अमरोहा (Amroha). उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले (Amroha District) में महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) के पावन अवसर पर माहौल बिगाड़ने की एक बड़ी कोशिश सामने आई है। जिले के छेबड़ा बाईपास (Chebda Bypass) स्थित एक शिव मंदिर के पास आराम कर रहे कांवड़ियों पर पथराव (Stone Pelting on Kanwariyas) की घटना ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।READ ALSO:-मेरठ में 'रफ़्तार' और 'सियासत' का महाकुंभ: 22 फरवरी को PM मोदी करेंगे नमो भारत और मेट्रो का भव्य आगाज, मिशन 2027 का होगा शंखनाद
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यह घटना तब घटी जब हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे शिव भक्त मंदिर परिसर में विश्राम कर रहे थे। आरोप है कि पास में चल रही एक जन्मदिन की पार्टी (Birthday Party) के दौरान दूसरे समुदाय के युवकों ने कांवड़ियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद विवाद इतना बढ़ा कि पथराव शुरू हो गया। इस हिंसक झड़प में एक पुलिस सिपाही और पांच अन्य लोग घायल हो गए हैं।
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मौके की नजाकत को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसएसपी अमित कुमार आनंद (SSP Amit Kumar Anand) ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
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विस्तार से जानिए: आखिर छेबड़ा में हुआ क्या था?
\r\n\r\nरविवार की शाम, जब पूरा देश शिव भक्ति में लीन था, अमरोहा का छेबड़ा बाईपास अचानक सायरनों की आवाज से गूंज उठा। मिली जानकारी के मुताबिक, हरिद्वार से जल लेकर लौटे कांवड़ियों का एक जत्था छेबड़ा बाईपास स्थित शिव मंदिर पर रुका हुआ था। मंदिर में भंडारे का आयोजन भी चल रहा था, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
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विवाद की जड़: जन्मदिन पार्टी और वीडियो रिकॉर्डिंग कांवड़ियों का आरोप है कि मंदिर से महज 50 मीटर की दूरी पर एक समुदाय विशेष के कुछ युवक जन्मदिन की पार्टी मना रहे थे। पार्टी में शोर-शराबा हो रहा था। आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद कुछ युवकों ने मंदिर की ओर इशारा करते हुए कांवड़ियों पर फब्तियां कसीं और आपत्तिजनक कमेंट्स किए।
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जब शिव भक्तों ने इसका विरोध किया, तो दूसरे पक्ष के युवक मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। वीडियो बनाने को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई।
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पुलिस पर भी हमला, सिपाही घायल
\r\n\r\nप्रत्यक्षदर्शियों और कांवड़ियों के अनुसार, शुरुआत में विवाद करने वाले युवकों की संख्या कम थी। लेकिन जैसे ही बहस बढ़ी, आरोपियों ने फोन करके अपने साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में वहां भीड़ जमा हो गई और उन्होंने मंदिर परिसर व कांवड़ियों पर ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया।
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अचानक हुए पथराव से वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन उपद्रवियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में भी पथराव जारी रखा। बीच-बचाव करने के दौरान एक पुलिसकर्मी (सिपाही) को भी चोटें आईं। इसके अलावा 5 अन्य लोग (जिनमें कांवड़िए और स्थानीय लोग शामिल हैं) घायल हो गए।
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पुलिस अधिकारियों का बयान और कार्रवाई
\r\n\r\nघटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी अभिषेक कुमार यादव (CO City Abhishek Kumar Yadav) और अमरोहा नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर पंकज तुरंत फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
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सीओ सिटी अभिषेक कुमार यादव ने बताया:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"बोलना छेबड़ा में भंडारा लगा हुआ था। दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा शिकायत की गई कि मारपीट की गई है। पुलिस के पहुंचने पर पता लगा कि एक व्यक्ति की ओर से वहां पर वीडियो बनाई जा रही थी, जिसके बाद वहां पर मारपीट की गई। तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। वहीं तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।"\r\n
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पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
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एसएसपी अमित कुमार आनंद का सख्त रुख
\r\n\r\nअमरोहा के एसएसपी अमित कुमार आनंद (SSP Amit Kumar Anand) ने घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने मौके का मुआयना किया और मातहतों को सख्त निर्देश दिए।
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एसएसपी ने मीडिया से बातचीत में कहा:
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\r\n\r\n\r\n"मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल स्थिति सामान्य है और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।"\r\n
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पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) की मदद से पत्थरबाजों की पहचान कर रही है। प्रशासन का कहना है कि माहौल खराब करने वाले अराजक तत्वों पर गैंगस्टर एक्ट जैसी सख्त धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।
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अमरोहा में कांवड़ियों पर पथराव: सुरक्षा में चूक या साजिश?
\r\n\r\nमहाशिवरात्रि (Mahashivratri) के पर्व पर पुलिस-प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजामों का दावा किया था। कांवड़ मार्गों पर ड्रोन से निगरानी की बात कही गई थी। इसके बावजूद, मंदिर के इतने करीब इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है।
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- \r\n इंटेलिजेंस फेलियर: क्या स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) को इस बात की भनक नहीं थी कि संवेदनशील इलाके में भीड़ जमा हो सकती है?\r\n \r\n
- \r\n पीसीआर की अनुपस्थिति: जब मंदिर पर भंडारा चल रहा था और कांवड़िए रुके हुए थे, तो वहां पहले से पुलिस पिकेट मौजूद क्यों नहीं थी?\r\n \r\n
- \r\n सुनियोजित हमला? कांवड़ियों का आरोप है कि जिस तरह से भीड़ अचानक इकट्ठा हुई और पथराव शुरू हुआ, वह किसी सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है। हालांकि, पुलिस अभी इसे दो पक्षों के बीच का तात्कालिक विवाद मान रही है।\r\n \r\n
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पश्चिमी यूपी में संवेदनशीलता
\r\n\r\nपश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP), विशेषकर अमरोहा, बिजनौर, मेरठ और मुजफ्फरनगर जैसे जिले कांवड़ यात्रा के दौरान बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। यहां पहले भी छोटी-छोटी बातों पर सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं हो चुकी हैं। यही कारण है कि योगी सरकार ने कांवड़ यात्रा को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाई है।
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इस घटना के बाद अमरोहा पुलिस ने शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी गश्त बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई भ्रामक वीडियो या पोस्ट शेयर करके माहौल को और खराब न कर सके।
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कांवड़ यात्रा और सामाजिक सौहार्द
\r\n\r\nकांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक रही है। कई जगहों पर दूसरे समुदाय के लोग कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करते और उनके लिए शिविर लगाते देखे गए हैं। ऐसे में छेबड़ा बाईपास जैसी घटनाएं उस भाईचारे की भावना को ठेस पहुंचाती हैं।
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स्थानीय बुद्धिजीवियों और धर्मगुरुओं ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमें उनके बहकावे में नहीं आना चाहिए।
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घटनाक्रम: एक नजर में
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- \r\n स्थान: छेबड़ा बाईपास, अमरोहा।\r\n \r\n
- \r\n समय: रविवार शाम (महाशिवरात्रि)।\r\n \r\n
- \r\n घटना: शिव मंदिर के पास कांवड़ियों पर पथराव।\r\n \r\n
- \r\n कारण: जन्मदिन पार्टी में आपत्तिजनक टिप्पणी और वीडियो बनाना।\r\n \r\n
- \r\n घायल: 1 पुलिसकर्मी, 5 अन्य।\r\n \r\n
- \r\n गिरफ्तारी: 3 आरोपी गिरफ्तार।\r\n \r\n
- \r\n अधिकारी: एसएसपी अमित कुमार आनंद, सीओ अभिषेक कुमार यादव मौके पर।\r\n \r\n
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क्या है पुलिस की आगे की रणनीति?
\r\n\r\nपुलिस अब दो मोर्चों पर काम कर रही है:
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- \r\n दोषियों की धरपकड़: वीडियो फुटेज और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य पत्थरबाजों की तलाश जारी है। पुलिस ने रात में ही कई जगहों पर दबिश दी है।\r\n \r\n
- \r\n शांति व्यवस्था: छेबड़ा और आसपास के गांवों में फ्लैग मार्च (Flag March) निकाला जा रहा है ताकि लोगों में सुरक्षा का भाव बना रहे और कोई भी अफवाह न फैला सके।\r\n \r\n
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अमरोहा में कांवड़ियों पर पथराव (Amroha mein Kanwariyon par pathrav) की यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। जहां एक तरफ भक्त आस्था में लीन थे, वहीं दूसरी तरफ कुछ असामाजिक तत्वों ने कानून को हाथ में लेने की कोशिश की। पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए एक सबक है कि त्यौहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में और अधिक चौकसी की जरूरत है। उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजेगी और न्याय सुनिश्चित करेगी।
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अमरोहा जिले के छेबड़ा बाईपास पर महाशिवरात्रि के दिन शिव मंदिर के पास कांवड़ियों पर पथराव की घटना सामने आई है। जन्मदिन की पार्टी के दौरान वीडियो बनाने और टिप्पणियों को लेकर शुरू हुए विवाद में एक सिपाही और 5 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और एसएसपी अमित कुमार आनंद ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मौके पर स्थिति अब सामान्य है।
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