खबरीलाल डेस्क
श्रावण मास (सावन) शुरू होते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर मेरठ और आसपास के जिलों में शिवभक्त कांवड़ियों का सैलाब उमड़ने लगता है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले लाखों कांवड़िए मेरठ के हाईवे और मुख्य मार्गों से होकर गुजरते हैं। कांवड़ियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए मेरठ जिला प्रशासन ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
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​यात्रियों की सुरक्षा और शहर को भयंकर जाम से बचाने के लिए मेरठ के सबसे व्यस्त भैंसाली बस अड्डे (Bhaisali Bus Stand) से होने वाले बसों के संचालन को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। कांवड़ यात्रा संपन्न होने तक इस अड्डे की सभी बसें अब गढ़ रोड स्थित सोहराब गेट बस अड्डे (Sohrab Gate Bus Stand) से संचालित की जाएंगी।
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​खबरीलाल की टीम ने ग्राउंड जीरो से इस पूरे बदलाव का जायजा लिया है, ताकि आपको यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस बदलाव का आपकी रोजमर्रा की यात्रा पर क्या असर पड़ने वाला है।
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​रातों-रात खाली कराया गया भैंसाली बस अड्डा

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​बुधवार रात को परिवहन विभाग और पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों के निर्देश के बाद भैंसाली बस अड्डे पर अचानक हलचल बढ़ गई। आधी रात के बाद से ही अड्डे को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। भैंसाली डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) जीएस शर्मा के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन के चलते भारी वाहनों का शहर के अंदर प्रवेश पूरी तरह से वर्जित रहता है।
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​बुधवार रात में ही भैंसाली अड्डे पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट किया गया। डिपो में मौजूद सभी बस चालकों (Drivers) और परिचालकों (Conductors) को सख्त हिदायत दी गई कि वे अपनी बसें तुरंत सोहराब गेट बस अड्डे की ओर ले जाएं और अगली सूचना तक वहीं से अपनी सेवाएं दें। जो बसें देर रात अलग-अलग शहरों से मेरठ लौट रही थीं, उनके स्टाफ को जानकारी देने के लिए निगम के विशेष कर्मचारियों की ड्यूटी भैंसाली अड्डे पर लगाई गई थी।
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​आपको बता दें कि सामान्य दिनों में भैंसाली बस अड्डे से 24 घंटे के भीतर लगभग 1500 बसों का आवागमन होता है। यह मेरठ का सबसे प्रमुख बस अड्डा है। वहीं, सोहराब गेट बस अड्डे से अमूमन करीब 700 बसों का संचालन होता है। अब भैंसाली का पूरा लोड सोहराब गेट पर आ जाने से वहां भी अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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​किस शहर जाने के लिए कहां से मिलेगी बस? (रूट गाइडलाइंस)

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​इस शिफ्टिंग के बाद यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन्हें अपने गंतव्य तक जाने के लिए बस कहां से पकड़नी होगी। खबरीलाल न्यूज़ आपके लिए पूरी सूची लेकर आया है:
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1. सोहराब गेट बस अड्डे से चलने वाले प्रमुख रूट:

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​अगर आप पश्चिमी यूपी और एनसीआर (NCR) के इन प्रमुख शहरों की ओर यात्रा कर रहे हैं, तो आपको सीधे गढ़ रोड स्थित सोहराब गेट बस अड्डे जाना होगा:
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    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR): नई दिल्ली (ISBT), आनंद विहार, कौशांबी, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा)।
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    पश्चिमी उत्तर प्रदेश: मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, रुड़की।
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    रुहेलखंड और आसपास: बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा और बरेली।
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​2. दिल्ली-देहरादून बाईपास (अस्थाई बस स्टैंड) से चलने वाले रूट:

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​बागपत जिले और आसपास के ग्रामीण इलाकों में जाने वाले यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। शहर के अंदर से बसें नहीं गुजरेंगी।
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    बागपत, बड़ौत और बालैनी रूट की सभी रोडवेज बसों का संचालन पुलिस-प्रशासन द्वारा दिल्ली-देहरादून बाईपास (NH-58) पर बनाए गए अस्थाई बस अड्डों से ही किया जाएगा। यात्रियों को ई-रिक्शा या ऑटो के माध्यम से पहले बाईपास तक पहुंचना होगा।
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कैंट, कंकरखेड़ा और दिल्ली रोड के निवासियों के लिए बढ़ेगी परेशानी

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​इस नए ट्रैफिक प्लान और बस अड्डों की शिफ्टिंग का सबसे ज्यादा खामियाजा मेरठ कैंट (Cantt), कंकरखेड़ा और दिल्ली रोड क्षेत्र के निवासियों को भुगतना पड़ेगा।
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क्या है मुख्य समस्या?

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पहले इन इलाकों में रहने वाले नौकरीपेशा लोग, छात्र और व्यापारी आसानी से कुछ ही मिनटों का सफर तय करके भैंसाली बस अड्डे पहुंच जाते थे। यहां से उन्हें दिल्ली, गाजियाबाद या सहारनपुर जाने के लिए तुरंत बस मिल जाती थी। लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान, शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश बंद होने के कारण उन्हें अब विपरीत दिशा में गढ़ रोड स्थित सोहराब गेट बस अड्डा जाना पड़ेगा।
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​शहर के अंदर भी कांवड़ यात्रियों की भीड़ के कारण कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है और वैकल्पिक मार्ग (Diversion Routes) लागू किए गए हैं। इसके चलते इन इलाकों के लोगों को सोहराब गेट पहुंचने के लिए न केवल अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, बल्कि ई-रिक्शा या ऑटो का किराया भी ज्यादा देना पड़ेगा और समय भी अधिक लगेगा।
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​यात्रियों की सुविधा के लिए 24 घंटे खुला है पूछताछ केंद्र

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​परिवहन विभाग को इस बात का पूरा अंदाजा है कि ग्रामीण इलाकों या दूर-दराज से आने वाले कई यात्रियों को बस अड्डा शिफ्ट होने की जानकारी समय पर नहीं मिल पाएगी। ऐसे यात्री अगर अपना सामान लेकर भैंसाली बस अड्डे पहुंच जाते हैं, तो उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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​सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक जीएस शर्मा ने स्पष्ट किया है कि:

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    ​भैंसाली बस अड्डे पर मौजूद पूछताछ कक्ष (Inquiry Room) पहले की तरह ही काम करता रहेगा।
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    ​यहां 24 घंटे परिवहन निगम के कर्मचारियों की शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है।
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    ​जो भी यात्री भूलवश भैंसाली पहुंचेंगे, कर्मचारी उन्हें कांवड़ यात्रा डायवर्जन की सही जानकारी देंगे और सोहराब गेट या बाईपास तक पहुंचने का सबसे आसान और सुगम रास्ता बताएंगे।
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कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ प्रशासन की अन्य तैयारियां

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​मेरठ उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, क्योंकि यहां ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर (Augharnath Temple) स्थित है, जहां शिवरात्रि के दिन लाखों कांवड़िए जलाभिषेक करते हैं। प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं:
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    सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी: पूरे कांवड़ मार्ग (NH-58) और शहर के प्रमुख चौराहों को हाई-डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है।
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    कांवड़ शिविर: कांवड़ियों के विश्राम और भोजन के लिए जगह-जगह विशाल शिविर लगाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें एंबुलेंस के साथ 24 घंटे तैनात हैं।
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    हेवी ट्रैफिक पर पूर्ण रोक: शहर के अंदर किसी भी प्रकार के भारी व्यावसायिक वाहनों की एंट्री पूरी तरह से बैन कर दी गई है।
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खबरीलाल की अपील (Travel Advisory)

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​कांवड़ यात्रा आस्था और श्रद्धा का महापर्व है। इस दौरान शहर का ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह से बदल जाता है। खबरीलाल अपने सभी पाठकों से यह अपील करता है कि अगले कुछ दिनों तक जब तक कांवड़ यात्रा संपन्न नहीं हो जाती, अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं।
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​घर से निकलने से पहले पुलिस की नई ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर पढ़ें। अगर आप मेरठ से बाहर यात्रा कर रहे हैं, तो आम दिनों की तुलना में कम से कम एक घंटा अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें ताकि आप अपनी बस या ट्रेन समय पर पकड़ सकें। मेरठ, बिजनौर और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कांवड़ यात्रा और रूट डायवर्जन से जुड़ी हर पल की सटीक खबर के लिए पढ़ते रहें खबरीलाल न्यूज़