खबरीलाल डेस्क
अमरोहा (Amroha Bizarre News): आपने आज तक कई अजीबोगरीब शादियों के किस्से सुने होंगे, लेकिन उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से जो मामला सामने आया है, वह किसी फिल्मी कहानी से भी ज्यादा चौंकाने वाला है। आज के डिजिटल युग में 'सोशल मीडिया रील्स' (Reels) का नशा युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। इसी रील की दुनिया में मशहूर होने की चाहत ने अमरोहा की तीन सगी बहनों को एक ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, जिसकी चर्चा आज पूरे देश में हो रही है।Read also:-सिर्फ 10 रुपये ने ले ली 10 साल की मासूम की जान! शिक्षकों की बेरहम पिटाई और अपमान से आहत होकर चौथी क्लास की छात्रा ने लगाया मौत को गले
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इन तीनों सगी बहनों ने किसी और से नहीं, बल्कि अपने वीडियो शूट करने वाले 'कैमरामैन' (Cameraman) से एक साथ, एक ही समय पर शादी रचा ली है। इस बहुविवाह (Polygamy) का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इलाके में हड़कंप मच गया। आइए इस पूरे विवादित घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं।
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कैमरामैन ने बारी-बारी से दुल्हनों की मांग भरी।
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रील लाइफ का 'नकली पति' कैसे बन गया 'असली दूल्हा'?

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यह पूरा हैरान करने वाला मामला अमरोहा जिले के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धौरिया गांव का है। गांव की रहने वाली तीन सगी बहनें— सरोज (20 वर्ष), सावित्री (19 वर्ष) और संतोष (18 वर्ष) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी मशहूर हैं।
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ये तीनों बहनें नियमित रूप से इंस्टाग्राम (Instagram) और फेसबुक (Facebook) पर अपनी एक्टिंग और डांस की रील्स बनाकर पोस्ट करती हैं। इनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनके इंस्टाग्राम पर 4.69 लाख और फेसबुक पर 84 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
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इनकी वीडियो शूट करने का काम पास के ही श्यामपुरी गांव का रहने वाला विकास उर्फ विक्कू नामक युवक करता था। विकास सिर्फ कैमरामैन ही नहीं था, बल्कि वह पिछले 6 महीने से इन बहनों की रील्स में 'पति' (Husband) का किरदार भी निभा रहा था। कैमरे के सामने पति-पत्नी का नाटक करते-करते, अचानक इन्होंने इस नाटक को हकीकत में बदलने का फैसला कर लिया।
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चामुंडा माता मंदिर में लिए गुपचुप फेरे, बारी-बारी से भरी मांग

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जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को इन तीनों बहनों ने विकास के साथ मिलकर एक गुप्त योजना बनाई। चारों चुपचाप इलाके के प्रसिद्ध चामुंडा माता मंदिर पहुंचे। वहां जाकर इन्होंने भगवान की मूर्ति और अग्नि को साक्षी मानकर फेरे लिए।
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हैरत की बात यह रही कि दूल्हे विकास ने बारी-बारी से तीनों सगी बहनों (सरोज, सावित्री और संतोष) की मांग में सिंदूर भरा और उन्हें अपनी पत्नी स्वीकार कर लिया। इस शादी के दौरान दोनों पक्षों (लड़के और लड़कियों) के परिवार का कोई भी सदस्य या रिश्तेदार मौजूद नहीं था।
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मंदिर में नहीं था कोई पुजारी:

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जब यह वीडियो वायरल हुआ तो मंदिर प्रबंधन पर भी सवाल उठे। इस पर सफाई देते हुए मंदिर प्रबंधक डॉ. शिवचरण दास ने स्पष्ट किया कि, "घटना के समय मंदिर परिसर में जीर्णोद्धार (Renovation) का काम चल रहा था। वहां कोई भी अधिकृत पुजारी मौजूद नहीं था। इन युवाओं ने खुद ही छुपकर यह कृत्य किया है।"
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बीटेक की छात्रा है बड़ी बहन, दूल्हा कर रहा LLB की तैयारी

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इस मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात इन युवाओं की शैक्षणिक पृष्ठभूमि (Educational Background) है। अक्सर माना जाता है कि अशिक्षा के कारण लोग ऐसे कदम उठाते हैं, लेकिन यहाँ कहानी बिल्कुल उल्टी है।
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सबसे बड़ी बहन सरोज (20) बीटेक (B.Tech) सेकंड ईयर की छात्रा है।
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मंझली बहन सावित्री (19) और सबसे छोटी संतोष (18) ने 12वीं की परीक्षा पास कर ली है।
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तीनों बहनों ने पति विकास की पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
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वहीं, इन तीनों का एक इकलौता दूल्हा 'विकास' भी इसी साल 12वीं पास कर LLB (कानून की पढ़ाई) की तैयारी कर रहा है।
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कानून की पढ़ाई करने की चाहत रखने वाले युवक द्वारा इस तरह एक साथ तीन बहनों से शादी करना कानूनी विशेषज्ञों को भी हैरान कर रहा है।
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हिंदू संगठनों का फूटा गुस्सा, कहा- "यह सनातन धर्म का अपमान है"

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जैसे ही बुधवार शाम को इस अनोखी शादी का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, अमरोहा के स्थानीय हिंदूवादी संगठनों और व्यापार मंडल के नेताओं में भारी आक्रोश फैल गया।
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व्यापारी नेता मुकेश गुप्ता और अन्य हिंदू संगठनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए इसे सनातन धर्म (Sanatan Dharma) और हिंदू विवाह की पवित्र मर्यादाओं का खुला उल्लंघन बताया है। संगठनों का कहना है कि यह 'पब्लिसिटी स्टंट' और फॉलोअर्स बढ़ाने की एक घटिया चाल है, जो समाज में गलत संदेश दे रही है। उन्होंने चारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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विरोध पर उतरीं दुल्हनें: दिया 'राजा दशरथ' का बेतुका उदाहरण

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जब हिंदू संगठनों का विरोध तेज हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा, तो तीनों बहनों ने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो जारी कर अपना रुख साफ किया।
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बहनों ने अपने बचाव में जो तर्क दिया, वह बेहद अजीब था। उनका कहना था कि, "हम तीनों बहनें बचपन से एक साथ पली-बढ़ी हैं। हमारे घरवाले हमारी शादी अलग-अलग जगह तय करने की कोशिश कर रहे थे। हम एक-दूसरे से अलग नहीं होना चाहती थीं, इसलिए हमने एक ही दूल्हे से एक साथ शादी करने का फैसला किया।"
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विरोध करने वालों पर पलटवार करते हुए बीटेक की छात्रा सरोज ने रामायण काल का जिक्र करते हुए कहा, "पुराने जमाने में राजा दशरथ की भी तीन रानियां (कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा) थीं। क्या तब वह अपमान हो गया था? हम तीनों बहनें बालिग (Adult) हैं, अपनी मर्जी से साथ में बहुत खुश हैं, तो इसमें दूसरों को क्या आपत्ति है?"
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क्या कहता है कानून और क्या कर रही है पुलिस? (Legal Angle & Police Action)

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यह मामला अब पुलिस के पाले में है। हसनपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, "शादी करने वाले चारों युवक-युवतियों ने पुलिस को बयान दिया है कि वे सभी बालिग हैं और उन्होंने अपनी स्वेच्छा से मंदिर में विवाह किया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।"
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कानूनी पेंच (The Legal Reality):

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भले ही तीनों बहनें खुद को बालिग बताकर इस शादी को जायज ठहरा रही हों, लेकिन हिंदू विवाह अधिनियम 1955 (Hindu Marriage Act 1955) के तहत यह शादी पूरी तरह से गैर-कानूनी (Void) है। हिंदू धर्म में 'बहुविवाह' (Polygamy - एक से अधिक पत्नियां रखना) कानूनी रूप से अपराध है। जब तक पहली पत्नी जीवित है या कानूनी तौर पर तलाक नहीं हुआ है, तब तक कोई भी हिंदू पुरुष दूसरी या तीसरी शादी नहीं कर सकता।
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अमरोहा की यह घटना दिखाती है कि सोशल मीडिया की 'वर्चुअल दुनिया' (Virtual World) और रातों-रात वायरल होने की दीवानगी युवाओं को किस कदर अंधा कर रही है। राजा दशरथ का उदाहरण देकर एक गैर-कानूनी कृत्य को सही ठहराने की कोशिश समाज के लिए एक गहरी चिंता का विषय है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अमरोहा पुलिस और प्रशासन इस अनोखे मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाता है।