खबरीलाल डेस्क
लखनऊ (UP Breaking News): उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे रसूखदार 'यादव परिवार' पर बुधवार सुबह एक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के संस्थापक और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव (Prateek Yadav) का बुधवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया।READ ALS:-मेरठ में मानवता की शानदार मिसाल: बेगमपुल व्यापार संघ ने लगाया सेहत का 'महाकुंभ', फ्री मेडिकल कैंप में उमड़े शहरवासी
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प्रतीक यादव की उम्र और फिटनेस को देखते हुए उनके अचानक निधन की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। घटना की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रतीक के सौतेले भाई अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) तुरंत अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से पूरी जानकारी ली। दिनभर चले कयासों और रहस्य के बीच, अब प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम (Post Mortem) रिपोर्ट आधिकारिक तौर पर सामने आ गई है। इस रिपोर्ट ने मौत के कारणों को स्पष्ट तो किया है, लेकिन कुछ अनसुलझे सवालों को भी जन्म दिया है। आइए, इस पूरी घटना और मेडिकल रिपोर्ट की बारीकियों पर विस्तार से नजर डालते हैं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बड़ा खुलासा: कैसे रुकीं सांसें?

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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक यादव की मौत की मुख्य वजह 'कार्डियक अरेस्ट' (Cardiac Arrest) यानी अचानक हृदय गति का रुक जाना है।
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रिपोर्ट में मेडिकल कारणों को स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि प्रतीक के शरीर में खून का एक बड़ा थक्का (Blood Clot) जम गया था। यह खून का थक्का उनके शरीर के निचले हिस्से से खिसक कर ऊपरी हिस्से की ओर चला गया। मेडिकल विज्ञान की भाषा में इस गंभीर स्थिति को 'मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म' (Massive Pulmonary Thromboembolism) कहा जाता है। इस थक्के के कारण उनकी धमनियों और फेफड़ों (Lungs) में भयंकर इंफेक्शन फैल गया। फेफड़ों में थक्का फंसने से हृदय तक रक्त और ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और उनका निधन हो गया।
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क्यों सुरक्षित रखा गया विसरा और हार्ट?

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हालांकि रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट को मौत का कारण माना गया है, लेकिन किसी भी प्रकार के संदेह को जड़ से खत्म करने के लिए डॉक्टरों ने एहतियाती कदम उठाए हैं।
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मौत की 100% सटीक वजह जानने और किसी भी बाहरी तत्व (जैसे जहर आदि) की आशंका की जांच के लिए डॉक्टरों ने प्रतीक यादव का विसरा (Viscera) सुरक्षित रख लिया है। इसके साथ ही, उनके पूरे हृदय (Heart) और फेफड़ों के थ्रोम्बोएम्बोलिक पदार्थ को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच (सूक्ष्म जांच) के लिए 'फॉर्मेलिन' में सुरक्षित रखा गया है। विसरा को रासायनिक विश्लेषण के लिए सुरक्षित रखकर संबंधित अधिकारी को विसरा नं. 752/2026 के तहत सौंप दिया गया है।
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रहस्य: शरीर पर मिले चोट के 6 निशान

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इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू वे 6 चोटें हैं, जो प्रतीक के शरीर पर पाई गई हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर दर्ज है कि ये सभी चोटें 'एंटीमॉर्टम' (Antemortem) यानी मृत्यु से पहले की हैं। इन चोटों का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
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    छाती पर चोट: दाहिने निप्पल के ठीक नीचे और मध्य रेखा से 6 सेमी बगल में 14 सेमी x 07 सेमी आकार की नील है। यह बीच में लाल-भूरे और किनारों पर हरे-पीले रंग की है, जिसके नीचे खून जमा (इकाइमोसिस) है।
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    दाहिने हाथ पर: दाहिने बगल के ठीक नीचे, हाथ के पीछे-भीतरी हिस्से पर 19 सेमी x 12 सेमी आकार की नील। यहां भी खून जमा है।
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    कलाई से कोहनी तक: दाहिने हाथ की कलाई के भीतरी हिस्से पर कोहनी तक 24 सेमी x 08 सेमी आकार की बड़ी नील।
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    कोहनी के नीचे: दाहिनी कोहनी के जोड़ से 15 सेमी नीचे कलाई के भीतरी हिस्से पर 6 सेमी x 04 सेमी आकार की लाल नील।
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    कोहनी के बाहरी हिस्से पर: दाहिनी कोहनी के जोड़ के पीछे-बाहरी हिस्से पर 12 सेमी x 06 सेमी आकार की लाल नील।
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    बायीं कलाई पर: बायीं कलाई के ऊपरी हिस्से पर 03 सेमी x 02 सेमी आकार की लाल रंग की नील।
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चोट का समय: मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर पर मौजूद चोट नंबर 1, 2 और 3 लगभग 5 से 7 दिन पुरानी हैं। वहीं, चोट नंबर 4, 5 और 6 घटना से लगभग एक दिन पुरानी प्रतीत होती हैं। राहत की बात यह है कि रिपोर्ट में शरीर पर किसी संघर्ष (हाथापाई) के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
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जिम पार्टनर का दावा: 'बेडरूम में गिर गए थे प्रतीक'

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इन चोटों के रहस्य को सुलझाने में प्रतीक यादव के जिम पार्टनर स्वप्नेश पांडेय का बयान काफी अहम माना जा रहा है। स्वप्नेश ने दावा किया है कि मंगलवार देर रात प्रतीक यादव अपने बेडरूम में अचानक संतुलन खोकर गिर गए थे। माना जा रहा है कि गिरने की वजह से ही उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताजी चोटें आईं। गिरने के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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3 डॉक्टरों के पैनल ने की वीडियोग्राफी के साथ जांच

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इस अति-संवेदनशील मामले में कोई चूक न हो, इसके लिए KGMU के तीन शीर्ष डॉक्टरों का एक पैनल बनाया गया था। डॉ. मौसमी सिंह के नेतृत्व में फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार रायपुरिया और डॉ. फातिमा हर्षा ने यह पोस्टमार्टम किया। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और मौत के कारणों की पुष्टि के लिए चेस्ट का एक्स-रे भी लिया गया।
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राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा: सीएम योगी भी पहुंचे

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प्रतीक यादव के निधन से यादव परिवार गहरे सदमे में है। उनकी पत्नी और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव (Aparna Yadav) का रो-रोकर बुरा हाल है। सुबह से ही उनके आवास पर परिवार के सदस्यों का तांता लगा हुआ है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, भाभी डिंपल यादव, चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव और चाचा शिवपाल यादव दुःख की इस घड़ी में परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।
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राजनीतिक दूरियों को मिटाते हुए, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) सहित भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी अपर्णा यादव को ढांढस बंधाने उनके आवास पर पहुंचे।
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पिपरा घाट पर होगा अंतिम संस्कार

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर 12:30 बजे लखनऊ के पिपरा घाट पर किया जाएगा। अंतिम यात्रा के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। फिलहाल, सभी को अब उस विसरा रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही मौत की इस पूरी गुत्थी पर से पूरी तरह पर्दा उठ सकेगा।