसला
\r\n\r\nउपभोक्ताओं को मिल रही इस राहत के पीछे उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UP Electricity Regulatory Commission) का एक बेहद कड़ा रुख और हस्तक्षेप शामिल है।
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क्या था पूरा मामला? दरअसल, यूपीपीसीएल प्रबंधन ने जून महीने में उपभोक्ताओं से पुराने भुगतानों और अन्य खर्चों को भी ईंधन अधिभार (FPPCA) के साथ जोड़कर 10-10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि वसूलने का मनमाना निर्णय लिया था। जून में यह अतिरिक्त वसूली की गई और विभाग की योजना थी कि जुलाई में भी इसी व्यवस्था (10% अतिरिक्त सरचार्ज) को लागू रखा जाए।
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लेकिन, जैसे ही यह मामला विद्युत नियामक आयोग के संज्ञान में आया, आयोग ने इस पर सख्त ऐतराज जताया। आयोग ने यूपीपीसीएल को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि FPPCA (फ्यूल सरचार्ज) की गणना केवल और केवल 'वास्तविक बिजली खरीद लागत' और 'ट्रांसमिशन शुल्क' के आधार पर ही की जा सकती है।
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आयोग ने साफ आदेश दिया कि विभाग अपने पुराने घाटे, पुराने भुगतान या अन्य किसी भी मद के खर्च को फ्यूल सरचार्ज में शामिल करके जनता से नहीं वसूल सकता। आयोग की इसी सख्ती का नतीजा है कि यूपीपीसीएल को अपने कदम पीछे खींचने पड़े और अंततः जुलाई (4.43%) और अगस्त (2.92%) में उपभोक्ताओं को राहत देनी पड़ी।
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सस्ती बिजली खरीद का मिला सीधा लाभ (समझें पूरा गणित)
\r\n\r\nअब सवाल यह उठता है कि आखिर यह सरचार्ज कम कैसे हुआ? दरअसल, हर महीने बिजली विभाग विभिन्न स्रोतों (पावर प्लांट्स) से बिजली खरीदता है, जिसकी लागत घटती-बढ़ती रहती है।
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- \r\n अनुमानित लागत: टैरिफ आदेश के अनुसार, मई महीने के लिए नियामक आयोग ने बिजली खरीद की अनुमानित लागत 4.94 रुपए प्रति यूनिट तय की थी।\r\n \r\n
- \r\n वास्तविक लागत: लेकिन जब मई महीने में बिजली खरीदी गई, तो कोयले और अन्य ईंधनों की कीमतों में स्थिरता के कारण बिजली खरीद की वास्तविक लागत मात्र 4.73 रुपए प्रति यूनिट ही आई।\r\n \r\n
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यानी विभाग को अनुमान से 21 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिली। इसी सस्ती बिजली खरीद के कारण फ्यूल सरचार्ज (FPPCA) में कमी आई, और नियमानुसार इस बचत का लाभ सीधे प्रदेश के 3.73 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में ट्रांसफर कर दिया गया।
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उपभोक्ता परिषद रखेगा कड़ी नजर
\r\n\r\nइस फैसले का स्वागत करते हुए राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा कि यह उपभोक्ताओं की बड़ी जीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिषद FPPCA की गणना प्रक्रिया और यूपीपीसीएल के हर कदम पर लगातार नजर रखेगी। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिजली खरीद लागत में जब भी कोई कमी आए, तो उसका पूरा-पूरा लाभ बिना किसी देरी के और पूरी पारदर्शिता के साथ प्रदेश की जनता (उपभोक्ताओं) तक पहुंचे।
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खबरीलाल की जनता से अपील
\r\n\r\nअगर आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, तो अगस्त महीने का अपना बिजली बिल आते ही उसकी जांच जरूर करें। बिल के विवरण (Bill Details) में देखें कि आपको 'ईंधन सरचार्ज' या 'FPPCA' के तहत 2.92 प्रतिशत की छूट मिली है या नहीं। यदि बिल में कोई विसंगति नजर आती है, तो आप 1912 (विद्युत हेल्पलाइन) पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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(उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था, सरकारी नीतियों और आपकी जेब से जुड़ी हर प्रामाणिक खबर के लिए लगातार पढ़ते रहें 'खबरीलाल न्यूज़ नेटवर्क')