बेमौसम बारिश, भयंकर आंधी और ओलावृष्टि ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। जहां एक तरफ प्राकृतिक आपदा ने 15 लोगों की जान ले ली है, वहीं दूसरी तरफ खेतों में लहलहाती फसलें पल भर में खाक हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए 24 घंटे के भीतर प्रभावितों को मुआवजा देने को कहा है। इस बीच मौसम विभाग ने 7 अप्रैल से फिर से मौसम बिगड़ने की चेतावनी जारी कर दी है।READ ALSO:-बिजनौर पुलिस का 'एक्शन मोड': 24 घंटे में शेरकोट पुलिस ने सुलझाई चोरी की गुत्थी, माल समेत शातिर चोर गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश के लिए पिछले 72 घंटे किसी भयानक दुःस्वप्न से कम नहीं रहे हैं। चैत्र के महीने में जब किसान अपनी पकी हुई गेहूं की फसल को घर लाने की तैयारी कर रहे थे, तब आसमान से मौत और बर्बादी बरस पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के अचानक सक्रिय होने के कारण राज्य के मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। शनिवार शाम से शुरू हुआ विनाशकारी बारिश और आंधी का सिलसिला रविवार को भी अनवरत जारी रहा। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं ने काशी, गोंडा, सुल्तानपुर, और कानपुर समेत 11 से अधिक जिलों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।
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आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 15 लोगों की गई जान: जिलों का हाल
\r\n\r\nप्रकृति के इस कहर ने सबसे ज्यादा नुकसान मानवीय जानों का किया है। पिछले 72 घंटों के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 15 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। मौत का यह तांडव आकाशीय बिजली गिरने, पेड़ उखड़ने और मकान ढहने के कारण हुआ है।
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- \r\n कानपुर में सबसे ज्यादा तबाही: कानपुर जिले में आंधी-बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में सर्वाधिक 4 लोगों की मौत हुई है। यहाँ आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि 200 से ज्यादा पुराने पेड़ और बिजली के पोल जड़ से उखड़ गए। एक अत्यंत हृदय विदारक घटना में, सड़क से गुजर रहे एक चलते ऑटो पर विशालकाय बरगद का पेड़ गिर पड़ा, जिससे ऑटो ड्राइवर और उसमें बैठी 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।\r\n \r\n
- \r\n सीतापुर में आग का कहर: सीतापुर जिले में आकाशीय बिजली मौत बनकर गिरी। बिजली गिरने से एक रिहायशी मकान में भीषण आग लग गई, जिसमें फंसकर एक माँ और उसकी बेटी की जिंदा जलकर बेहद दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ कुल 3 लोगों की जान गई है।\r\n \r\n
- \r\n अन्य जिलों में मौत के आंकड़े: इसके अलावा धार्मिक नगरी वाराणसी, बुंदेलखंड के चित्रकूट, तराई क्षेत्र के सिद्धार्थनगर और ललितपुर में 2-2 लोगों की अकाल मृत्यु हुई है।\r\n \r\n
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अन्नदाता पर कुदरत की मार: "मर गए… पूरी फसल बर्बाद हो गई"
\r\n\r\nमानवीय क्षति के साथ-साथ इस बेमौसम बरसात ने उत्तर प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़ दी है। दिन के समय कानपुर, मथुरा, संभल, फर्रुखाबाद और हाथरस में भारी ओलावृष्टि हुई। जालौन जिले की स्थिति तो और भी भयावह रही, जहाँ 24 घंटे के भीतर दो बार ओलों की बारिश हुई। ओलावृष्टि इतनी भयंकर थी कि सड़कों और खेतों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई, मानो यह कोई पहाड़ी इलाका हो।
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जालौन के 50 से अधिक गांवों में फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। गेहूं और सरसों की जो फसलें कटने के लिए बिल्कुल तैयार खड़ी थीं, वे अब खेतों में बिछ गई हैं। एक बेबस और लाचार किसान अपनी बर्बाद फसल को देखकर खेत की मेड़ पर ही सिर पकड़कर बैठ गया और रुंधे गले से बोला, “मर गए… हमारी तो पूरी फसल ही बर्बाद हो गई। अब कुछ नहीं बचा। साल भर का राशन चला गया, अब हम बच्चों को क्या खिलाएंगे और कैसे जिएंगे।” * संभल और फर्रुखाबाद का हाल: संभल की चंदौसी तहसील के 8 गांवों में रविवार दोपहर 12 बजे तेज बारिश के साथ इतने ओले गिरे कि खेतों में काटने के लिए तैयार गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। वहीं, फर्रुखाबाद शहर के अलावा नवाबगंज, अमृतपुर और कायमगंज में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और ओले गिरे, जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता की गहरी लकीरें खिंच गई हैं।
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- \r\n मथुरा में बेमौसम बरसात: कान्हा की नगरी मथुरा में रविवार तड़के 4 बजे से ही तेज बारिश शुरू हो गई और गोवर्धन के गांठोली गांव में भारी ओलावृष्टि हुई।\r\n \r\n
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भयावह हादसे: नहर में गिरी बोलेरो, ढही मकान की दीवार
\r\n\r\nबारिश और तूफान के कारण कई दर्दनाक हादसे भी हुए हैं, जिन्होंने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
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- \r\n सिद्धार्थनगर का दर्दनाक हादसा: बारिश और तेज आंधी के बीच विजिबिलिटी कम होने के कारण एक अनियंत्रित बोलेरो सीधे नहर में जा गिरी। इस भयानक हादसे में संतकबीरनगर की रहने वाली 34 वर्षीय महिला सोनी और उसके महज 5 महीने के मासूम बेटे प्रियांशु की डूबने से मौत हो गई। गाड़ी में सवार 7 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।\r\n \r\n
- \r\n हरदोई में ढहा मकान: शनिवार रात देहात कोतवाली क्षेत्र के महुईपुरी गांव में आंधी-बारिश के दौरान राजेश नामक ग्रामीण के मकान की दूसरी मंजिल की दीवार छप्पर समेत भरभराकर नीचे गिर गई। मलबे में दबकर सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें एंबुलेंस की मदद से तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया।\r\n \r\n
- \r\n ललितपुर में आकाशीय बिजली का कहर: तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कडेसरा बांसी में शनिवार रात खेत में भूसा भर रहे दो किसानों पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। एक किसान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा बुरी तरह झुलस गया, जिसे नाजुक हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।\r\n \r\n
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सीएम योगी का सख्त एक्शन: "लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 24 घंटे में मिले मुआवजा"
\r\n\r\nप्राकृतिक आपदा से मची इस त्राहि-त्राहि को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से कड़े निर्देश जारी किए हैं। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से किसानों और आम जनता के साथ खड़ी है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों (DMs) को निर्देश दिया है कि वे आपदा प्रबंधन टीमों के साथ तुरंत ग्राउंड जीरो पर उतरें और नुकसान का सटीक आकलन करें। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा, "बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को जो नुकसान हो रहा है, उसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें और यह सुनिश्चित करें कि आपदा का असर किसानों पर कम से कम पड़े। जिन परिवारों में जान-माल या पशुओं का नुकसान हुआ है, या कोई घायल हुआ है, उन्हें 24 घंटे के भीतर सरकारी खजाने से मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए।"
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मौसम का ताजा पूर्वानुमान: पश्चिमी यूपी (मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद) के लिए विशेष अलर्ट
\r\n\r\nलखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह ने मौसम के इस अचानक बदलाव के पीछे की वजह स्पष्ट की है। उनके अनुसार, एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण ही पूरे राज्य में यह अस्थिरता आई है।
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5 और 6 अप्रैल को मिलेगी फौरी राहत: प्रयागराज समेत कई जिलों में रातभर चली तेज आंधी के बाद रविवार सुबह मौसम साफ हो गया है और तेज धूप निकली है। मौसम विभाग के अनुसार, आज (5 अप्रैल) और कल (6 अप्रैल) राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना है। इस दौरान 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। धूप निकलने से किसानों को अपनी बची हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का एक छोटा सा अवसर मिला है।
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7 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम, पश्चिमी यूपी में 'ऑरेंज अलर्ट': लेकिन यह राहत महज चंद घंटों की है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 7 अप्रैल से मौसम का मिजाज फिर से भयानक रूप ले सकता है। एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है जिसका सीधा और सबसे ज्यादा असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों पर पड़ेगा।
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मेरठ, बिजनौर, मुज़फ्फरनगर, गाज़ियाबाद, मुरादाबाद और बरेली का विशेष अलर्ट: इन जिलों के लोगों और किसानों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। 7 अप्रैल से इन सभी पश्चिमी जिलों (मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली आदि) में आसमान में काले और घने बादल छा जाएंगे। यहाँ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, आकाशीय बिजली चमकने और हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने का प्रबल अनुमान है। कुछ इलाकों में छिटपुट ओलावृष्टि भी हो सकती है।
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बारिश और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे मौसम में फिर से ठंडक लौट आएगी। मौसम का यह खराब मिजाज 9 अप्रैल तक ऐसे ही बने रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित और पक्के स्थानों पर ही रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें, और किसान भाई अपनी कटी हुई फसलों को अगले 48 घंटों के भीतर ही तिरपाल या सुरक्षित गोदामों में ढककर रख लें ताकि और अधिक आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।