लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बड़े बदलाव की पटकथा लिखी जा चुकी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रदेश संगठन की कमान अब एक अनुभवी और ओबीसी चेहरे को सौंपने का फैसला कर लिया है। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और महराजगंज से सांसद Pankaj Chaudhary UP BJP President बनने की रेस में सबसे आगे निकल गए हैं।READ ALSO:-बुलंदशहर: कोहरे की 'सफेद चादर' ने हाईवे पर बरपाया कहर, गाजियाबाद-अलीगढ़ मार्ग पर एक के बाद एक टकराए 10 वाहन; मची चीख-पुकार
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शनिवार को लखनऊ में उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। खास बात यह है कि उनके अलावा किसी अन्य नेता ने पर्चा नहीं भरा है, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। औपचारिक ऐलान बस कुछ ही समय की बात है।
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नामांकन में दिखी एकजुटता, निर्विरोध निर्वाचन तय
\r\n\r\nशनिवार को जब पंकज चौधरी नामांकन दाखिल करने पहुंचे, तो बीजेपी ने पूरी एकजुटता का संदेश दिया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath), डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मौजूद रहे।
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पार्टी के चुनाव अधिकारी और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी हुई। चूंकि नामांकन पत्र दाखिल करने का समय समाप्त हो चुका है और केवल पंकज चौधरी का ही नामांकन आया है, इसलिए 14 दिसंबर (रविवार) को होने वाली वोटिंग की अब कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। उनका निर्विरोध निर्वाचन लगभग पक्का है।
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पंकज चौधरी ही क्यों? साधने हैं ओबीसी समीकरण
\r\n\r\nबीजेपी ने Pankaj Chaudhary UP BJP President के रूप में चुनकर एक तीर से कई निशाने साधे हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को उत्तर प्रदेश में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले थे। पार्टी के इंटरनल असेसमेंट (Internal Assessment) के मुताबिक, ओबीसी वोट बैंक पार्टी से छिटक गया था।
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आंकड़े बताते हैं कि:
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- \r\n 2019 के मुकाबले 2024 में कुर्मी और कोइरी वोट बैंक बीजेपी के पक्ष में 80% से घटकर 61% रह गया।\r\n \r\n
- \r\n अन्य ओबीसी (Other OBC) वोट भी 74% से गिरकर 59% पर आ गया।\r\n \r\n
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समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' (PDA - पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट निकालने के लिए बीजेपी को एक मजबूत ओबीसी चेहरे की तलाश थी। पंकज चौधरी कुर्मी समाज से आते हैं और पूर्वांचल में उनकी अच्छी पकड़ है। ऐसे में पार्टी उन्हें कमान सौंपकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने कोर वोट बैंक को वापस जोड़ना चाहती है।
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पार्षद से केंद्रीय मंत्री तक का सफर
\r\n\r\nपंकज चौधरी का राजनीतिक सफर काफी लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। वह महराजगंज लोकसभा सीट से 7वीं बार सांसद हैं। उनकी राजनीति की शुरुआत गोरखपुर नगर निगम के पार्षद चुनाव से हुई थी, जिसके बाद वे डिप्टी मेयर भी रहे। 1991 में वह पहली बार सांसद बने।
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संगठन और सरकार दोनों का अनुभव होने के कारण वे कार्यकर्ताओं और आलाकमान के बीच बेहतर समन्वय बना सकते हैं। उनकी छवि एक गंभीर और जमीनी नेता की रही है, जो विवादों से दूर रहकर काम करने में विश्वास रखते हैं।
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योगी और पंकज: गोरखपुर क्षेत्र का शक्ति संतुलन
\r\n\r\nराजनीतिक गलियारों में Pankaj Chaudhary UP BJP President बनने को शक्ति संतुलन (Power Balance) के तौर पर भी देखा जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी दोनों ही गोरखपुर क्षेत्र से आते हैं। स्थानीय राजनीति में शुरुआत से ही दोनों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रही है।
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विश्लेषकों का मानना है कि पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य में एक पैरेलल लीडरशिप तैयार करने की कोशिश की है जो सीएम योगी के साथ मिलकर, लेकिन स्वतंत्र रूप से संगठन को चला सके। पंकज चौधरी को दिल्ली आलाकमान का भरोसेमंद माना जाता है।
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रविवार को होगा भव्य स्वागत
\r\n\r\nसूत्रों के मुताबिक, रविवार 14 दिसंबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नए अध्यक्ष के स्वागत के लिए एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। नामांकन से पहले पंकज चौधरी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी और केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान के साथ मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि पिछले रविवार को ही संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए तैयार रहने को कह दिया था।
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उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 2027 के महासंग्राम की तैयारी शुरू कर दी है। Pankaj Chaudhary UP BJP President बनकर संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम करेंगे। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पिछड़ी जातियों को लामबंद करना और कार्यकर्ताओं के मनोबल को ऊंचा उठाना होगी। देखना दिलचस्प होगा कि उनका अनुभव और जातीय समीकरण पार्टी को आने वाले चुनावों में कितना फायदा पहुंचा पाता है।